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गर्मी में बुखार को सामान्य न समझें: मलेरिया के ये 8 लक्षण हो सकते हैं जानलेवा, NHM की चेतावनी

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गर्मी में बुखार को सामान्य न समझें: मलेरिया के ये 8 लक्षण हो सकते हैं जानलेवा, NHM की चेतावनी

सारांश

गर्मी में हर बुखार सामान्य नहीं होता। NHM ने चेताया है कि बार-बार आता-जाता बुखार, ठंड और कमजोरी मलेरिया के संकेत हो सकते हैं। साधारण ब्लड टेस्ट से पता चलता है और समय पर इलाज से मरीज कुछ दिनों में ठीक हो सकता है।

मुख्य बातें

NHM ने 29 मई को आगाह किया कि गर्मी में आने वाला हर बुखार सामान्य नहीं होता।
तेज बुखार, ठंड-कंपकंपी, सिरदर्द, कमजोरी, पसीना, उल्टी, बेचैनी और भूख न लगना — ये मलेरिया के 8 प्रमुख लक्षण हैं।
मलेरिया प्लाज्मोडियम परजीवी से होता है और मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है।
एक साधारण ब्लड टेस्ट से मलेरिया की पुष्टि होती है; समय पर दवा से कुछ ही दिनों में पूर्ण स्वास्थ्य लाभ संभव।
घर के पास पानी जमा न होने देना , मच्छरदानी और पूरी बाजू के कपड़े मलेरिया से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।
बुखार में स्व-उपचार से बचें — हमेशा चिकित्सक की सलाह से दवा लें।

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने 29 मई को लोगों को आगाह किया है कि गर्मी के मौसम में आने वाला हर बुखार सामान्य नहीं होता। तेज बुखार, ठंड लगना और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण मलेरिया की शुरुआती चेतावनी हो सकते हैं, और इनकी अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि समय पर जाँच और सही उपचार से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

मलेरिया क्या है और कैसे फैलता है

मलेरिया मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। शरीर में प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के प्रवेश से यह संक्रमण होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती लक्षण अक्सर साधारण वायरल बुखार जैसे दिखते हैं, जिसके कारण अधिकतर लोग इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गर्मी और मानसून-पूर्व नमी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है।

मुख्य चेतावनी संकेत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, निम्नलिखित लक्षण दिखने पर तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए:

बार-बार आता-जाता तेज बुखार, ठंड लगना और कंपकंपी, तेज सिरदर्द, शरीर में कमजोरी और थकान, अत्यधिक पसीना आना, उल्टी, मतली या दस्त, बेचैनी और भूख न लगना — ये आठ लक्षण मलेरिया के प्रमुख संकेत हो सकते हैं। गौरतलब है कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी है।

जाँच और उपचार

NHM के अनुसार, मलेरिया की पुष्टि के लिए एक साधारण ब्लड टेस्ट पर्याप्त है। समय पर सही दवा शुरू कर दी जाए तो मरीज कुछ ही दिनों में पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। विशेषज्ञ यह भी चेताते हैं कि बुखार होने पर स्वयं दवा लेना खतरनाक हो सकता है — हमेशा चिकित्सक की सलाह लें।

बचाव के उपाय

NHM ने मलेरिया से बचाव के लिए कुछ ज़रूरी सावधानियाँ बताई हैं। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर-रोधी उत्पादों का इस्तेमाल करें। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता और सतर्कता ही मलेरिया के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार है।

आगे क्या करें

यदि आप या आपके परिजन में उपरोक्त लक्षण दिखें, तो नज़दीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में तुरंत जाँच कराएँ। NHM की सलाह है कि स्व-उपचार से बचें और प्रशिक्षित चिकित्सक के निर्देशन में ही उपचार लें — यही कदम मलेरिया को जानलेवा बनने से रोक सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी हर गर्मी में यह लापरवाही की भेंट चढ़ता है। NHM की यह चेतावनी तब आई है जब शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या बनी हुई है। असली सवाल यह है कि क्या सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र प्राथमिक स्तर पर ब्लड टेस्ट की पहुँच सुनिश्चित कर पा रहा है — क्योंकि जागरूकता तभी काम करती है जब जाँच सुलभ और सस्ती हो। जब तक ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में त्वरित निदान किट की उपलब्धता नहीं बढ़ती, तब तक यह अभियान केवल शहरी मध्यवर्ग तक सीमित रहने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मलेरिया के मुख्य लक्षण क्या हैं?
मलेरिया के मुख्य लक्षणों में बार-बार आता-जाता तेज बुखार, ठंड और कंपकंपी, तेज सिरदर्द, शरीर में कमजोरी, अत्यधिक पसीना, उल्टी या मतली, और भूख न लगना शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ये लक्षण शुरू में साधारण वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं।
मलेरिया की जाँच कैसे होती है?
मलेरिया की पुष्टि के लिए एक साधारण ब्लड टेस्ट पर्याप्त है। NHM के अनुसार, लक्षण दिखते ही नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर यह जाँच करवानी चाहिए — देर करने पर बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
मलेरिया से बचाव के लिए क्या करें?
NHM के अनुसार, घर के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छर-रोधी उत्पादों का इस्तेमाल करें। बुखार होने पर स्वयं दवा लेने की बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
क्या मलेरिया पूरी तरह ठीक हो सकता है?
हाँ, NHM के अनुसार समय पर सही दवा शुरू कर दी जाए तो मरीज कुछ ही दिनों में पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। इसीलिए लक्षण दिखते ही तुरंत जाँच और उपचार शुरू करना ज़रूरी है।
गर्मी में मलेरिया का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
गर्मी और मानसून-पूर्व नमी के कारण मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनती हैं। जल-जमाव वाले स्थान मादा एनोफिलीज़ मच्छर के लिए आदर्श प्रजनन स्थल बन जाते हैं, जिससे मलेरिया संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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