टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 12वां आरोपी अमर हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार, 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए फायरिंग मामले में 31 अक्टूबर को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 12वें आरोपी अमर सुरेश मुण्डेडिया को हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहणा गांव से गिरफ्तार किया। मुंबई पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए अमर को मुंबई सेशंस कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मुख्य घटनाक्रम
जांच में सामने आया है कि अमर ने इस मामले में संदिग्ध ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन किए थे। पुलिस के अनुसार, पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी कुणाल ने अमर के बैंक खाते में ₹40,000 ट्रांसफर किए थे। इसके बाद अमर ने इस मामले की एक अन्य आरोपी राधा के खाते में ₹12,000 भेजे थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इन्हीं पैसों का कथित तौर पर इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने के लिए मोटरसाइकिल खरीदने और होटल के कमरे बुक करने में किया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अमर ने किसके निर्देश पर पैसे ट्रांसफर किए और फायरिंग की साजिश में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी।
आरोपी का नेटवर्क और कनेक्शन
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अमर और पहले से गिरफ्तार आरोपी कुणाल एक-दूसरे के परिचित थे और उनके बीच नियमित वित्तीय लेन-देन होता था। पुलिस इसी कड़ी को जोड़कर यह स्थापित करने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना के लिए धन का इंतजाम किस तरह और किसके इशारे पर किया गया। अमर की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 12 हो गई है।
18 अक्टूबर की घटना: पृष्ठभूमि
18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर उस समय फायरिंग हुई थी, जब वे एक फुटबॉल क्लब से बाहर निकल रहे थे। बाइक सवार दो हमलावरों ने उनकी कार पर कई राउंड गोलियां चलाईं। इस हमले में टाइगर बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति को चोटें आई थीं।
गौरतलब है कि घटना के बाद मुंबई पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की और एक के बाद एक आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि इसमें एक प्रमुख बॉलीवुड हस्ती को निशाना बनाया गया था।
आगे की जांच
अमर को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजे जाने के बाद जांच एजेंसी उससे विस्तार से पूछताछ करेगी। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए 11 आरोपी भी 6 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में हैं। पुलिस इन सभी ट्रांजैक्शन के स्रोत, उनके उपयोग और साजिश के सूत्रधारों की पहचान करने में जुटी है। आने वाले दिनों में पूछताछ से इस पूरे षड्यंत्र की परतें और खुलने की उम्मीद है।