14 जुलाई 2026
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इबोला संकट: भारत ने अफ्रीका सीडीसी को सौंपी मेडिकल सप्लाई, जयशंकर ने दोहराई प्रतिबद्धता

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इबोला संकट: भारत ने अफ्रीका सीडीसी को सौंपी मेडिकल सप्लाई, जयशंकर ने दोहराई प्रतिबद्धता

सारांश

इबोला के बढ़ते प्रकोप के बीच भारत ने अफ्रीका सीडीसी को डायग्नोस्टिक्स, थेराप्यूटिक्स और सुरक्षा उपकरणों की पहली खेप भेजी — जो पूर्वी डीआरसी के प्रभावित समुदायों तक पहुँचेगी। WHO द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित होने के बाद यह भारत की ग्लोबल साउथ स्वास्थ्य-कूटनीति का ताज़ा अध्याय है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 मई 2026 को पुष्टि की कि भारत ने अफ्रीका सीडीसी को मेडिकल सप्लाई की पहली खेप सौंप दी है।
सप्लाई युगांडा में भारत के उच्चायुक्त उपेंद्र सिंह रावत ने सीडीसी के स्थानीय कार्यालय में सुपुर्द की।
इसमें डायग्नोस्टिक्स, थेराप्यूटिक्स, इन्फेक्शन-रोकथाम उपकरण और केस मैनेजमेंट सामग्री शामिल है।
सप्लाई पूर्वी डीआरसी के बुंडीबुग्यो इबोला प्रभावित समुदायों तक पहुँचाई जाएगी।
WHO ने 17 मई 2026 को इबोला प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति घोषित किया था।
जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर अफ्रीका के साथ भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 मई 2026 को नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) को आवश्यक मेडिकल सप्लाई की पहली खेप सौंप दी है और इबोला महामारी से प्रभावित देशों की सहायता जारी रखने की तैयारी जताई है। युगांडा में भारत के उच्चायुक्त उपेंद्र सिंह रावत ने यह सप्लाई अफ्रीका सीडीसी के स्थानीय कार्यालय में सुपुर्द की।

भारत ने क्या भेजा

जायसवाल ने ब्रीफिंग में कहा, 'हमने अफ्रीका सीडीसी को मेडिकल सप्लाई भेज दी है। इसे युगांडा में हमारे हाई कमिश्नर ने वहाँ सीडीसी ऑफिस में सौंप दिया है। हम कॉन्टिनेंट में हुई इस पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी से निपटने में देशों और अफ्रीका सीडीसी के साथ हर तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं।' अफ्रीका सीडीसी के अनुसार, इस खेप में जरूरी डायग्नोस्टिक्स, थेराप्यूटिक्स, संक्रमण-रोकथाम उपकरण और केस मैनेजमेंट सामग्री शामिल है।

सप्लाई कहाँ पहुँचेगी

इथियोपिया में मुख्यालय वाली अफ्रीका सीडीसी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि भारत सरकार की ओर से दान की गई सामग्री युगांडा स्थित उसके पश्चिम अफ्रीकी क्षेत्रीय समन्वय केंद्र तक पहुँच गई है। एजेंसी ने बताया कि यह सप्लाई पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में प्रभावित समुदायों तक पहुँचाई जाएगी, जहाँ बुंडीबुग्यो इबोला आउटब्रेक सक्रिय है। अफ्रीका सीडीसी ने भारत की इस 'खुले दिल से की गई मदद' के लिए आभार जताया।

जयशंकर की प्रतिबद्धता

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'भारत ने आज अफ्रीका सीडीसी को जरूरी मेडिकल सप्लाई और प्रोटेक्टिव किट की पहली खेप भेजी। उभरती हुई इबोला पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी से निपटने में अफ्रीका का समर्थन करने की प्रतिबद्धता है।' यह पोस्ट पिछले हफ्ते की गई थी, जब सप्लाई रवाना की गई थी।

वैश्विक स्वास्थ्य संदर्भ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई 2026 को इस इबोला प्रकोप को 'अंतर्राष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति' घोषित किया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ने हाल के वर्षों में अफ्रीकी देशों को कोविड-19 महामारी के दौरान दवाएँ और टीके उपलब्ध कराकर अपनी स्वास्थ्य-कूटनीति की साख बनाई है। गौरतलब है कि यह कदम भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' और ग्लोबल साउथ के साथ एकजुटता की नीति के अनुरूप है।

आगे क्या

जायसवाल ने संकेत दिया कि जैसे-जैसे जमीनी स्थिति स्पष्ट होगी, भारत अतिरिक्त सहायता पर निर्णय लेगा। उन्होंने कहा, 'जैसे ही हमारे पास इस बारे में और जानकारी होगी, हम अपडेट करते रहेंगे।' डीआरसी में इबोला की स्थिति और उसके पड़ोसी देशों में फैलाव की आशंका को देखते हुए अफ्रीका सीडीसी अन्य वैश्विक भागीदारों से भी समन्वय कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सप्लाई की मात्रा और उसकी जमीनी पहुँच पर कोई विस्तृत आँकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है, जो पारदर्शिता की दृष्टि से एक अधूरापन छोड़ता है। कोविड-19 के दौरान 'वैक्सीन मैत्री' की तरह यह कदम भी भारत की स्वास्थ्य-कूटनीति को बहुपक्षीय मंचों पर साख दिलाता है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह एकमुश्त इशारा है या दीर्घकालिक क्षमता-निर्माण की शुरुआत।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने अफ्रीका सीडीसी को इबोला के लिए क्या सहायता भेजी है?
भारत ने अफ्रीका सीडीसी को डायग्नोस्टिक्स, थेराप्यूटिक्स, इन्फेक्शन-रोकथाम उपकरण और केस मैनेजमेंट सामग्री की पहली खेप भेजी है। यह सप्लाई पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के बुंडीबुग्यो इबोला प्रभावित समुदायों तक पहुँचाई जाएगी।
अफ्रीका में इबोला की मौजूदा स्थिति कितनी गंभीर है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई 2026 को इस इबोला प्रकोप को 'अंतर्राष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति' घोषित किया। यह प्रकोप मुख्यतः पूर्वी डीआरसी में सक्रिय है और अफ्रीका सीडीसी वैश्विक भागीदारों के साथ समन्वय कर रही है।
भारत की यह सहायता कहाँ पहुँचेगी और इसे कौन वितरित करेगा?
सप्लाई युगांडा में अफ्रीका सीडीसी के पश्चिम अफ्रीकी क्षेत्रीय समन्वय केंद्र को सौंपी गई है। वहाँ से इसे पूर्वी डीआरसी के प्रभावित समुदायों तक पहुँचाने की जिम्मेदारी अफ्रीका सीडीसी की है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने इबोला पर क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत ने अफ्रीका सीडीसी को जरूरी मेडिकल सप्लाई और प्रोटेक्टिव किट की पहली खेप भेजी है और उभरती इबोला आपातस्थिति से निपटने में अफ्रीका का समर्थन करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
क्या भारत ने पहले भी अफ्रीका को स्वास्थ्य सहायता दी है?
हाँ, भारत ने कोविड-19 महामारी के दौरान 'वैक्सीन मैत्री' पहल के तहत अफ्रीकी देशों को दवाएँ और टीके उपलब्ध कराए थे। इबोला सहायता उसी स्वास्थ्य-कूटनीति की निरंतरता है।
राष्ट्र प्रेस
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