9 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उष्ट्रासन (कैमल पोज़) से पेट और हिप की चर्बी घटाएँ, कमर-गर्दन का दर्द भी होगा कम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उष्ट्रासन (कैमल पोज़) से पेट और हिप की चर्बी घटाएँ, कमर-गर्दन का दर्द भी होगा कम

सारांश

उष्ट्रासन सिर्फ एक बैकबेंड नहीं — यह पेट, हिप्स, कमर और गर्दन को एक साथ साधने वाला आसन है। आयुष मंत्रालय ने इसकी विधि साझा की है, लेकिन विशेषज्ञ याद दिलाते हैं कि चर्बी घटाने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी उतने ही ज़रूरी हैं।

मुख्य बातें

उष्ट्रासन (कैमल पोज़) पेट और हिप्स की मांसपेशियों में खिंचाव लाकर चर्बी कम करने में सहायक हो सकता है।
आयुष मंत्रालय ने एक्स पर इस आसन की विधि और लाभ साझा किए हैं।
अंतिम मुद्रा में 10 से 30 सेकंड तक रुकना उचित माना जाता है; गर्दन को झटके से पीछे न ले जाएँ।
केवल उष्ट्रासन से चर्बी घटने की गारंटी नहीं — संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी आवश्यक हैं।
हृदय रोग या हर्निया के मरीज़ विशेषज्ञ की सलाह के बिना यह आसन न करें।

उष्ट्रासन (कैमल पोज़) एक ऐसा योगासन है जो पेट और हिप्स की चर्बी कम करने, कमर व गर्दन के दर्द से राहत दिलाने और शरीर में लचीलापन बढ़ाने में सहायक माना जाता है। आयुष मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई पोस्ट में इस आसन की विधि और लाभों की जानकारी दी है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित अभ्यास से यह आसन शरीर को मजबूत और संतुलित बनाने में मदद कर सकता है।

उष्ट्रासन करने की सही विधि

आयुष मंत्रालय के अनुसार, उष्ट्रासन का अभ्यास शुरू करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठें। इसके बाद घुटनों और पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखते हुए घुटनों के बल सीधे खड़े हो जाएँ। धीरे-धीरे साँस लेते हुए शरीर को पीछे की ओर झुकाएँ और दोनों हाथों को अपनी एड़ियों पर टिकाएँ।

इस दौरान गर्दन को अचानक या झटके से पीछे न ले जाएँ — यह सबसे महत्वपूर्ण सावधानी है। अंतिम स्थिति में जाँघें ज़मीन के लगभग सीधी रहती हैं और शरीर का भार हाथों व पैरों पर संतुलित रहता है। इस मुद्रा में 10 से 30 सेकंड तक सामान्य साँस लेते हुए रुका जा सकता है।

पेट और हिप्स की चर्बी पर असर

शरीर को पीछे की ओर मोड़ने वाली इस मुद्रा से पेट और हिप्स के आसपास की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे इस क्षेत्र की चर्बी कम होने में सहायता मिल सकती है। हालाँकि विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि केवल एक योगासन से चर्बी घटने की गारंटी नहीं है — इसके लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही ज़रूरी है।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब शहरी जीवनशैली और गतिहीन कार्यशैली के कारण पेट की चर्बी और पीठ दर्द की समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि आयुष मंत्रालय पिछले कुछ वर्षों से योग के वैज्ञानिक पहलुओं को व्यापक स्तर पर प्रचारित कर रहा है।

अन्य स्वास्थ्य लाभ

उष्ट्रासन कमर, कंधों और गर्दन की जकड़न दूर करने में उपयोगी माना जाता है। छाती को फैलाने वाली यह मुद्रा साँस लेने की क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसके अतिरिक्त, यह आसन पाचन तंत्र को सक्रिय रखने और शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में भी सहायक हो सकता है।

किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए

हृदय रोग से पीड़ित या हर्निया के मरीज़ों को बिना किसी योग विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह के यह आसन नहीं करना चाहिए। गर्दन या रीढ़ की गंभीर समस्या वाले लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

नियमित योगाभ्यास और उचित जीवनशैली के साथ उष्ट्रासन को दिनचर्या में शामिल करना शरीर को दीर्घकालिक रूप से मजबूत और लचीला बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए स्वास्थ्य निर्देशों की एक सीमा होती है — वे व्यक्तिगत शारीरिक स्थिति को ध्यान में नहीं रख सकते। उष्ट्रासन जैसे बैकबेंड आसन रीढ़ पर दबाव डालते हैं, और बिना प्रशिक्षित मार्गदर्शन के इन्हें करना चोट का कारण बन सकता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर 'लाभ' सूचीबद्ध करती है, पर 'किसके लिए उपयुक्त नहीं' यह उतनी ही महत्वपूर्ण जानकारी है जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उष्ट्रासन (कैमल पोज़) क्या है और इसे कैसे करें?
उष्ट्रासन एक पीछे की ओर झुकने वाला योगासन है जिसमें घुटनों के बल खड़े होकर शरीर को पीछे मोड़ते हुए हाथों को एड़ियों पर टिकाया जाता है। वज्रासन से शुरू करें, धीरे-धीरे साँस लेते हुए पीछे झुकें और 10 से 30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें।
उष्ट्रासन से पेट और हिप की चर्बी कम होती है क्या?
उष्ट्रासन पेट और हिप्स की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है, जिससे इस क्षेत्र की चर्बी कम होने में सहायता मिल सकती है। हालाँकि विशेषज्ञों के अनुसार, केवल एक आसन से चर्बी घटने की गारंटी नहीं होती — संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी ज़रूरी हैं।
उष्ट्रासन के क्या-क्या फायदे हैं?
उष्ट्रासन कमर, कंधों और गर्दन की जकड़न दूर कर सकता है, साँस लेने की क्षमता बेहतर कर सकता है और पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है। नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन और मजबूती आ सकती है।
उष्ट्रासन करते समय कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
गर्दन को झटके से पीछे न ले जाएँ और शरीर का भार हाथों व पैरों पर संतुलित रखें। हृदय रोग, हर्निया या रीढ़ की गंभीर समस्या वाले लोगों को किसी योग विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह के बिना यह आसन नहीं करना चाहिए।
आयुष मंत्रालय ने उष्ट्रासन के बारे में क्या कहा?
आयुष मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए उष्ट्रासन की विधि और स्वास्थ्य लाभों की जानकारी साझा की। मंत्रालय ने इसे कमर दर्द, गर्दन की जकड़न और शरीर में लचीलापन बढ़ाने के लिए उपयोगी योगासन बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले