इबोला संकट: भारत ने अफ्रीका सीडीसी को सौंपी मेडिकल सप्लाई, जयशंकर ने दोहराई प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 मई 2026 को नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) को आवश्यक मेडिकल सप्लाई की पहली खेप सौंप दी है और इबोला महामारी से प्रभावित देशों की सहायता जारी रखने की तैयारी जताई है। युगांडा में भारत के उच्चायुक्त उपेंद्र सिंह रावत ने यह सप्लाई अफ्रीका सीडीसी के स्थानीय कार्यालय में सुपुर्द की।
भारत ने क्या भेजा
जायसवाल ने ब्रीफिंग में कहा, 'हमने अफ्रीका सीडीसी को मेडिकल सप्लाई भेज दी है। इसे युगांडा में हमारे हाई कमिश्नर ने वहाँ सीडीसी ऑफिस में सौंप दिया है। हम कॉन्टिनेंट में हुई इस पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी से निपटने में देशों और अफ्रीका सीडीसी के साथ हर तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं।' अफ्रीका सीडीसी के अनुसार, इस खेप में जरूरी डायग्नोस्टिक्स, थेराप्यूटिक्स, संक्रमण-रोकथाम उपकरण और केस मैनेजमेंट सामग्री शामिल है।
सप्लाई कहाँ पहुँचेगी
इथियोपिया में मुख्यालय वाली अफ्रीका सीडीसी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि भारत सरकार की ओर से दान की गई सामग्री युगांडा स्थित उसके पश्चिम अफ्रीकी क्षेत्रीय समन्वय केंद्र तक पहुँच गई है। एजेंसी ने बताया कि यह सप्लाई पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में प्रभावित समुदायों तक पहुँचाई जाएगी, जहाँ बुंडीबुग्यो इबोला आउटब्रेक सक्रिय है। अफ्रीका सीडीसी ने भारत की इस 'खुले दिल से की गई मदद' के लिए आभार जताया।
जयशंकर की प्रतिबद्धता
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'भारत ने आज अफ्रीका सीडीसी को जरूरी मेडिकल सप्लाई और प्रोटेक्टिव किट की पहली खेप भेजी। उभरती हुई इबोला पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी से निपटने में अफ्रीका का समर्थन करने की प्रतिबद्धता है।' यह पोस्ट पिछले हफ्ते की गई थी, जब सप्लाई रवाना की गई थी।
वैश्विक स्वास्थ्य संदर्भ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई 2026 को इस इबोला प्रकोप को 'अंतर्राष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति' घोषित किया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने हाल के वर्षों में अफ्रीकी देशों को कोविड-19 महामारी के दौरान दवाएँ और टीके उपलब्ध कराकर अपनी स्वास्थ्य-कूटनीति की साख बनाई है। गौरतलब है कि यह कदम भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' और ग्लोबल साउथ के साथ एकजुटता की नीति के अनुरूप है।
आगे क्या
जायसवाल ने संकेत दिया कि जैसे-जैसे जमीनी स्थिति स्पष्ट होगी, भारत अतिरिक्त सहायता पर निर्णय लेगा। उन्होंने कहा, 'जैसे ही हमारे पास इस बारे में और जानकारी होगी, हम अपडेट करते रहेंगे।' डीआरसी में इबोला की स्थिति और उसके पड़ोसी देशों में फैलाव की आशंका को देखते हुए अफ्रीका सीडीसी अन्य वैश्विक भागीदारों से भी समन्वय कर रही है।