मानसून में इन 6 चीजों से बचें: हरी सब्जी से बासी खाने तक, सेहत पर पड़ सकता है भारी असर
सारांश
मुख्य बातें
मानसून के मौसम में नई दिल्ली समेत पूरे देश में बैक्टीरिया और कीटाणुओं की सक्रियता तेज़ी से बढ़ जाती है, क्योंकि हवा में नमी का स्तर सामान्य से कहीं अधिक हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसी वजह से जुलाई-अगस्त के महीनों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त, गैस और खाद्य-जनित बीमारियों के मामले उल्लेखनीय रूप से बढ़ जाते हैं। इस मौसम में पाचन तंत्र भी अपेक्षाकृत कमज़ोर रहता है, इसलिए खान-पान में सावधानी बरतना ज़रूरी है।
हरी पत्तेदार सब्जियाँ: फायदेमंद, पर सावधानी ज़रूरी
पालक, मेथी और बथुआ जैसी हरी पत्तेदार सब्जियाँ आयरन, फाइबर और आवश्यक विटामिन से भरपूर होती हैं। लेकिन बारिश के मौसम में इन पर मिट्टी, छोटे कीड़े और गंदगी अधिक चिपकती है। नमी के कारण इनमें कीटाणु पनपने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इन्हें अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाएँ — अधपकी या ठीक से साफ न की गई सब्जियाँ पेट की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
खुले में रखे फल और स्ट्रीट फूड से बचें
बारिश के मौसम में सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए फल, चाट, गोलगप्पे और अन्य खुली चीज़ों से दूरी बनाना समझदारी है। खुले में रखे खाने पर मक्खियाँ बैठती हैं और धूल-मिट्टी जमा होती है, जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। फलों को घर लाकर अच्छी तरह धोकर खाना अधिक सुरक्षित विकल्प है।
अत्यधिक ठंडी चीज़ें और तला-भुना खाना
मानसून में आइसक्रीम, बर्फ वाले पेय और अन्य ठंडी चीज़ें कुछ लोगों में गले की तकलीफ, खाँसी या पेट की समस्या उत्पन्न कर सकती हैं। वहीं, पकौड़े, समोसे और कचौड़ी जैसे तले हुए खाद्य पदार्थों में तेल की अधिकता पाचन को धीमा कर देती है और गैस व एसिडिटी की शिकायत पैदा कर सकती है। इन्हें कभी-कभी और सीमित मात्रा में खाना बेहतर रहता है।
बासी खाना और डेयरी उत्पाद: सबसे बड़ा जोखिम
बारिश के मौसम में खाना सामान्य से जल्दी खराब हो जाता है। बचे हुए खाने को दोबारा गर्म करके खाना हमेशा सुरक्षित नहीं होता — लंबे समय तक रखे खाने से पेट में संक्रमण हो सकता है। इसी तरह, दूध, मिठाई और क्रीम वाले उत्पाद नमी के कारण तेज़ी से खराब होते हैं। खुले में रखी मिठाई या पुराने डेयरी उत्पादों से परहेज़ करें और हर बार ताज़ा बना खाना खाने को प्राथमिकता दें।
विशेषज्ञों की सलाह: मानसून में ऐसा रखें खान-पान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में साफ, ताज़ा और आसानी से पचने वाला खाना ही खाएँ। घर का बना गर्म खाना, उबला पानी और ताज़े फल-सब्जियाँ इस मौसम में सबसे उपयुक्त विकल्प हैं। यह ऐसे समय में और भी ज़रूरी हो जाता है जब देशभर में मौसमी बीमारियों का बोझ स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा रहता है। सावधान खान-पान से मानसून की बीमारियों से बड़े पैमाने पर बचा जा सकता है।