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डेस्क जॉब करने वालों के लिए बकासन: कमर दर्द और तनाव से मिलेगी प्रभावी राहत

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डेस्क जॉब करने वालों के लिए बकासन: कमर दर्द और तनाव से मिलेगी प्रभावी राहत

सारांश

क्या आप लंबे समय तक बैठने वाले काम से परेशान हैं? बकासन का नियमित अभ्यास आपके लिए एक बेहतरीन उपाय हो सकता है। यह न केवल कमर दर्द से राहत दिलाता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है। जानिए इस आसन के लाभ और सही तरीके से इसे करने का तरीका।

मुख्य बातें

बकासन तनाव और चिंता को कम करता है।
यह कमर को मजबूत बनाता है।
इससे पाचन में सुधार होता है।
यह मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है।
बकासन का नियमित अभ्यास स्वास्थ्य में सुधार करता है।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वर्तमान की तेज़ गति वाली जीवनशैली में अपने आपको फिट रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन कुछ व्यायाम और नियमित आहार के माध्यम से आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं। इनमें से एक प्रसिद्ध योगासन है 'बकासन'। शुरुआत में इसे करना कठिन लग सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास से यह सरल हो जाता है। बकासन करने से संपूर्ण शरीर की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं और तनाव कम होता है।

बकासन एक संस्कृत शब्द है, जो दो भागों से मिलकर बना है। 'बक' का अर्थ है 'बगुला' और 'आसन' का अर्थ है 'बैठना'। इस प्रकार, इसका शाब्दिक अर्थ है बगुले की तरह बैठना। जब आप इस आसन का अभ्यास करते हैं, तो आपका शरीर बगुले या सारस के समान होता है, जिसमें शरीर का पूरा वजन हाथों की कलाइयों पर संतुलित होता है। इसमें घुटने कोहनियों के ऊपर या बाहों के ऊपरी हिस्से पर टिके होते हैं और कूल्हे ऊपर उठे रहते हैं। यह एक संतुलन आसन है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, बकासन (कौआ आसन या क्रेन पोज) एक महत्वपूर्ण संतुलन योगासन है, जो हाथों, कंधों और कोर मसल्स को मजबूत बनाता है। यह मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और शारीरिक स्थिरता को बढ़ावा देता है। यह पेट की मांसपेशियों को टोन करता है, पाचन में सुधार करता है और तनाव को कम करने में सहायता करता है।

डेस्क जॉब करने वालों के लिए यह आसन विशेष रूप से लाभकारी है। क्योंकि इसे करने से रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और लचीलापन बढ़ता है। यह आसन कमर को मजबूत बनाता है और पीठ दर्द जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही, यह मानसिक तनाव और चिंता को भी घटाता है। बकासन करते समय गहरी सांसें लेना आवश्यक है, जिससे मन शांत होता है। यह तनाव और चिंता को कम करने में मददगार है।

बकासन करने के लिए सबसे पहले पैरों के पंजों के बल उकड़ू बैठे। एड़ियां जमीन से ऊपर रहनी चाहिए। दोनों हाथों को पैरों के आगे जमीन पर रखें। उंगलियां फैली होनी चाहिए ताकि पकड़ मजबूत रहे। अब धीरे-धीरे अपने शरीर का वजन हाथों पर डालें और पैरों को जमीन से ऊपर उठाने का प्रयास करें। घुटनों को कोहनियों के पास रखें और एड़ियों को नितंबों के पास रखें। इस स्थिति में शरीर को स्थिर रखें और गहरी सांस लेते रहें। फिर धीरे से सामान्य अवस्था में लौट आएं।

यदि आपको घुटने या कलाई में दर्द होता है तो डॉक्टर से सलाह लें। गर्भवती महिलाएं इसे बिना विशेषज्ञ की देखरेख के न करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे डेस्क जॉब करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण योगासन बनाता है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, और इसे नियमित रूप से करने से जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बकासन करने का सही तरीका क्या है?
बकासन करने के लिए पहले पैरों के पंजों के बल उकड़ू बैठें, फिर हाथों को पैरों के आगे जमीन पर रखें और धीरे-धीरे वजन डालकर पैरों को ऊपर उठाएं।
क्या बकासन से कमर दर्द में राहत मिलती है?
जी हां, बकासन कमर को मजबूत बनाता है और पीठ दर्द जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है।
बकासन का अभ्यास किसे नहीं करना चाहिए?
यदि आपको घुटने या कलाई में दर्द है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही बकासन करें। गर्भवती महिलाएं इसे बिना विशेषज्ञ की देखरेख के न करें।
राष्ट्र प्रेस
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