12वें योग दिवस पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मातृशक्ति संग किया योगाभ्यास, आंगनबाड़ियों को 'गर्भ संस्कार केंद्र' बनाने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जन भवन, लखनऊ में मातृशक्ति के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया और योग को केवल एक दिवसीय उत्सव नहीं, बल्कि जीवनशैली एवं संस्कार के रूप में अपनाने का आह्वान किया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रदेश की प्रत्येक आंगनबाड़ी को 'गर्भ संस्कार केंद्र' के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्य घटनाक्रम
जन भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने महिलाओं के साथ योगासन किए और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को नकारात्मकता से रचनात्मकता तथा प्रमाद से प्रसाद की अवस्था तक पहुँचाने का माध्यम है, इसलिए इसे दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता से प्रसारित संबोधन और योग सत्र का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने देखा और सुना।
एक अलग कार्यक्रम में जन भवन आदर्श माध्यमिक विद्यालय परिसर में जन भवन के पुरुष अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी योगाभ्यास किया।
गर्भ संस्कार केंद्र की अवधारणा
राज्यपाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश की प्रत्येक आंगनबाड़ी को 'गर्भ संस्कार केंद्र' के रूप में विकसित किया जाए। उनके अनुसार, गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के नौ माह के दौरान उचित पोषण, सकारात्मक वातावरण, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तथा संस्कारों से जुड़े मार्गदर्शन की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से इस दिशा में व्यापक पहल करने की आवश्यकता भी जताई।
महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष जोर
राज्यपाल ने कहा कि महिलाएं प्रायः परिवार की जिम्मेदारियों में अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा कर देती हैं, इसलिए उन्हें प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष योग दिवस की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' है, जो स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था का संदेश देती है। बच्चों में बढ़ते मोटापे पर चिंता जताते हुए उन्होंने पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
जन भवन की स्वास्थ्य पहलें
राज्यपाल ने बताया कि जन भवन में कार्यरत 636 अधिकारियों और कर्मचारियों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) परीक्षण किया जा चुका है और हर तीन माह में स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई है। जन भवन में स्थापित 'आनंदा फिजियोथेरेपी एवं उपचार केंद्र' के माध्यम से अब तक 88 कार्मिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। परिसर में मियावाकी तकनीक से लगभग 12 हजार पौधे लगाए गए हैं और प्रतिवर्ष 19 से अधिक पारंपरिक खेलों का आयोजन होता है।
गौरतलब है कि जन भवन को शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण और भारतीय जीवन मूल्यों के समन्वय का केंद्र बनाने की दिशा में गंगोत्री से गंगासागर तक की यात्रा की प्रतिकृति तथा भगवान शिव के डमरू की अवधारणा पर आधारित म्यूजिकल फाउंटेन भी विकसित किया जा रहा है।
राजनीतिक और सामाजिक सहभागिता
कार्यक्रम में प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने भी योग दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है तथा आज विश्व के 180 से अधिक देश इसे उत्साहपूर्वक मना रहे हैं। उन्होंने लोगों से वर्ष के सभी 365 दिनों तक नियमित योगाभ्यास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भारतीय सेना के अधिकारियों एवं पूर्व सैनिकों की पत्नियों, लायंस क्लब, इनर व्हील, रेड क्रॉस, ब्रह्माकुमारी, आकांक्षा, आयुष महाविद्यालय तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने योग को वैश्विक पहचान दिलाई है — कभी ऋषि-मुनियों और साधु-संतों तक सीमित यह अभ्यास आज करोड़ों लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है।
आगे की राह में आंगनबाड़ियों को 'गर्भ संस्कार केंद्र' में रूपांतरित करने की यह पहल यदि ज़मीन पर उतरती है, तो यह उत्तर प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के ढाँचे को नई दिशा दे सकती है।