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16वें भारतीय अंग दान दिवस पर अनुप्रिया पटेल: 2025 में रिकॉर्ड 20,138 प्रत्यारोपण, भारत विश्व में तीसरे स्थान पर

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16वें भारतीय अंग दान दिवस पर अनुप्रिया पटेल: 2025 में रिकॉर्ड 20,138 प्रत्यारोपण, भारत विश्व में तीसरे स्थान पर

सारांश

2025 में भारत में रिकॉर्ड 20,138 अंग प्रत्यारोपण हुए — 2013 की तुलना में चार गुना वृद्धि। 16वें अंग दान दिवस पर अनुप्रिया पटेल ने 'जुग जुग जियो अभियान' और ई-प्रत्यारोपण प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। भारत अब इस क्षेत्र में विश्व में तीसरे स्थान पर है।

मुख्य बातें

2025 में भारत में 20,138 अंग प्रत्यारोपण हुए — एक वर्ष में अब तक की सर्वाधिक संख्या।
यह 2013 के 4,990 प्रत्यारोपणों की तुलना में चार गुना और 2024 के 18,911 से 6.5% अधिक है।
कुल प्रत्यारोपण में भारत अब अमेरिका और चीन के बाद विश्व में तीसरे स्थान पर।
मृत दाता प्रत्यारोपण 2013 के 837 से बढ़कर 2025 में 3,526 हो गए।
2023 से अब तक 5 लाख से अधिक आधार-सत्यापित अंग दान संकल्प दर्ज।
NOTTO-ROTTO-SOTTO नेटवर्क अब 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैला।

नई दिल्ली में 3 अगस्त 2026 को 16वाँ भारतीय अंग दान दिवस राष्ट्रीय स्तर पर मनाया गया, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइज़ेशन (NOTTO) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश की अंग प्रत्यारोपण यात्रा के नए मील के पत्थर साझा किए गए और कई डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया गया।

मंत्री का संबोधन और मुख्य संदेश

सभा को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अंग दान करुणा का सबसे बड़ा उदाहरण है, जो अंग खराब होने की अंतिम अवस्था से जूझ रहे मरीजों को जीवन का दूसरा मौका देता है। उन्होंने दिवंगत अंग दाताओं और उनके परिवारों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया, जिनके निस्वार्थ निर्णयों ने लाखों लोगों को नया जीवन दिया।

मंत्री ने बताया कि 2023 में राष्ट्रीय डिजिटल प्रतिज्ञा पोर्टल शुरू होने के बाद से 5 लाख से अधिक आधार-सत्यापित अंग दान संकल्प दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका सकारात्मक प्रभाव देशभर में दिख रहा है।

रिकॉर्ड प्रत्यारोपण के आँकड़े

2025 में भारत में 20,138 अंग प्रत्यारोपण किए गए — जो एक वर्ष में अब तक की सर्वाधिक संख्या है। यह 2013 के 4,990 प्रत्यारोपणों की तुलना में चार गुना और 2024 के 18,911 की तुलना में 6.5% अधिक है।

कुल अंग प्रत्यारोपण की संख्या में भारत अब अमेरिका और चीन के बाद विश्व में तीसरे स्थान पर आ गया है। जीवित दाता से अंग प्रत्यारोपण में भारत की वैश्विक बढ़त बरकरार है। मृत दाता से प्रत्यारोपण भी 2013 के 837 से बढ़कर 2025 में 3,526 हो गए — यानी चार गुने से भी अधिक की वृद्धि।

नई पहलें और डिजिटल उपकरण

कार्यक्रम में अनुप्रिया पटेल ने 'जुग जुग जियो अभियान' का शुभारंभ किया — यह एक वर्षीय देशव्यापी जागरूकता अभियान है जिसका उद्देश्य अंग दान का संदेश हर समुदाय तक पहुँचाना है। इसके साथ ही 'ई-प्रत्यारोपण' प्लेटफॉर्म और नया NOTTO मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया।

ई-प्रत्यारोपण अस्पतालों, डॉक्टरों, दाताओं और प्राप्तकर्ताओं को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ेगा और पंजीकरण, प्रतीक्षा-सूची तथा अंग आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा। इसके अतिरिक्त 'राष्ट्रीय ब्रेन स्टेम डेथ सर्टिफिकेशन गाइडलाइंस' और 'स्वैप प्रत्यारोपण पर राष्ट्रीय गाइडलाइंस' भी जारी की गईं, जो देशभर में प्रक्रियाओं को एकरूपता देंगी।

स्वास्थ्य तंत्र का विस्तार

स्वास्थ्य सचिव पुण्या सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि NOTTO-ROTTO-SOTTO का नेटवर्क अब 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल चुका है। एम्स नई दिल्ली के अलावा 10 नए एम्स में किडनी प्रत्यारोपण शुरू हो चुका है। एम्स जोधपुर, भुवनेश्वर, पटना और ऋषिकेश में लिवर ट्रांसप्लांट और एम्स भोपाल में हार्ट ट्रांसप्लांट भी आरंभ हो गया है।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. लोवनीश जी. कृष्णा ने स्मरण कराया कि 3 अगस्त 1994 को एम्स में देश का पहला मृत व्यक्ति से अंग प्रत्यारोपण हुआ था — इसी ऐतिहासिक क्षण की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।

पुरस्कार और सम्मान

कार्यक्रम में राज्यों, अस्पतालों और चिकित्सा पेशेवरों को 'नेशनल ऑर्गन डोनेशन अवार्ड' प्रदान किए गए। सर्वाधिक मृतक दाताओं के लिए तमिलनाडु को 'बेस्ट स्टेट' और पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ को 'बेस्ट आरओटीटीओ' का सम्मान मिला। कार्यक्रम का समापन दिवंगत दाताओं को श्रद्धांजलि और उनके परिवारों के सम्मान के साथ हुआ।

यह ऐसे समय में आया है जब देश में अंग दान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन गलतफहमियाँ अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कोई भी प्रमुख धर्म अंग दान पर रोक नहीं लगाता — सभी धर्म करुणा, सेवा और जीवन बचाने का समर्थन करते हैं। आने वाले वर्षों में ई-प्रत्यारोपण और जुग जुग जियो अभियान इस अंतर को पाटने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

138 प्रत्यारोपण का आँकड़ा निस्संदेह उत्साहजनक है, लेकिन असली तस्वीर प्रतीक्षा-सूची से सामने आती है — लाखों मरीज़ अभी भी अंग के इंतज़ार में हैं और उनमें से कई की मृत्यु प्रतीक्षा के दौरान ही हो जाती है। मृत दाता दर में वृद्धि सकारात्मक है, परंतु यह अभी भी स्पेन जैसे देशों की तुलना में कहीं पीछे है जहाँ प्रति दस लाख जनसंख्या पर दाताओं की संख्या भारत से कई गुना अधिक है। ई-प्रत्यारोपण और जुग जुग जियो अभियान सही दिशा में कदम हैं, लेकिन तब तक परिणाम सीमित रहेंगे जब तक ब्रेन स्टेम डेथ की पहचान और प्रमाणन की दर जिला अस्पतालों के स्तर पर नहीं बढ़ती।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16वाँ भारतीय अंग दान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
भारतीय अंग दान दिवस प्रत्येक वर्ष 3 अगस्त को मनाया जाता है। इसी दिन 1994 में एम्स नई दिल्ली में देश का पहला मृत व्यक्ति से अंग प्रत्यारोपण हुआ था। यह दिवस उस ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में और अंग दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
2025 में भारत में कितने अंग प्रत्यारोपण हुए?
2025 में भारत में 20,138 अंग प्रत्यारोपण हुए, जो एक वर्ष में अब तक की सर्वाधिक संख्या है। यह 2024 के 18,911 प्रत्यारोपणों से 6.5% और 2013 के 4,990 से लगभग चार गुना अधिक है।
'जुग जुग जियो अभियान' क्या है?
'जुग जुग जियो अभियान' एक वर्षीय देशव्यापी जागरूकता अभियान है जिसे 3 अगस्त 2026 को अनुप्रिया पटेल ने लॉन्च किया। इसका उद्देश्य अंग दान का संदेश देश के हर समुदाय तक पहुँचाना और दान के प्रति गलतफहमियाँ दूर करना है।
ई-प्रत्यारोपण प्लेटफॉर्म क्या करेगा?
ई-प्रत्यारोपण एक डिजिटल नेटवर्क है जो अस्पतालों, डॉक्टरों, दाताओं और प्राप्तकर्ताओं को एक मंच पर जोड़ेगा। यह पंजीकरण, प्रतीक्षा-सूची और अंग आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाएगा।
अंग दान में भारत की वैश्विक स्थिति क्या है?
कुल अंग प्रत्यारोपण की संख्या में भारत अब अमेरिका और चीन के बाद विश्व में तीसरे स्थान पर है। जीवित दाता से अंग प्रत्यारोपण में भारत की वैश्विक बढ़त पहले से ही बरकरार है।
राष्ट्र प्रेस
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