क्या दिल की सेहत के लिए एंजियोग्राफी जरूरी है? जानिए यह टेस्ट और इसके सावधानियां

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क्या दिल की सेहत के लिए एंजियोग्राफी जरूरी है? जानिए यह टेस्ट और इसके सावधानियां

सारांश

दिल की सेहत का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जानें कैसे एंजियोग्राफी आपकी नसों की सेहत को जानने में मदद कर सकती है। इस परीक्षण के बारे में, इसकी प्रक्रिया और सावधानियों को जानकर अपनी सेहत को बेहतर बनाएं।

Key Takeaways

  • दिल की सेहत के लिए एंजियोग्राफी महत्वपूर्ण है।
  • परीक्षण प्रक्रिया सरल और प्रभावी होती है।
  • सावधानियों का पालन करना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हमारा दिल निरंतर कार्यरत रहता है और यह हमारे संपूर्ण शरीर में रक्त पंप करता है, जिससे हम जीवित रहते हैं। जब दिल सही से कार्य करता है, तब हम स्वस्थ अनुभव करते हैं, किन्तु अगर इसमें कोई समस्या उत्पन्न हो जाए, तो यह हमारे सम्पूर्ण स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसीलिए दिल की बीमारियों का समय पर पता लगाना अति आवश्यक है।

अभी के दौर में, चिकित्सक अक्सर एंजियोग्राफी की सलाह देते हैं, परंतु बहुत से लोग इस परीक्षण के बारे में जानकार नहीं हैं कि यह क्या है, किस प्रकार किया जाता है, और इसके बाद किन सावधानियों का पालन करना चाहिए।

एंजियोग्राफी एक परीक्षण है जो हमें यह बताता है कि हमारे शरीर की नसें और धमनियां कितनी स्वस्थ हैं। यदि दिल, मस्तिष्क या हाथ-पैर की नसों में कोई ब्लॉकेज हो, तो यह परीक्षण उसकी पहचान में सहायता करता है। जब किसी को सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई या बेचैनी का अनुभव होता है, तो डॉक्टर अक्सर इस परीक्षण की सलाह देते हैं। एंजियोग्राफी यह देखने का एक सरल तरीका है कि रक्त शरीर में सही तरीके से प्रवाहित हो रहा है या नहीं।

हालांकि, एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी अक्सर एक साथ सुने जाते हैं, परंतु ये दोनों भिन्न प्रक्रियाएँ हैं। एंजियोग्राफी केवल एक जांच है, जो यह दर्शाती है कि नसों या आर्टरी में कोई रुकावट है या नहीं, जबकि एंजियोप्लास्टी उस रुकावट को हटाने की प्रक्रिया है। पहले समस्या का पता लगाया जाता है और फिर आवश्यकता पड़ने पर उसका उपचार किया जाता है।

इस परीक्षण में, सबसे पहले डॉक्टर उस हिस्से की नसों की जांच करते हैं, जहां एक छोटी ट्यूब जिसे कैथेटर कहते हैं, डाली जाती है। यह ट्यूब आमतौर पर पैर या हाथ में डाली जाती है। इसके माध्यम से एक विशेष प्रकार का रंगीन द्रव्य (डाई) नसों में भेजा जाता है। जब यह द्रव्य नसों में बहता है, तो एक्स-रे मशीन उसकी यात्रा को कैप्चर कर लेती है। इससे डॉक्टर स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि रक्त सही तरीके से प्रवाहित हो रहा है या कहीं कोई ब्लॉकेज है। यह प्रक्रिया लगभग एक घंटे की होती है, और इसके बाद मरीज को आराम करना पड़ता है। परीक्षण समाप्त होने के बाद कैथेटर हटा दिया जाता है और जिस स्थान से इसे डाला गया था, उसे बंद कर दिया जाता है।

यदि एंजियोग्राफी में ब्लॉकेज पाया जाता है, तो अक्सर एंजियोप्लास्टी या स्टेंट लगाने की आवश्यकता होती है। इसके बाद मरीज को कुछ विशेष सावधानियों का पालन करना आवश्यक होता है, जैसे भारी वजन उठाने से बचना, शराब और धूम्रपान से दूर रहना, दवाइयां नियमित रूप से लेना, और खान-पान में सुधार करना। हल्की एक्सरसाइज करना, फलों और सब्जियों का सेवन करना, और नमक तथा चीनी का सेवन कम करना भी आवश्यक है।

Point of View

यह कहना उचित है कि दिल की स्वास्थ्य समस्याएं आज के युग में एक सामान्य चिंता बन गई हैं। एंजियोग्राफी जैसे परीक्षण, जो समय पर निदान में सहायक होते हैं, समाज में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

एंजियोग्राफी क्या है?
एंजियोग्राफी एक परीक्षण है जो नसों और धमनियों की स्थिति की जांच करता है।
एंजियोग्राफी की प्रक्रिया क्या होती है?
इसमें एक कैथेटर के माध्यम से विशेष डाई का उपयोग करके रक्त प्रवाह की तस्वीरें ली जाती हैं।
क्या एंजियोग्राफी के बाद कोई सावधानियां बरतनी चाहिए?
हाँ, भारी वजन उठाने, शराब और धूम्रपान से बचना चाहिए और नियमित दवाइयां लेनी चाहिए।
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