राजस्थान में बुपिवाकेन इंजेक्शन पर प्रतिबंध: हैदराबाद में 16 मरीजों पर गंभीर असर के बाद कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान औषधि नियंत्रण विभाग ने 3 जुलाई 2026 को थेमिस मेडिकेयर लिमिटेड द्वारा निर्मित बुपिवाकेन हाइड्रोक्लोराइड इन डेक्सट्रोज इंजेक्शन के एक विशेष बैच की बिक्री और उपयोग पर पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कदम हैदराबाद के एक अस्पताल में इस इंजेक्शन के उपयोग के बाद 16 मरीजों में गंभीर प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं सामने आने की रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। सिजेरियन प्रसव सहित विभिन्न सर्जरी में स्पाइनल एनेस्थीसिया के लिए इस दवा का व्यापक उपयोग होता है।
क्या है प्रभावित बैच और कहाँ-कहाँ पहुँचा
राजस्थान के औषधि नियंत्रक अजय फाटक के अनुसार, प्रभावित इंजेक्शन का बैच नंबर बीकेपी 02601 है, जिसका निर्माण थेमिस मेडिकेयर लिमिटेड ने किया है। इस बैच के लगभग 14,000 इंजेक्शन राजस्थान भेजे गए थे और इन्हें जयपुर, हनुमानगढ़, भरतपुर, करौली, कोटा, श्रीगंगानगर और टोंक में वितरित किया गया।
विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जयपुर स्थित अपने डिपो में 7,000 इंजेक्शन सुरक्षित रख दिए हैं। बाज़ार में उपलब्ध 1,500 इंजेक्शनों की बिक्री रोक दी गई है, गुणवत्ता जाँच के लिए 1,500 नमूने एकत्र किए गए हैं, और स्वास्थ्य संस्थानों व वितरकों से 2,000 इंजेक्शन वापस मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हैदराबाद में क्या हुआ: मरीजों पर असर
रिपोर्टों के अनुसार, हैदराबाद के एक अस्पताल में यह इंजेक्शन दिए जाने के बाद 16 मरीजों में मतली, उल्टी और तेज सिरदर्द जैसे लक्षण देखे गए। इनमें से कुछ मरीजों को दौरे भी पड़े, जिसके कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा और गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती करना पड़ा। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में स्पाइनल एनेस्थीसिया की सुरक्षा को लेकर चिकित्सा जगत में पहले से चर्चा चल रही है।
थेमिस मेडिकेयर लिमिटेड ने इन प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं के संबंध में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को रिपोर्ट सौंप दी है।
विशेषज्ञ संगठनों की एडवाइजरी
इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स (ISA) और एनेस्थीसिया पेशेंट सेफ्टी एसोसिएशन (APSA) ने देशभर के निश्चेतना विशेषज्ञों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए थेमिस मेडिकेयर लिमिटेड द्वारा निर्मित बुपिवाकेन इंजेक्शन का उपयोग तत्काल बंद करने की अपील की है। इस एडवाइजरी के बाद एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर ने सभी अस्पताल अधीक्षकों और विभागाध्यक्षों को संबंधित इंजेक्शन का उपयोग तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने कहा, 'जाँच पूरी होने तक इस इंजेक्शन का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्णय निश्चेतना विशेषज्ञों की सलाह पर लिया गया है।'
सरकार की कार्रवाई और आगे की जाँच
औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने स्पष्ट किया कि जाँच पूरी होने तक एहतियात के तौर पर राजस्थान में इस इंजेक्शन की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण रोक रहेगी। विभाग ने अधिकारियों को प्रभावित बैच के साथ-साथ इस उत्पाद के अन्य बैचों के नमूने भी प्रयोगशाला जाँच के लिए एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि मामले की जाँच के लिए केंद्र की एक टीम भी सक्रिय है।
विभाग ने सभी अस्पतालों, चिकित्सा संस्थानों और वितरकों को अगले आदेश तक प्रभावित बैच के इंजेक्शन की बिक्री और उपयोग तत्काल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रयोगशाला जाँच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।