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इबोला संकट: भारत ने अफ्रीका को भेजी चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट, जयशंकर ने की पुष्टि

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इबोला संकट: भारत ने अफ्रीका को भेजी चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट, जयशंकर ने की पुष्टि

सारांश

इबोला संकट गहराने पर भारत ने तत्काल कदम उठाया — विदेश मंत्री जयशंकर ने पुष्टि की कि रविवार को अफ्रीका को चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट की पहली खेप भेज दी गई। WHO ने DRC में खतरे का स्तर 'वेरी हाई' किया, 82 पुष्ट मामले और 177 संदिग्ध मौतें दर्ज।

मुख्य बातें

जयशंकर ने पुष्टि की कि रविवार, 25 मई 2025 को भारत ने अफ्रीका को तत्काल चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट की पहली खेप भेजी।
WHO ने DRC (कांगो) में इबोला के खतरे का आकलन 'हाई' से 'वेरी हाई' श्रेणी में किया और अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया।
DRC में अब तक 82 पुष्ट मामले और 7 मौतें ; लगभग 750 संदिग्ध मामले और 177 संदिग्ध मौतें दर्ज।
भारत सरकार ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में मौजूद या यात्रा करने वाले नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी।
तमिलनाडु DPH ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा; हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग और आइसोलेशन वार्ड सक्रिय।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को पुष्टि की कि भारत ने अफ्रीका को इबोला संकट से निपटने के लिए तत्काल चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट की पहली खेप रवाना कर दी है। यह कदम तब उठाया गया जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में फैल रहे इबोला वायरस के खतरे के आकलन स्तर को 'हाई' से बढ़ाकर 'वेरी हाई' श्रेणी में कर दिया और अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया।

भारत की त्वरित प्रतिक्रिया

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'रविवार को अफ्रीका को तत्काल चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट की पहली खेप भेजी गई। इबोला से जुड़ी उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने में अफ्रीका का सहयोग करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।' यह भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' की विदेश नीति के अनुरूप एक ठोस मानवीय कदम है।

WHO का आकलन और वैश्विक स्थिति

WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने शुक्रवार को बताया कि अब तक DRC में 82 पुष्ट मामले और 7 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। इसके अलावा लगभग 750 संदिग्ध मामले और 177 संदिग्ध मौतें भी सामने आई हैं। संगठन ने DRC के साथ-साथ पड़ोसी देश युगांडा में भी मामलों की पुष्टि के बाद यह आपातकाल घोषित किया। हालांकि, WHO का कहना है कि वैश्विक स्तर पर इस वायरस का खतरा अभी भी कम है।

भारतीय नागरिकों के लिए सलाह

भारत सरकार ने रविवार को एक सलाह जारी करते हुए उन नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है जो वर्तमान में कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रह रहे हैं या वहाँ यात्रा की योजना बना रहे हैं। इन नागरिकों को स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियों के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई है।

तमिलनाडु समेत देश में अलर्ट

तमिलनाडु के पब्लिक हेल्थ डायरेक्टरेट (DPH) ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग तेज कर दी गई है। प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैयार रखी गई हैं।

स्वास्थ्यकर्मियों की तैयारी

मेडिकल कॉलेजों, जिला मुख्यालय अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वास्थ्यकर्मियों को इबोला के लक्षणों, फैलने के तरीकों और संक्रमण-नियंत्रण प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षित करें। डॉक्टरों, नर्सों और फील्ड स्टाफ के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि संदिग्ध संक्रमण की शीघ्र पहचान और तत्काल रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो सके। आने वाले हफ्तों में स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा सहायता की मात्रा और निरंतरता में है — पहली खेप का ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। WHO का खतरा-स्तर 'वेरी हाई' करना चिंताजनक है, पर वैश्विक जोखिम को 'कम' बताना एक विरोधाभास है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। भारत में घरेलू तैयारी — विशेषकर हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग और आइसोलेशन क्षमता — की वास्तविक जाँच अभी बाकी है। 2014 के इबोला प्रकोप के सबक को देखते हुए, प्रतिक्रिया की गति उतनी ही ज़रूरी है जितनी उसकी घोषणा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने अफ्रीका को इबोला के लिए क्या सहायता भेजी है?
भारत ने रविवार को अफ्रीका को तत्काल चिकित्सा सामग्री और सुरक्षा किट की पहली खेप भेजी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की और कहा कि भारत इबोला आपात स्थिति में अफ्रीका का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
WHO ने इबोला को लेकर क्या चेतावनी दी है?
WHO ने DRC में इबोला के खतरे का आकलन 'हाई' से बढ़ाकर 'वेरी हाई' श्रेणी में कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस के अनुसार DRC में 82 पुष्ट मामले और 7 मौतें दर्ज हो चुकी हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर खतरा अभी कम बताया गया है।
कांगो या युगांडा जाने वाले भारतीयों को क्या करना चाहिए?
भारत सरकार ने कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रह रहे या यात्रा करने वाले नागरिकों को स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियों की सलाह का सख्ती से पालन करने और विशेष एहतियात बरतने की हिदायत दी है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तुरंत स्थानीय चिकित्सा सेवाओं से संपर्क करें।
भारत में इबोला से बचाव के लिए क्या तैयारियाँ हैं?
तमिलनाडु के पब्लिक हेल्थ डायरेक्टरेट ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है और हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है। प्रमुख सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैयार हैं, और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इबोला वायरस कितना खतरनाक है और यह कैसे फैलता है?
इबोला एक अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है जो संक्रमित व्यक्ति के रक्त या शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलती है। DRC में अब तक 82 पुष्ट मामलों में 7 मौतें हो चुकी हैं और WHO ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है, हालांकि वैश्विक स्तर पर खतरा फिलहाल कम बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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