क्या गर्म या ठंडा पानी सर्दियों में चेहरे के लिए बेहतर है?

Click to start listening
क्या गर्म या ठंडा पानी सर्दियों में चेहरे के लिए बेहतर है?

सारांश

क्या आप सर्दियों में चेहरे को धोने के लिए गर्म या ठंडा पानी चुनते हैं? जानें सही विकल्प और अपनी त्वचा को रखें सुंदर और स्वस्थ। सही पानी का चयन करें और अपनी त्वचा की देखभाल करें।

Key Takeaways

  • गर्म पानी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • ठंडा पानी ताजगी देता है लेकिन गहराई से सफाई में कम प्रभावी है।
  • गुनगुना पानी सबसे संतुलित और सौम्य विकल्प है।
  • बर्फ का पानी सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • चेहरे को धोने के बाद हमेशा मॉइस्चराइजर लगाएं।

मुंबई, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों में कई लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि अपने चेहरे को किस प्रकार के पानी से धोना चाहिए - गर्म या ठंडे पानी से। सुबह का समय हमारे चेहरे की त्वचा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। नींद के दौरान हमारी त्वचा स्वयं को पुनः रिचार्ज करती है और यदि दिन की शुरुआत सही तरीके से की जाए तो त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है।

आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का मानना है कि पानी का तापमान हमारी त्वचा के पॉर्स, तेल और नमी पर सीधा प्रभाव डालता है। इसलिए, सर्दियों में चेहरे को धोने का सही तरीका जानना बहुत आवश्यक है।

पहले बात करते हैं गर्म पानी की। आरंभ में यह ताजगी और आराम प्रदान करता है, लेकिन यदि अत्यधिक गर्म पानी का उपयोग किया जाए, तो यह त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है। आयुर्वेद में कहा गया है कि गर्म पानी त्वचा की प्राकृतिक तैलीय परत को हटा देता है, जिससे त्वचा रूखी और लाल हो जाती है। विज्ञान के अनुसार, गर्म पानी त्वचा के प्राकृतिक बैरियर सेबम को समाप्त कर देता है, जो त्वचा को नमी और संक्रमण से सुरक्षित रखता है। लगातार गर्म पानी का उपयोग करने से चेहरे पर खुजली, रूखापन और कभी-कभी मुंहासे जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए, चाहे मौसम ठंडा हो या गर्म, अत्यधिक गर्म पानी से चेहरे को धोना उचित नहीं है।

अब ठंडे पानी की बात करें, तो यह चेहरे को ताजगी प्रदान करता है। आयुर्वेद के अनुसार, ठंडा पानी वात दोष को संतुलित करता है और त्वचा में रक्त संचार बढ़ाकर ताजगी लाता है। यह सूजन और लालिमा को कम करने में सहायक है और चेहरे के पॉर्स को अस्थायी रूप से सिकोड़ देता है। लेकिन विज्ञान बताता है कि केवल ठंडे पानी से त्वचा की गहरी सफाई पूरी नहीं होती। ठंडा पानी तेल और गंदगी को हटाने में कम प्रभावी होता है। लगातार ठंडे पानी का उपयोग करने से त्वचा रूखी हो सकती है, इसलिए इसे मुख्य सफाई के लिए नहीं उपयोग करना चाहिए।

सर्दियों में सबसे अच्छा विकल्प है गुनगुने पानी का उपयोग। आयुर्वेद इसे संतुलित और सौम्य पानी मानता है, जो त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना साफ करता है। गुनगुना पानी चेहरे की गंदगी, तेल और पसीने को धीरे-धीरे हटाता है और त्वचा के प्राकृतिक ऑयल को बनाए रखता है। विज्ञान के अनुसार, गुनगुना पानी पॉर्स को खोलकर गंदगी और मृत त्वचा को बाहर निकालता है, जिससे त्वचा नरम, ताजा और चमकदार बनती है। साथ ही, यह त्वचा को सूखा या उत्तेजित होने से भी बचाता है।

एक और विकल्प है बर्फ या आइस वाटर का। यह त्वचा को तुरंत ताजगी प्रदान करता है और रक्त वाहिकाओं को सिकोड़कर सूजन और लालिमा को कम करता है। आयुर्वेद के अनुसार यह वात को शांत करता है और चेहरे को ठंडक पहुंचाता है। हालांकि, लंबे समय तक आइस वाटर का उपयोग करने से त्वचा की नमी कम हो सकती है और यह रूखी बन सकती है, इसलिए बर्फ के पानी का उपयोग हमेशा सावधानी से करना चाहिए। साथ ही, चेहरे को धोने के बाद मॉइस्चराइजर लगाना चाहिए।

Point of View

जबकि गुनगुने पानी का उपयोग अधिक फायदेमंद होता है।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या गर्म पानी से चेहरा धोना ठीक है?
गर्म पानी से चेहरा धोना उचित नहीं है क्योंकि यह त्वचा की प्राकृतिक तैलीय परत को हटा देता है।
ठंडा पानी चेहरे के लिए कितना फायदेमंद है?
ठंडा पानी ताजगी देता है लेकिन गहराई से सफाई नहीं कर पाता।
गुनगुना पानी क्यों बेहतर है?
गुनगुना पानी त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना गंदगी और तेल को हटाता है।
बर्फ का पानी कब उपयोग करना चाहिए?
बर्फ का पानी सूजन और लालिमा को कम करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसे सावधानी से प्रयोग करें।
क्या मुझे मॉइस्चराइजर का उपयोग करना चाहिए?
हां, चेहरे को धोने के बाद हमेशा मॉइस्चराइजर लगाना चाहिए।
Nation Press