पीएम-जेएवाई लाभ दिलाने के लिए AMC की अनूठी पहल: अस्पताल में भर्ती मरीज़ का आधार सुधरा
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) ने पीएम-जेएवाई (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) का लाभ ज़रूरतमंद मरीज़ों तक पहुँचाने के लिए एक सराहनीय पहल की है — अस्पताल में भर्ती उन मरीज़ों के लिए सीधे वार्ड में आधार नामांकन और सुधार सेवा उपलब्ध कराई जा रही है जो एनरोलमेंट सेंटर तक जाने में असमर्थ हैं। 6 जून 2026 को असरवा स्थित यूएन मेहता हॉस्पिटल में भर्ती 36 वर्षीय पार्थ नंदू पटेल के आधार कार्ड में यह सुधार सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे उन्हें पीएम-जेएवाई के तहत स्वास्थ्य लाभ मिलना संभव हो सका।
क्या है AMC की विशेष आधार सेवा
AMC का आधार विभाग वर्तमान में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 47 आधार कार्ड एनरोलमेंट सेंटर संचालित कर रहा है, जहाँ नए आधार नामांकन के साथ-साथ आवश्यक सुधार सेवाएँ भी दी जा रही हैं। इसके अलावा, दिव्यांगजन, अलग तरह से सक्षम व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर या अस्पताल में ही आधार सेवा देने के लिए एक विशेष व्यवस्था लागू की गई है।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे मिली मरीज़ को सेवा
गुजरात के आधार स्टेट ऑफ़िस ने पार्थ नंदू पटेल के परिवार का आवेदन निर्धारित ईमेल के माध्यम से AMC को अग्रेषित किया। आवेदन प्राप्त होते ही AMC के आधार विभाग ने तत्काल कार्रवाई की — ज़ोनल सुपरवाइज़र को व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए आवश्यक दस्तावेज़ों और प्रमाणों के सत्यापन का निर्देश दिया गया।
UIDAI की दिशानिर्देशों के अनुसार सभी प्रमाण सही पाए जाने के बाद, AMC के आधार विभाग का स्टाफ 6 जून को यूआईडी एनरोलमेंट किट लेकर यूएन मेहता हॉस्पिटल पहुँचा और आवेदक के आधार कार्ड का पंजीकरण एवं सुधार का कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न किया।
पीएम-जेएवाई से जुड़ाव क्यों ज़रूरी था
पार्थ नंदू पटेल को भारत सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड में आवश्यक सुधार अनिवार्य था। चूँकि वे अस्पताल में भर्ती थे और एनरोलमेंट सेंटर तक जाने की स्थिति में नहीं थे, इसलिए परिवार ने हॉस्पिटल एनरोलमेंट के लिए आवेदन किया। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में लाखों पात्र नागरिक दस्तावेज़ी खामियों के कारण सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते।
AMC की प्रतिबद्धता
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि वह दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को उनके निकटतम स्थान — घर या अस्पताल — पर आधार से जुड़ी सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। AMC का लक्ष्य है कि पीएम-जेएवाई जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक ज़रूरतमंद नागरिक तक समय पर पहुँचे।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह पहल शहरी स्थानीय निकायों की उस बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है जिसमें वे केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के 'लास्ट-माइल' क्रियान्वयन में सेतु का काम करते हैं। AMC की यह मॉडल पहल अन्य नगर निगमों के लिए भी अनुकरणीय हो सकती है, जहाँ अस्पताल में भर्ती मरीज़ों को दस्तावेज़ी कारणों से सरकारी योजनाओं से वंचित रहना पड़ता है।