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क्या गैस, सूजन और पेट के भारीपन से हैं परेशान? सुबह-सुबह अपनाएं ये तीन आयुर्वेदिक उपाय

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क्या गैस, सूजन और पेट के भारीपन से हैं परेशान? सुबह-सुबह अपनाएं ये तीन आयुर्वेदिक उपाय

सारांश

अगर आप भी सुबह-सुबह पेट फूलने, गैस बनने या भारीपन से परेशान हैं, तो यह लेख आपके लिए है। जानें, कैसे साधारण आयुर्वेदिक उपायों से आप अपने पाचन तंत्र को सुधार सकते हैं और शरीर को हल्का महसूस कर सकते हैं।

मुख्य बातें

नींबू और अदरक : गैस और सूजन कम करने में सहायक।
सौंफ की चाय : पेट में जमा गैस को बाहर निकालती है।
ग्रीन टी : पाचन तंत्र को दुरुस्त करती है।

नई दिल्ली, 6 अक्तूबर (राष्ट्र प्रेस)। सुबह-सुबह पेट का फूल जाना यानी पेट भारी लगना, गैस बनना या पेट में हल्का-सा दबाव महसूस होना, ये ऐसी समस्याएं हैं, जिनसे बहुत से लोग रोजाना जूझते हैं। इसके पीछे का कारण रात को देर से या ज्यादा मसालेदार खाना खाना, नींद की कमी, पानी कम पीना और शरीर में सूजन को बढ़ाने वाली चीजों का सेवन करना आदि है।

आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों मानते हैं कि जब पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता या शरीर में टॉक्सिन्स यानी विषैले तत्व जमा हो जाते हैं, तब ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं। अगर कुछ प्राकृतिक चीजों को सुबह खाली पेट लिया जाए तो ये न केवल पेट की सूजन कम करेंगे, बल्कि शरीर को अंदर से साफ भी करने में मदद करते हैं।

नींबू और अदरक: अदरक को आयुर्वेद में 'विषघ्न' यानी शरीर से विष निकालने वाली औषधि माना गया है। इसमें जिंजरॉल नाम का एक तत्व होता है, जो सूजन को कम करता है, पाचन क्रिया को तेज करता है और आंतों को आराम पहुंचाता है।

वहीं नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। साथ ही पाचन रसों को सक्रिय करके भोजन को पचाने में मदद करता है। जब इन दोनों को गर्म पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट पीया जाए तो यह पेट की गैस को बाहर निकालने, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने और सूजन को कम करने में काफी मददगार होता है। इसमें शहद मिलाने से इसका स्वाद भी बेहतर हो जाता है और एंटीबैक्टीरियल गुण भी बढ़ जाते हैं।

सौंफ की चाय: बरसों से भारतीय घरों में पाचन के लिए सौंफ का इस्तेमाल किया जाता है। सौंफ में ऐनेथोल नामक तत्व होता है, जो गैस को बनने से रोकता है और पेट में पहले से जमा गैस को बाहर निकालता है।

इसके अलावा, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं, जो आंतों को आराम पहुंचाते हैं। आयुर्वेद कहता है कि सौंफ वात दोष को शांत करती है, जो गैस और सूजन की एक प्रमुख वजह होती है। एक कप गर्म पानी में थोड़ी सी सौंफ डालकर उबालें, छानें और खाली पेट पी जाएं। कुछ दिनों में ही इसका असर दिखने लगता है।

ग्रीन टी: यह हेल्थ कॉन्शियस लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। इसमें कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो न केवल शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, बल्कि सूजन को भी नियंत्रित करते हैं।

ग्रीन टी पाचन क्रिया को दुरुस्त करती है और लीवर को डिटॉक्स करने में मदद करती है। सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और पेट हल्का महसूस होता है। हालांकि इसे पीते समय इसमें चीनी न मिलाएं, ताकि इसके औषधीय गुण बरकरार रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

हम मानते हैं कि प्राकृतिक उपायों का उपयोग करके स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान करना एक समझदारी भरा कदम है। आयुर्वेद का ज्ञान सदियों पुराना है और यह आज भी हमारी सेहत के लिए उतना ही प्रासंगिक है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुबह किस समय इन उपायों को करना चाहिए?
सुबह खाली पेट इन उपायों को करना सबसे प्रभावी होता है।
क्या ये उपाय सभी के लिए सुरक्षित हैं?
हाँ, लेकिन यदि आपको किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लें।
क्या ग्रीन टी में चीनी डालना चाहिए?
नहीं, ग्रीन टी के औषधीय गुणों को बनाए रखने के लिए चीनी न मिलाएं।
राष्ट्र प्रेस
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