79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा जेनेवा में संपन्न: तपेदिक, स्ट्रोक समेत 20+ निर्णय पारित
सारांश
मुख्य बातें
79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा 23 मई 2025 को जेनेवा, स्विट्जरलैंड में छह दिनों की विचार-विमर्श प्रक्रिया के बाद संपन्न हुई, जिसमें सदस्य देशों ने स्ट्रोक, लिवर रोग, तपेदिक और विकिरण सहित अनेक स्वास्थ्य मुद्दों पर 20 से अधिक निर्णय और 13 प्रस्ताव पारित किए। बहुपक्षीय स्वास्थ्य प्रशासन के लिए यह सभा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और स्वास्थ्य प्रणालियों पर बढ़ते दबाव के बीच आयोजित हुई।
सभा का केंद्रीय विषय और एजेंडा
इस वर्ष की सभा का मुख्य विषय 'वैश्विक स्वास्थ्य को नया आकार देना: जिम्मेदारी साझा करने के लिए मिलकर काम करना' रखा गया था। यह विषय ऐसे समय में चुना गया जब अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग की प्रासंगिकता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सभा में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी, रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) और अंग प्रत्यारोपण जैसे संवेदनशील विषयों पर सर्वसम्मति बनाई गई।
अध्यक्ष का समापन वक्तव्य
सभा के अध्यक्ष और डोमिनिकन गणराज्य के स्वास्थ्य मंत्री विक्टर अताला राजम ने अपने समापन भाषण में कहा कि इस सभा ने मानव स्वास्थ्य की रक्षा के अपने मूल उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने कहा कि प्राप्त सर्वसम्मतियों का व्यापक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।
बहुपक्षवाद की परीक्षा और उसकी सफलता
गौरतलब है कि यह सभा बढ़ते वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों, बार-बार उत्पन्न होने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों और बहुपक्षीय प्रणाली के समक्ष आने वाली गंभीर चुनौतियों की पृष्ठभूमि में आयोजित हुई। आलोचकों का कहना है कि ऐसे माहौल में सर्वसम्मति बना पाना बहुपक्षवाद की स्थायी शक्ति का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब कई देश अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
आगे की राह
पारित निर्णयों और प्रस्तावों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अब सदस्य देशों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सचिवालय पर होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, रोगाणुरोधी प्रतिरोध और तपेदिक जैसे मुद्दों पर लिए गए निर्णय वैश्विक स्वास्थ्य नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।