'दर्द-ए-डिस्को' का राज़ खुला: सुखविंदर सिंह ने बताया राग और रॉक के अनोखे संगम की कहानी
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड के सबसे यादगार ट्रैक्स में शुमार 'दर्द-ए-डिस्को' की असली ताकत क्या है — यह राज़ अब गायक सुखविंदर सिंह ने खुद उजागर किया है। 15 जून को टीवी रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' में विशेष अतिथि के रूप में पहुँचे सुखविंदर ने बताया कि फिल्म 'ओम शांति ओम' का यह सुपरहिट गाना भारतीय शास्त्रीय संगीत के राग और आधुनिक रॉक संगीत के दुर्लभ संगम पर टिका है, जिसे गाना उतना ही कठिन है जितना यह सुनने में सरल लगता है।
मुख्य खुलासा: राग और रॉक का अनोखा मेल
सुखविंदर सिंह ने शो में कहा, 'इस गाने को तैयार करने के दौरान म्यूजिक की दुनिया के दो बिल्कुल अलग पहलुओं को जोड़ा गया था। एक तरफ भारतीय शास्त्रीय संगीत का राग था और दूसरी तरफ मॉडर्न म्यूजिक का रॉक था। ऐसे कंपोजिशन गाने को समय से आगे ले जाते हैं और उसे खास बनाते हैं।' गौरतलब है कि इस तरह का फ्यूज़न बॉलीवुड में विरला ही देखने को मिलता है, जहाँ शास्त्रीय अलाप और इलेक्ट्रिक रॉक एनर्जी एक साथ काम करें।
अलाप की तैयारी: हर परफॉर्मेंस से पहले की रियाज़
सुखविंदर ने बताया कि गाने का शुरुआती अलाप उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा रहा है। उनके शब्दों में, 'जब भी मैं इस गाने को सुनता हूं तो हमेशा इसका शुरुआती अलाप याद रहता है। इस अलाप को सही तरीके से गाने के लिए मैंने काफी प्रैक्टिस की थी। हर बार परफॉर्मेंस से पहले मैं उस हिस्से की तैयारी जरूर करता हूं, ताकि कोई कमी न रह जाए।' यह बयान उस अनुशासन की झलक देता है जो एक शीर्ष पार्श्वगायक के पेशे में ज़रूरी होती है।
रचना की चुनौती और रोमांच
सुखविंदर ने तैयारी के दौर को याद करते हुए कहा, 'इस गाने की तैयारी के दौरान मैं अकेले बैठकर प्रैक्टिस करता था और संगीत निर्देशकों से लगातार सीखता रहता था। उस समय मुझे पहली बार पूरा गाना एक खास राग पर आधारित होकर गाना था, लेकिन उसमें एनर्जी और डांस का भी पूरा ध्यान रखना था। यह कंपोजिशन मेरे लिए चुनौतीपूर्ण लेकिन रोमांचक था।' यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में शास्त्रीय संगीत की वापसी को लेकर नई बहस छिड़ी हुई है।
बोलों की तारीफ: शब्दों ने भी बनाया गाने को अमर
गाने के बोलों पर भी सुखविंदर ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'गाने के बोल काफी अलग और अनोखे हैं। ऐसे बोल गाने को और भी ज्यादा यादगार बनाते हैं और दर्शकों के साथ एक अलग जुड़ाव पैदा करते हैं।' इस तरह के अनूठे बोल ही 'दर्द-ए-डिस्को' को दो दशक बाद भी प्रासंगिक बनाए रखते हैं।
इंडियन आइडल का माहौल: जज और कंटेस्टेंट भी झूमे
शो में सुखविंदर सिंह कंटेस्टेंट चैतन्य देवाधे की परफॉर्मेंस से विशेष रूप से प्रभावित हुए। इस उत्साह में जज विशाल ददलानी और श्रेया घोषाल सहित अन्य प्रतिभागी भी डांस करने लगे। 'इंडियन आइडल' शो सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन पर प्रसारित होता है और सोनी लिव पर भी उपलब्ध है। आने वाले एपिसोड में इस तरह के और संगीत किस्सों की उम्मीद दर्शकों को बनी रहेगी।