9 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: 7 मौतों के बीच दो परिवारों ने किया कॉर्निया दान, एम्स ने की सराहना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: 7 मौतों के बीच दो परिवारों ने किया कॉर्निया दान, एम्स ने की सराहना

सारांश

सत्य निकेतन की जर्जर इमारत ने 7 जिंदगियाँ लीं — 5 छात्र और 2 मजदूर। लेकिन इस त्रासदी के बीच दो परिवारों ने अपने दुख को मानवता में बदला और मृतकों के कॉर्निया दान करने का फैसला किया। एम्स ने सराहना की; इमारत मालिक समेत तीन गिरफ्तार।

मुख्य बातें

सत्य निकेतन इमारत हादसे में 7 लोगों की मौत — 5 छात्र और 2 मजदूर ।
2 मृतकों के परिजनों ने कॉर्निया दान का निर्णय लिया; एम्स ने की प्रशंसा।
12 घायलों को जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, एम्स में लाया गया; 4 अभी भर्ती , जिनमें 1 की हालत गंभीर ।
इमारत में कथित तौर पर अवैध PG संचालित था; इमारत पुरानी और जर्जर बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने इमारत मालिक हरिराम गुप्ता , पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया।

नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में 7 लोगों की मौत हो चुकी है — जिनमें 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं। इस गहरे शोक की घड़ी में दो परिवारों ने असाधारण मानवता का परिचय देते हुए अपने प्रियजनों के कॉर्निया दान करने का निर्णय लिया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को आँखों की रोशनी मिल सकेगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने इस कदम की सराहना की है।

हादसे का विवरण और मृतकों की पहचान

सत्य निकेतन की यह इमारत काफी पुरानी थी और उसमें कथित तौर पर अवैध रूप से पेइंग गेस्ट (PG) सुविधा संचालित की जा रही थी। हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान उनके परिजनों द्वारा की गई है। मृतकों में 19 वर्षीय अभिषेक कुमार, 19 वर्षीय अरपित जाज, 20 वर्षीय युवराज सोनी, 17 वर्षीय पवन कुमार, 19 वर्षीय अक्षत सिंह (सभी छात्र), तथा 56 वर्षीय मजदूर सुरेंद्र सिंह और 30 वर्षीय मजदूर परम लाल कोरी शामिल हैं।

ये सभी छात्र सत्य निकेतन इलाके में किराये पर रहकर पढ़ाई कर रहे थे। सभी घायलों और मृतकों को दिल्ली एम्स के जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया था।

एम्स में उपचार की स्थिति

एम्स के अनुसार, हादसे में घायल 12 लोग ट्रॉमा सेंटर में लाए गए थे। इनमें से 6 को मृत घोषित किया गया, जबकि 1 मरीज ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। फिलहाल 4 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं — जिनमें से 3 की हालत स्थिर है और 1 की हालत गंभीर बनी हुई है। 30 वर्षीय कृष्णा को रविवार को ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।

अभी भर्ती मरीजों में 49 वर्षीय मजदूर असगर अली, 19 वर्षीय छात्र नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार और 19 वर्षीय नितिश छिब शामिल हैं।

इंसानियत की मिसाल: कॉर्निया दान का फैसला

एम्स प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 7 मृतकों में से 2 के परिजनों ने स्वेच्छा से उनके कॉर्निया दान करने का निर्णय लिया। यह निर्णय उस समय लिया गया जब दोनों परिवार खुद गहरे दुख में डूबे हुए थे। इन दान किए गए कॉर्निया से जरूरतमंद मरीजों को दृष्टि मिल सकेगी।

एम्स प्रबंधन ने परिजनों के इस साहसिक और परोपकारी कदम की खुलकर प्रशंसा की है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में कॉर्निया की भारी कमी है और ऐसे दान हजारों नेत्रहीन लोगों के जीवन में उजाला ला सकते हैं।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में इमारत मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इमारत में अवैध रूप से PG संचालित किया जा रहा था और संरचना जर्जर हालत में थी।

यह हादसा ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में अवैध PG और जर्जर इमारतों को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। गौरतलब है कि राजधानी में इस तरह की घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं, फिर भी नियमन की खामियाँ बनी हुई हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस जाँच जारी है और इमारत की संरचनात्मक स्थिति तथा अवैध PG संचालन की पूरी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है। भर्ती मरीजों की निगरानी एम्स ट्रॉमा सेंटर में जारी है। दान किए गए कॉर्निया को जल्द ही जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बार-बार दोहराया जाने वाला पैटर्न है। इमारत मालिक की गिरफ्तारी तात्कालिक जवाबदेही है, लेकिन असली सवाल यह है कि नगर निगम और स्थानीय प्रशासन इतने समय तक अवैध संचालन से अनजान कैसे रहे। युवा छात्रों की मौत यह भी रेखांकित करती है कि शहरों में बाहर से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और विनियमित आवास की व्यवस्था अभी भी एक अनसुलझी नीतिगत चुनौती है।
RashtraPress
9 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं। सभी मृतकों को दिल्ली एम्स के जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया था और उनकी पहचान परिजनों द्वारा की गई है।
सत्य निकेतन हादसे में कॉर्निया दान किसने किया?
हादसे में जान गंवाने वाले 7 मृतकों में से 2 के परिजनों ने स्वेच्छा से उनके कॉर्निया दान करने का फैसला किया। एम्स प्रबंधन ने इस निर्णय की सराहना की है और ये कॉर्निया जरूरतमंद मरीजों को दृष्टि देने के काम आएंगे।
सत्य निकेतन हादसे में किसे गिरफ्तार किया गया है?
दिल्ली पुलिस ने इमारत मालिक हरिराम गुप्ता , उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इमारत में अवैध रूप से PG संचालित किया जा रहा था।
एम्स में सत्य निकेतन हादसे के कितने मरीज अभी भर्ती हैं?
एम्स के अनुसार, अभी 4 मरीज ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं — 3 की हालत स्थिर है और 1 की हालत गंभीर बनी हुई है। 30 वर्षीय कृष्णा को रविवार को ही छुट्टी दे दी गई थी।
सत्य निकेतन की इमारत क्यों गिरी?
अधिकारियों के अनुसार, इमारत काफी पुरानी और जर्जर हालत में थी तथा उसमें कथित तौर पर अवैध रूप से PG सुविधा चलाई जा रही थी। जाँच जारी है और पुलिस संरचनात्मक खामियों तथा जिम्मेदारी की पूरी तस्वीर सामने लाने में लगी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 53 मिनट पहले
  2. 57 मिनट पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले