13 सितंबर 2026
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WHO प्रमुख टेड्रोस ने भारत के स्वास्थ्य मॉडल की सराहना की, आशा कार्यकर्ताओं को बताया 'बेहतरीन उदाहरण'

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WHO प्रमुख टेड्रोस ने भारत के स्वास्थ्य मॉडल की सराहना की, आशा कार्यकर्ताओं को बताया 'बेहतरीन उदाहरण'

सारांश

WHO महानिदेशक टेड्रोस ने दिली में भारत को वैश्विक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में सराहा — 1.6 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और आशा कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को 'बेहतरीन उदाहरण' बताते हुए। संस्थागत प्रसव दर 78 से 93 प्रतिशत तक पहुँचना वह उपलब्धि है जिसे अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिल रही है।

मुख्य बातें

WHO महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने 10 सितंबर 2026 को दिली (तिमोर-लेस्ते) में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की।
टेड्रोस ने लगभग 1.6 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर की जाँच सुविधाओं को जन-जन तक पहुँचाने की सराहना की।
भारत में संस्थागत प्रसव दर 78 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत हुई, जिसे WHO ने उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।
आशा कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को WHO प्रमुख ने सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं का 'बेहतरीन उदाहरण' करार दिया।
दोनों नेताओं ने टीबी उन्मूलन , चिकित्सा उत्पाद नियमन और WHO महामारी समझौते के तहत सहयोग पर भी चर्चा की।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने 10 सितंबर 2026 को तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम में भारत के प्रयासों की विशेष प्रशंसा की।

बैठक का संदर्भ और महत्व

यह मुलाकात WHO दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र के दौरान हुई, जिसमें क्षेत्र के कई देशों के स्वास्थ्य मंत्री और प्रतिनिधि भाग लेने के लिए दिली में एकत्र हुए थे। यह बैठक ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर जोर बढ़ रहा है और भारत को इस क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में देखा जाने लगा है।

टेड्रोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैंने भारत के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की और उन्हें देश की स्वास्थ्य सेवाओं में हुई प्रभावशाली प्रगति के लिए बधाई दी। खास तौर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों के खिलाफ लड़ाई में भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।'

आयुष्मान आरोग्य मंदिर की वैश्विक सराहना

WHO प्रमुख ने 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' पहल को विशेष रूप से रेखांकित किया, जिसके माध्यम से देशभर में नागरिकों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और जाँच सुविधाओं तक पहुँच बढ़ी है। उनके अनुसार, लगभग 1.6 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए भारत उच्च रक्तचाप, मधुमेह और सामान्य प्रकार के कैंसर की जाँच को लोगों के घरों के निकट पहुँचा रहा है। जिन मरीजों को आगे उपचार की आवश्यकता होती है, उनके लिए समुचित रेफरल व्यवस्था भी उपलब्ध है।

आशा कार्यकर्ता — स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी

टेड्रोस ने भारत की आशा कार्यकर्ताओं के विशाल नेटवर्क की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा, 'भारत की आशा कार्यकर्ता इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण हैं कि स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों तक उनके समुदायों में कैसे पहुँचाई जा सकती हैं। वे गर्भधारण से लेकर किशोरावस्था तक माताओं और बच्चों को सहयोग देती हैं।' गौरतलब है कि यह नेटवर्क ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम कड़ी के रूप में कार्य करता है, जहाँ नियमित स्वास्थ्य ढाँचा प्रायः सीमित रहता है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के मोर्चे पर, टेड्रोस ने टीकाकरण कवरेज के विस्तार और अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले प्रसव की दर के 78 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत होने को उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।

टीबी उन्मूलन और नियामक सुदृढ़ीकरण पर चर्चा

बैठक में टेड्रोस और नड्डा ने भारत के टीबी उन्मूलन अभियान पर भी विचार-विमर्श किया। इस क्षेत्र में भारत व्यापक जाँच, बेहतर पहचान, उपचार और जनस्वास्थ्य संबंधी हस्तक्षेपों के माध्यम से अपने प्रयासों को निरंतर तेज कर रहा है। इसके अलावा, चिकित्सा उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियामक ढाँचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी सहमति जताई गई।

वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग में भारत की भूमिका

टेड्रोस ने WHO को भारत की ओर से दिए जा रहे महत्वपूर्ण योगदान और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों में उसकी सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की। इसमें पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग के साथ-साथ WHO महामारी समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग प्रणाली पर जारी वार्ता भी शामिल है। आगे चलकर, दोनों पक्षों के बीच वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर यह सहयोग और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि आशा कार्यकर्ताओं की वेतन और कार्यस्थिति पर भीतर से लगातार सवाल उठते रहे हैं। संस्थागत प्रसव दर का 93 प्रतिशत तक पहुँचना निर्विवाद रूप से उल्लेखनीय है, लेकिन इन केंद्रों पर सेवा गुणवत्ता की एकरूपता अभी भी एक खुला प्रश्न है। वैश्विक मान्यता को घरेलू जवाबदेही के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि सुधार की अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

WHO महानिदेशक टेड्रोस ने भारत के किन स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सराहना की?
टेड्रोस ने मुख्य रूप से आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल, आशा कार्यकर्ताओं के नेटवर्क और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में हुए सुधारों की प्रशंसा की। उन्होंने गैर-संचारी रोगों — जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर — की जाँच को समुदाय स्तर तक पहुँचाने की व्यवस्था को भी सराहा।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्या है और इसकी WHO ने तारीफ क्यों की?
आयुष्मान आरोग्य मंदिर भारत सरकार की वह पहल है जिसके तहत देशभर में लगभग 1.6 लाख केंद्रों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ और जाँच सुविधाएँ लोगों के करीब उपलब्ध कराई जा रही हैं। WHO प्रमुख ने इसे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण का एक प्रभावी उदाहरण बताया।
भारत की संस्थागत प्रसव दर में कितना सुधार हुआ है?
टेड्रोस के अनुसार, भारत में अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले प्रसव की दर 78 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई है। इस सुधार को WHO ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि करार दिया है।
दिली में जेपी नड्डा और टेड्रोस की बैठक में और किन विषयों पर चर्चा हुई?
दोनों नेताओं ने टीबी उन्मूलन अभियान, चिकित्सा उत्पादों के नियमन को सुदृढ़ बनाने और WHO महामारी समझौते के तहत पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग प्रणाली पर भी विचार-विमर्श किया। पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत-WHO सहयोग भी बातचीत का हिस्सा रहा।
यह बैठक किस अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुई?
यह बैठक तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में आयोजित WHO दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र के दौरान हुई। इस सत्र में क्षेत्र के कई देशों के स्वास्थ्य मंत्री और प्रतिनिधि भाग लेने के लिए एकत्र हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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