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अथिया शेट्टी का बॉलीवुड सफर: पिता सुनील शेट्टी की सख्त परवरिश से न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी तक

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अथिया शेट्टी का बॉलीवुड सफर: पिता सुनील शेट्टी की सख्त परवरिश से न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी तक

सारांश

सुनील शेट्टी ने बच्चों को सेट पर जाने, फ़िल्म मैगज़ीन पढ़ने तक से रोका — मगर अथिया ने एयरपोर्ट पर ही अपना इरादा बदला, अकेले न्यूयॉर्क गईं और फिल्म अकादमी से डिग्री लेकर 2015 में 'हीरो' से बॉलीवुड में उतरीं। यह कहानी है एक अनुशासित परवरिश और एक अटल सपने की।

मुख्य बातें

अथिया शेट्टी का जन्म 5 नवंबर 1992 को मुंबई में हुआ; पिता सुनील शेट्टी और माँ माना शेट्टी ।
सुनील शेट्टी ने बच्चों को फ़िल्म सेट पर जाने और घर में फ़िल्म मैगज़ीन रखने पर सख्त पाबंदी लगाई।
बच्चों को अंतरराष्ट्रीय/अमेरिकन बोर्ड के स्कूलों में पढ़ाया ताकि 'स्टार किड' का मानसिक दबाव न पड़े।
अथिया ने मात्र 10-12 साल की उम्र से 'सेव द चिल्ड्रन इंडिया' के साथ सामाजिक कार्य शुरू किया।
एयरपोर्ट पर फ़ैसला बदलकर वे न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी से फिल्ममेकिंग और लिबरल आर्ट्स में स्नातक बनीं।
2015 में फ़िल्म 'हीरो' से बॉलीवुड में आधिकारिक डेब्यू।

बॉलीवुड अभिनेत्री अथिया शेट्टी का फ़िल्मी दुनिया में आना उतना सीधा नहीं था जितना आम तौर पर 'स्टार किड' के बारे में माना जाता है। उनके पिता, अभिनेता सुनील शेट्टी, ने जानबूझकर अपने बच्चों को मुंबई के ग्लैमरस माहौल और फ़िल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध से दूर रखा — एक ऐसा फ़ैसला जो उन्होंने खुद एक पॉडकास्ट में साझा किया था। इस परवरिश के बावजूद अथिया ने अंततः अभिनय को ही अपना करियर चुना।

फ़िल्म इंडस्ट्री से दूर रखने वाली परवरिश

5 नवंबर 1992 को मुंबई में जन्मी अथिया शेट्टी को उनकी माँ माना शेट्टी — जो एक फैशन डिज़ाइनर और समाज सेविका हैं — ने जानबूझकर जुहू और बांद्रा जैसे फ़िल्मी इलाक़ों से दूर दक्षिण मुंबई के अल्टमाउंट रोड इलाक़े में पाला। घर में फ़िल्म मैगज़ीन लाने पर पाबंदी थी और बच्चों को पिता के फ़िल्म सेट पर जाने की इजाज़त नहीं थी।

सुनील शेट्टी का स्पष्ट मानना था कि फ़िल्म इंडस्ट्री की गॉसिप, अफ़वाहें और मीडिया ट्रायल बच्चों के मानसिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं। वे चाहते थे कि अथिया और उनके भाई अहान शेट्टी बिना किसी सेलिब्रिटी दबाव के अपनी स्वतंत्र पहचान बनाएँ।

अंतरराष्ट्रीय स्कूल का सोचा-समझा चुनाव

सुनील शेट्टी ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि उन्होंने अपने बच्चों को भारतीय बोर्ड के बजाय अंतरराष्ट्रीय/अमेरिकन बोर्ड के स्कूलों में इसलिए पढ़ाया ताकि वहाँ के शिक्षक और स्टाफ़ — जो भारतीय सिनेमा से अनजान थे — उन्हें 'सुनील शेट्टी के बच्चे' के नज़रिए से न देखें। इस तरह बच्चों पर विशेष पहचान का कोई अनावश्यक मानसिक दबाव न पड़े।

समाज सेवा के संस्कार

फ़िल्मी दुनिया से दूरी के साथ-साथ अथिया को बचपन से ही सामाजिक ज़िम्मेदारी का पाठ पढ़ाया गया। मात्र 10-12 साल की उम्र से वे अपनी माँ और नानी की संस्था 'सेव द चिल्ड्रन इंडिया' के साथ जुड़कर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने और उनकी मदद करने का काम करती थीं। यह अनुभव उनके व्यक्तित्व की नींव बना।

एयरपोर्ट पर बदला मन, चुना फ़िल्मों का रास्ता

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अथिया ने उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका के अटलांटा में एक कॉलेज में दाख़िला लिया था, लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनका मन बदल गया। उन्होंने अपने पिता से कहा कि वे फ़िल्म इंडस्ट्री में जाना चाहती हैं।

इसके बाद अथिया अकेले न्यूयॉर्क पहुँचीं और वहाँ की प्रतिष्ठित न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी में दाख़िला लिया। वहाँ उन्होंने फिल्ममेकिंग और लिबरल आर्ट्स में स्नातक की डिग्री हासिल की।

बॉलीवुड में पहला क़दम

अकादमिक तैयारी के बाद अथिया शेट्टी ने 2015 में फ़िल्म 'हीरो' से बॉलीवुड में आधिकारिक रूप से क़दम रखा। यह देखना दिलचस्प है कि जिस फ़िल्मी दुनिया से उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की गई, उसी में उन्होंने ख़ुद की मर्ज़ी से प्रवेश किया — और इस बार पूरी तैयारी के साथ।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतनी ही मज़बूत अथिया की अपनी इच्छाशक्ति — उन्होंने एयरपोर्ट पर ही यू-टर्न लिया और पेशेवर प्रशिक्षण के साथ इंडस्ट्री में उतरीं। यह पैटर्न बताता है कि सेलेब्रिटी घरों में 'सामान्य बचपन' की चाहत और फ़िल्मी माहौल के बीच का तनाव आख़िरकार बच्चे की स्वायत्त पहचान को और पुख़्ता कर सकता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर सिर्फ़ 'स्टार किड' लेबल पर टिकी रहती है — असली कहानी उस तैयारी और चुनाव में है जो लाइमलाइट से दूर हुई।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील शेट्टी ने अपने बच्चों को फ़िल्मी दुनिया से दूर क्यों रखा?
सुनील शेट्टी नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे फ़िल्म इंडस्ट्री की गॉसिप, अफ़वाहें और मीडिया ट्रायल पढ़कर बड़े हों। वे उन्हें एक सामान्य और सुरक्षित बचपन देना चाहते थे ताकि वे अपनी खुद की पहचान बना सकें।
अथिया शेट्टी ने बॉलीवुड में कब और किस फ़िल्म से डेब्यू किया?
अथिया शेट्टी ने 2015 में फ़िल्म 'हीरो' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इससे पहले उन्होंने न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी से फिल्ममेकिंग और लिबरल आर्ट्स में स्नातक की डिग्री पूरी की।
अथिया शेट्टी ने न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी में कैसे दाख़िला लिया?
अथिया पहले अमेरिका के अटलांटा में एक कॉलेज में दाख़िला लेने वाली थीं, लेकिन एयरपोर्ट पर उनका मन बदल गया। उन्होंने पिता से फ़िल्म इंडस्ट्री में जाने की इच्छा ज़ाहिर की और अकेले न्यूयॉर्क जाकर न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी में दाख़िला लिया।
सुनील शेट्टी ने बच्चों को किस तरह के स्कूल में पढ़ाया और क्यों?
सुनील शेट्टी ने बच्चों को भारतीय बोर्ड के बजाय अंतरराष्ट्रीय/अमेरिकन बोर्ड के स्कूलों में इसलिए पढ़ाया ताकि वहाँ के शिक्षक भारतीय सिनेमा के स्टार्स से अनजान रहें। इससे बच्चों पर 'सुनील शेट्टी की बेटी/बेटे' होने का कोई मानसिक दबाव न पड़े।
अथिया शेट्टी ने बचपन में समाज सेवा कैसे शुरू की?
अथिया शेट्टी ने महज़ 10-12 साल की उम्र से अपनी माँ और नानी की संस्था 'सेव द चिल्ड्रन इंडिया' के साथ जुड़कर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने और उनकी सहायता करने का काम शुरू किया।
राष्ट्र प्रेस
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