क्या किताबों से ज्यादा महत्वपूर्ण है असली अभ्यास एक्टिंग में? : सौंदर्या शर्मा
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मुंबई, 14 जून (राष्ट्र प्रेस)। क्या किताबों से ज्यादा महत्वपूर्ण है असली अभ्यास एक्टिंग में? 'हाउसफुल 5' की एक्ट्रेस सौंदर्या शर्मा का मानना है कि अभिनय का सही तरीका असलियत में अभिनय करना है। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी किताबें पढ़ ली जाएं या चर्चाएं की जाएं, लेकिन अभिनय की गहराई और कौशल केवल अभ्यास से ही प्राप्त होता है।
सौंदर्या ने बताया कि उन्होंने थिएटर और सिनेमा दोनों में कार्य किया है और अपने अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में कार्यशाला की है। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका के लॉस एंजेलिस में ली स्ट्रासबर्ग थिएटर में अध्ययन किया और वहां एनवाईएफए से एक्टिंग का कोर्स भी किया है।
सौंदर्या ने कहा कि वह अभी भी इंडस्ट्री में सीख रही हैं कि काम कैसे होता है। उन्होंने कहा, "थिएटर और सिनेमा में काम करने का तरीका भिन्न होता है। थिएटर में आपको दर्शकों के अंतिम कतार में बैठे लोगों तक अपनी बात पहुंचानी होती है। वहां हर भावना और किरदार को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना होता है।"
उन्होंने आगे कहा, "भावनाएं वही होती हैं, लेकिन उन्हें प्रदर्शित करने का तरीका अलग होता है। 'हाउसफुल 5' में ज्यादा विविध भावनाएं नहीं हैं, लेकिन यहां खुशी और मस्ती का माहौल है, जो रोजमर्रा की जिंदगी में होता है। जब मैं और काम करूंगी, तो बहुत कुछ सीखूंगी। अभिनय असलियत में करने से आता है, और यह मेरी राय है।"
इससे पहले सौंदर्या ने बताया था कि उनके लिए 'लाल परी' का खिताब क्या अर्थ रखता है। उन्होंने कहा, "जब कोई अचानक कहता है, 'अरे देखो, लाल परी सौंदर्या', तो यह सुनकर अच्छा लगता है। इस टाइटल ने मुझे नई पहचान दी है।"
जब उनके 'लाल परी' टाइटल की तुलना मलाइका अरोड़ा की 'मुन्नी बदनाम' और कैटरीना कैफ की 'शीला की जवानी' से की गई, तो उन्होंने कहा, "आप जिन कलाकारों की बात कर रहे हैं, वे मेरी सीनियर्स हैं। उनसे मेरी तुलना होना बहुत बड़ी बात है। मेरा सफर अभी शुरू हुआ है। मैं और बेहतर काम करना चाहती हूं ताकि मुझे लोगों का प्यार मिलता रहे।"