क्या दिल्ली एम्स में 13 महीनों में एक हजार से अधिक रोबोटिक सर्जरी हुई?

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क्या दिल्ली एम्स में 13 महीनों में एक हजार से अधिक रोबोटिक सर्जरी हुई?

सारांश

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने पिछले 13 महीनों में 1,000 से अधिक रोबोटिक सर्जरी कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की बढ़ती प्रवृत्ति का संकेत है। जानें, क्या हैं इसके लाभ और एम्स की पहलें!

Key Takeaways

  • 1,000 से अधिक रोबोटिक सर्जरी का रिकॉर्ड एम्स में स्थापित हुआ है।
  • रोबोटिक सर्जरी में कम खून बहने और तेजी से ठीक होने के लाभ हैं।
  • एम्स ने सोशियो-इकोनॉमिक बैकग्राउंड के मरीजों के लिए तकनीक को सुलभ बनाया है।
  • सर्जिकल डिपार्टमेंट में सौ से अधिक रेजिडेंट प्रशिक्षण ले रहे हैं।
  • रोबोटिक सर्जरी में डेडिकेटेड ओटी सुविधा उपलब्ध है।

नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने पिछले 13 महीनों में 1,000 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की है। इसकी जानकारी मंगलवार को एम्स की ओर से दी गई।

एम्स के सर्जिकल डिपार्टमेंट में रोबोटिक सर्जरी एक साल से भी पहले शुरू की गई थी ताकि कठिन सर्जिकल चुनौतियों का सामना किया जा सके।

एम्स ने एक बयान में कहा कि इस नवीनतम सर्जिकल रोबोट ने अब तक कई सर्जरी की हैं, जिनमें पैंक्रियाटिक ड्यूओडेनेक्टॉमी, गैस्ट्रेक्टोमी, एसोफेगेक्टॉमी, कोलेक्टॉमी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल मैलिग्नेंसी के लिए एंटीरियर रिसेक्शन, किडनी ट्रांसप्लांटेशन, और एंडोक्राइन ट्यूमर के लिए थायरॉइड, पैराथायरॉइड, एड्रेनल और पैंक्रियास का मिनिमली इनवेसिव रिसेक्शन जैसे हेपेटोबिलरी प्रोसिजर शामिल हैं।

दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे मेट्रोपॉलिटन शहरों के प्राइवेट अस्पतालों ने पिछले दस वर्षों में यूरोलॉजी और गायनेकोलॉजी जैसी स्पेशलिटी में रोबोटिक सिस्टम अपनाए हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में, खासकर जनरल सर्जरी के लिए, इन्हें अपनाना कम रहा है। एम्स पब्लिक हेल्थकेयर सेटअप में एडवांस्ड रोबोटिक कैपेबिलिटी लाकर इस कमी को पूरा कर रहा है, और यह सुनिश्चित कर रहा है कि विभिन्न सोशियो-इकोनॉमिक बैकग्राउंड के मरीजों को इस तकनीक का लाभ मिले।

डिपार्टमेंट के हेड प्रोफेसर सुनील चुंबर ने कहा कि एम्स एक शैक्षणिक संस्थान है। डिपार्टमेंट में सौ से अधिक सर्जिकल रेजिडेंट अपनी सर्जिकल ट्रेनिंग ले रहे हैं। सिस्टम के सफल इंस्टॉलेशन से हमारे रेजिडेंट डॉक्टरों को अपनी रेजिडेंसी पीरियड के दौरान इस नवीनतम तकनीक पर ट्रेनिंग लेने का पूरा मौका मिलेगा। इसने हमारे ट्रेनिंग करिकुलम को दुनिया के किसी भी प्रसिद्ध मेडिकल इंस्टीट्यूट के बराबर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के कई लाभ हैं, जिनमें खून का कम बहना, हॉस्पिटल में कम समय रहना और मरीजों का जल्दी ठीक होना शामिल हैं।

एम्स के सर्जरी डिपार्टमेंट के एडिशनल प्रोफेसर डॉ. मोहित जोशी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह एक नई प्रकार की तकनीक है और एम्स, जो भारत का नंबर वन संस्थान है, देश में किसी भी नई तकनीक या प्रगति में हमेशा सबसे आगे रहता है।

उन्होंने कहा कि हमारा अनुभव बहुत अच्छा रहा है, क्योंकि हमारे डिपार्टमेंट के लगभग सभी सर्जन रोबोटिक सर्जरी में प्रशिक्षित हैं और सक्रिय रूप से सर्जरी कर रहे हैं, क्योंकि हमारे डिपार्टमेंट के पास अपना सर्जिकल रोबोट है, इसलिए हमारे पास रोबोटिक प्रोसिजर के लिए विशेष रूप से एक डेडिकेटेड ओटी है।

Point of View

यह कहना उचित होगा कि दिल्ली एम्स की यह पहल न केवल सर्जरी में नवीनतम तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवा में समानता और गुणवत्ता को भी दर्शाती है।
NationPress
20/01/2026

Frequently Asked Questions

रोबोटिक सर्जरी के क्या लाभ हैं?
रोबोटिक सर्जरी के लाभ में खून का कम बहना, हॉस्पिटल में कम समय रहना और मरीजों का जल्दी ठीक होना शामिल हैं।
क्या एम्स में रोबोटिक सर्जरी सभी मरीजों के लिए उपलब्ध है?
हाँ, एम्स विभिन्न सोशियो-इकोनॉमिक बैकग्राउंड के मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है।
एम्स में रोबोटिक सर्जरी कब से शुरू हुई?
एम्स में रोबोटिक सर्जरी एक साल से भी पहले शुरू की गई थी।
क्या सभी सर्जन रोबोटिक सर्जरी में प्रशिक्षित हैं?
हाँ, हमारे डिपार्टमेंट के लगभग सभी सर्जन रोबोटिक सर्जरी में प्रशिक्षित हैं।
रोबोटिक सर्जरी में कौन से प्रमुख प्रोसिजर शामिल हैं?
पैंक्रियाटिक ड्यूओडेनेक्टॉमी, गैस्ट्रेक्टोमी, एसोफेगेक्टॉमी, कोलेक्टॉमी, आदि प्रमुख प्रोसिजर हैं।
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