सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: 7 मौतों के बीच दो परिवारों ने किया कॉर्निया दान, एम्स ने की सराहना
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में 7 लोगों की मौत हो चुकी है — जिनमें 5 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं। इस गहरे शोक की घड़ी में दो परिवारों ने असाधारण मानवता का परिचय देते हुए अपने प्रियजनों के कॉर्निया दान करने का निर्णय लिया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को आँखों की रोशनी मिल सकेगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने इस कदम की सराहना की है।
हादसे का विवरण और मृतकों की पहचान
सत्य निकेतन की यह इमारत काफी पुरानी थी और उसमें कथित तौर पर अवैध रूप से पेइंग गेस्ट (PG) सुविधा संचालित की जा रही थी। हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान उनके परिजनों द्वारा की गई है। मृतकों में 19 वर्षीय अभिषेक कुमार, 19 वर्षीय अरपित जाज, 20 वर्षीय युवराज सोनी, 17 वर्षीय पवन कुमार, 19 वर्षीय अक्षत सिंह (सभी छात्र), तथा 56 वर्षीय मजदूर सुरेंद्र सिंह और 30 वर्षीय मजदूर परम लाल कोरी शामिल हैं।
ये सभी छात्र सत्य निकेतन इलाके में किराये पर रहकर पढ़ाई कर रहे थे। सभी घायलों और मृतकों को दिल्ली एम्स के जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया था।
एम्स में उपचार की स्थिति
एम्स के अनुसार, हादसे में घायल 12 लोग ट्रॉमा सेंटर में लाए गए थे। इनमें से 6 को मृत घोषित किया गया, जबकि 1 मरीज ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। फिलहाल 4 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं — जिनमें से 3 की हालत स्थिर है और 1 की हालत गंभीर बनी हुई है। 30 वर्षीय कृष्णा को रविवार को ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
अभी भर्ती मरीजों में 49 वर्षीय मजदूर असगर अली, 19 वर्षीय छात्र नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार और 19 वर्षीय नितिश छिब शामिल हैं।
इंसानियत की मिसाल: कॉर्निया दान का फैसला
एम्स प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 7 मृतकों में से 2 के परिजनों ने स्वेच्छा से उनके कॉर्निया दान करने का निर्णय लिया। यह निर्णय उस समय लिया गया जब दोनों परिवार खुद गहरे दुख में डूबे हुए थे। इन दान किए गए कॉर्निया से जरूरतमंद मरीजों को दृष्टि मिल सकेगी।
एम्स प्रबंधन ने परिजनों के इस साहसिक और परोपकारी कदम की खुलकर प्रशंसा की है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में कॉर्निया की भारी कमी है और ऐसे दान हजारों नेत्रहीन लोगों के जीवन में उजाला ला सकते हैं।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में इमारत मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इमारत में अवैध रूप से PG संचालित किया जा रहा था और संरचना जर्जर हालत में थी।
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में अवैध PG और जर्जर इमारतों को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। गौरतलब है कि राजधानी में इस तरह की घटनाएँ पहले भी हो चुकी हैं, फिर भी नियमन की खामियाँ बनी हुई हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस जाँच जारी है और इमारत की संरचनात्मक स्थिति तथा अवैध PG संचालन की पूरी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है। भर्ती मरीजों की निगरानी एम्स ट्रॉमा सेंटर में जारी है। दान किए गए कॉर्निया को जल्द ही जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित किए जाने की उम्मीद है।