रणबीर कपूर की उदारता से प्रभावित हुए जाहिद खान, 'रामायण' सेट पर सीखने का अनुभव साझा किया
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता जाहिद खान ने रणबीर कपूर के साथ नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित पौराणिक फिल्म 'रामायण' के सेट पर काम करने के अपने अनुभव का खुलासा किया है। जाहिद इस फिल्म में अंगद की भूमिका में नज़र आएंगे और उन्होंने बताया कि रणबीर कपूर की उदारता और समर्पण ने उन पर अमिट छाप छोड़ी।
सेट पर रणबीर कपूर का अंदाज़
जाहिद खान ने एक विशेष बातचीत में बताया कि रणबीर कपूर को फिल्म के सेट पर काम करते देखना अपने आप में एक अनूठा अनुभव था। उन्होंने कहा, 'उन्हें काम करते देखना अपने आप में एक सीखने जैसा अनुभव था। एक सीन के दौरान कैमरा किसी दूसरे अभिनेता पर फोकस था और रणबीर सर कैमरे के पीछे खड़े होकर उन्हें संकेत दे रहे थे, ताकि उनकी परफॉरमेंस और बेहतर हो सके। उन्हें ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं थी, लेकिन वे चाहते थे कि सीन और बेहतर बने। उनकी यही दरियादिली ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया। इससे मुझे उन दिनों की याद आ गई, जब दोस्त ऑडिशन के दौरान एक-दूसरे की मदद किया करते थे।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या रणबीर के साथ व्यक्तिगत बातचीत का मौका मिला, तो जाहिद ने कहा, 'ज्यादा नहीं। हमने साथ में कुछ सीन किए। मैं ज्यादातर उन्हें देखकर और उनसे सीखकर ही आगे बढ़ा।'
टाइपकास्टिंग की चिंता और 'रामायण' से मिली राहत
जाहिद खान ने स्वीकार किया कि अजमल कसाब का किरदार निभाने के बाद उन्हें इस बात की आशंका थी कि कहीं वे एक जैसी नकारात्मक भूमिकाओं तक ही सीमित न हो जाएं। हालांकि, 'रामायण' में अंगद का किरदार मिलने से यह चिंता काफी हद तक दूर हुई।
उन्होंने कहा, 'हां, मैं निश्चित रूप से चिंतित था। यही एक वजह थी कि शुरुआत में मैंने यह भूमिका स्वीकार करने में हिचकिचाहट दिखाई थी। लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि 'भारत भाग्य विधाता' के बाद मुझे 'रामायण' में काम करने का मौका मिला। मुझे सिर्फ खलनायक या आतंकवादी जैसे किरदार नहीं दिए गए, बल्कि अंगद जैसा बिल्कुल अलग किरदार निभाने का अवसर भी मिला। इससे मुझे भरोसा मिला कि अगर प्रशिक्षित कलाकारों को मौका दिया जाए, तो वे किसी भी तरह का किरदार निभा सकते हैं।'
अंगद की भूमिका की तैयारी
अंगद के किरदार की तैयारी के बारे में जाहिद ने बताया कि यह बदलाव उनके लिए अपेक्षाकृत सहज रहा, क्योंकि 'भारत भाग्य विधाता' की शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी।
उन्होंने कहा, 'सौभाग्य से 'भारत भाग्य विधाता' की शूटिंग खत्म हो चुकी थी। उसके बाद ही मैंने 'रामायण' पर काम शुरू किया। इससे एक किरदार से दूसरे किरदार में जाना आसान हो गया। अंगद के लिए हमने शारीरिक प्रशिक्षण लिया। हमने अपनी चाल-ढाल, बॉडी लैंग्वेज और किरदार की शारीरिक बनावट तथा व्यक्तित्व को समझने पर काम किया। हर भूमिका नई तैयारी की मांग करती है। एक किरदार पूरा होने के बाद आप अगले किरदार की दुनिया में प्रवेश करते हैं।'
नए अवतार में दर्शकों के सामने
हाल ही में अजमल कसाब जैसी नकारात्मक भूमिका निभाने वाले जाहिद खान अब नितेश तिवारी की 'रामायण' में बाली-पुत्र और साहसी वानर राजकुमार अंगद के रूप में एकदम नए अंदाज़ में दर्शकों के सामने आने के लिए तैयार हैं। यह फिल्म बॉलीवुड की सबसे बड़ी पौराणिक परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।