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अहमदाबाद सिविल अस्पताल ने 669 हीमोफीलिया मरीजों को ₹17 करोड़ का मुफ्त इलाज दिया

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अहमदाबाद सिविल अस्पताल ने 669 हीमोफीलिया मरीजों को ₹17 करोड़ का मुफ्त इलाज दिया

सारांश

अहमदाबाद सिविल अस्पताल ने 2025-26 में हीमोफीलिया के 669 मरीजों को ₹17 करोड़ से अधिक के महंगे क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन मुफ्त दिए — जीएमईआरएससीएल की केंद्रीकृत खरीद से संभव हुई यह पहल गुजरात के दुर्लभ रोग मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद सिविल अस्पताल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 669 हीमोफीलिया मरीजों को ₹17 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज दिया।
महंगे क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन — जो क्लॉटिंग फैक्टर 7, 8 या 9 की कमी को पूरा करते हैं — पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराए गए।
जीएमईआरएससीएल के माध्यम से बड़े पैमाने पर केंद्रीकृत खरीद से इन महंगी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
यह सुविधा केवल अहमदाबाद तक नहीं, बल्कि गुजरात के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भी दी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने इसे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य की संवेदनशील स्वास्थ्य नीति का उदाहरण बताया।

अहमदाबाद के सिविल अस्पताल ने वित्त वर्ष 2025-26 में हीमोफीलिया से पीड़ित 669 मरीजों को ₹17 करोड़ से अधिक मूल्य के क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराए। गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने इस पहल को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को आर्थिक रूप से कमजोर तबकों तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

क्या है यह विशेष कार्यक्रम

स्वास्थ्य मंत्री पंशेरिया ने बताया कि राज्य सरकार हीमोफीलिया जैसे गंभीर और दुर्लभ रक्तस्राव रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए एक विशेष कार्यक्रम चला रही है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अहमदाबाद सिविल अस्पताल में एक वर्ष के भीतर 669 मरीजों को जरूरी इंजेक्शन बिना किसी शुल्क के दिए गए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महंगे क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन केवल अहमदाबाद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गुजरात के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भी जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

खरीद कैसे होती है

पंशेरिया के अनुसार, हीमोफीलिया के उपचार में प्रयुक्त क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन अत्यंत महंगे होते हैं और अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इन्हें स्वयं खरीदने में असमर्थ हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने जीएमईआरएससीएल (गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के माध्यम से इन इंजेक्शनों की बड़े पैमाने पर केंद्रीकृत खरीद की व्यवस्था की है।

हीमोफीलिया: बीमारी को समझें

हीमोफीलिया एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है, जो शरीर में क्लॉटिंग फैक्टर 7, 8 या 9 की कमी के कारण उत्पन्न होती है। ये प्रोटीन रक्त को जमाने के लिए अनिवार्य होते हैं। इनकी अनुपस्थिति में मामूली चोट पर भी लंबे समय तक रक्तस्राव जारी रह सकता है या शरीर के भीतर स्वतः खून बहने की स्थिति बन सकती है।

डॉ. जोशी ने बताया कि मरीज के शरीर में जिस क्लॉटिंग फैक्टर की कमी होती है, उसी प्रोटीन को इंजेक्शन के ज़रिए पूरा किया जाता है। यह उपचार रक्तस्राव नियंत्रण और जीवन रक्षा में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होता है।

आम जनता पर असर

राज्य सरकार की इस नीति के चलते सिविल अस्पताल में उपचाररत सभी मरीजों को एक भी रुपया खर्च किए बिना यह महंगा इलाज मिल रहा है। डॉ. जोशी के अनुसार, इस विशेष कार्यक्रम ने पूरे वर्ष निरंतर और उन्नत उपचार उपलब्ध कराकर सैकड़ों हीमोफीलिया मरीजों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देशभर में दुर्लभ बीमारियों के इलाज की लागत आम परिवारों की पहुँच से बाहर होती जा रही है। गुजरात सरकार का यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति में एक उल्लेखनीय उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हीमोफीलिया जैसी दुर्लभ बीमारी के संदर्भ में यह असाधारण है — जहाँ एक मरीज के एक वर्ष के इलाज की लागत लाखों में हो सकती है। असली सवाल यह है कि क्या यह मॉडल राज्य के सभी जिलों तक समान रूप से पहुँच रहा है, या केवल अहमदाबाद जैसे बड़े केंद्रों तक सीमित है। जीएमईआरएससीएल की केंद्रीकृत खरीद व्यवस्था सही दिशा में है, परंतु ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में निदान और पहुँच की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है जिस पर सरकारी आँकड़े प्रायः चुप रहते हैं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद सिविल अस्पताल की हीमोफीलिया मुफ्त इलाज योजना क्या है?
यह गुजरात सरकार की एक विशेष स्वास्थ्य पहल है, जिसके तहत अहमदाबाद सिविल अस्पताल में हीमोफीलिया मरीजों को क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन निःशुल्क दिए जाते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत 669 मरीजों को ₹17 करोड़ से अधिक का इलाज मुफ्त मिला।
हीमोफीलिया क्या है और यह इतनी गंभीर बीमारी क्यों है?
हीमोफीलिया एक दुर्लभ आनुवंशिक रोग है जिसमें शरीर में क्लॉटिंग फैक्टर 7, 8 या 9 की कमी होती है, जिससे मामूली चोट पर भी रक्तस्राव नहीं रुकता। समय पर क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन न मिले तो यह जानलेवा हो सकता है।
गुजरात सरकार ये महंगे इंजेक्शन कैसे मुफ्त उपलब्ध करा पाती है?
सरकार ने जीएमईआरएससीएल (गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के माध्यम से इन इंजेक्शनों की बड़े पैमाने पर केंद्रीकृत खरीद की है, जिससे लागत कम होती है और आपूर्ति सुनिश्चित रहती है।
क्या यह मुफ्त इलाज केवल अहमदाबाद में मिलता है?
नहीं, स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया के अनुसार, क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अलावा गुजरात के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भी जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस योजना से किन परिवारों को सबसे अधिक फायदा होता है?
इस योजना का सबसे अधिक लाभ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलता है, जो क्लॉटिंग फैक्टर इंजेक्शन की अत्यधिक कीमत के कारण निजी बाजार से इन्हें खरीद पाने में असमर्थ हैं। सरकार की इस नीति से ऐसे परिवारों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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