बिक्रम योग: मानसिक तनाव से मुक्ति और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार
सारांश
Key Takeaways
- बिक्रम योग मानसिक तनाव को कम करता है।
- यह शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है।
- यह मांसपेशियों की ताकत और टोनिंग में सहायता करता है।
- डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करता है।
- दिल और रक्त संचार प्रणाली को मजबूत बनाता है।
नई दिल्ली, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आज के तेज रफ्तार जीवन में फिटनेस और मानसिक शांति दोनों की अत्यधिक आवश्यकता है। ऐसे में लोग योग की ओर आकर्षित हो रहे हैं और विभिन्न विधाओं का अनुसरण कर रहे हैं। इन सभी में बिक्रम योग एक विशेष स्थान रखता है, जिसे हॉट योगा भी कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लाभ तभी मिलते हैं जब इसे सही तरीके से और सावधानी बरतते हुए किया जाए।
बिक्रम योग शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार करता है। जब इसे लगभग 40 डिग्री सेल्सियस के गर्म कमरे में किया जाता है, तो शरीर तेजी से गर्म हो जाता है और मांसपेशियां लचीली हो जाती हैं। इससे कठिन आसनों को करना आसान हो जाता है और शरीर धीरे-धीरे अधिक लचीला बनता है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है जिन्हें जकड़न की समस्या होती है।
इसके अलावा, यह योग शरीर की सभी मांसपेशियों पर गहराई से कार्य करता है। बिक्रम योग में 26 आसनों की एक श्रृंखला होती है, जिसमें शरीर के लगभग हर हिस्से को सक्रिय किया जाता है। इससे मसल्स स्ट्रेंथ बढ़ता है और उनकी टोनिंग होती है। नियमित अभ्यास से लोग अपने शरीर को स्लिम और फिट महसूस करते हैं।
बिक्रम योग शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है, यानी यह विषैले तत्वों को बाहर निकालता है। इसके अतिरिक्त, यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी है। यह तनाव, चिंता और मानसिक दबाव को कम करने में सहायक होता है।
दिल और रक्त संचार प्रणाली के लिए भी यह योग लाभकारी है। गर्म वातावरण में व्यायाम करने से हार्ट रेट बढ़ता है, जिससे कार्डियोवस्कुलर सिस्टम मजबूत होता है। हालांकि, जिन लोगों को पहले से दिल या ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें इसे करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
इसकी प्रैक्टिस के लिए, बिक्रम योग को एक विशेष तापमान और नमी वाले कमरे में किया जाता है, जहां तापमान लगभग 40 डिग्री और 40 प्रतिशत ह्यूमिडिटी होती है। इसमें 26 निर्धारित आसन और 2 श्वास अभ्यास किए जाते हैं। हर आसन को एक निश्चित क्रम में दो बार किया जाता है।
शुरुआत करने वालों के लिए यह योग थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए इसे धीरे-धीरे अपनाना आवश्यक है। बिक्रम योग करने से पहले और बाद में पर्याप्त पानी पीना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि शरीर डिहाइड्रेशन से बचा रहे।