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79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा जिनेवा में संपन्न, टीबी-AMR समेत 13 प्रस्ताव और 20 से अधिक निर्णय पारित

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79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा जिनेवा में संपन्न, टीबी-AMR समेत 13 प्रस्ताव और 20 से अधिक निर्णय पारित

सारांश

जिनेवा में छह दिनों तक चली 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में टीबी, AMR, हीमोफीलिया और डिजिटल स्वास्थ्य समेत 13 प्रस्ताव और 20 से अधिक निर्णय पारित हुए। भू-राजनीतिक तनावों के बीच बहुपक्षीय सहयोग की यह उपलब्धि वैश्विक स्वास्थ्य नीति की दिशा तय करेगी।

मुख्य बातें

79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा 24 मई 2026 को जिनेवा में छह दिवसीय कार्यवाही के बाद संपन्न हुई।
सदस्य देशों ने 13 प्रस्ताव और 20 से अधिक निर्णय पारित किए, जिनमें टीबी , AMR , हीमोफीलिया और प्रिसिजन मेडिसिन शामिल हैं।
सभाध्यक्ष विक्टर लजम ने भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच एजेंडा पूरा होने को बहुपक्षवाद की ताकत बताया।
डिजिटल स्वास्थ्य , AI और डिजिटल गवर्नेंस पर नैतिक व समावेशी ढाँचे की आवश्यकता दोहराई गई।
WHO महानिदेशक ने सदस्य देशों से प्रस्तावों को बिना देरी लागू करने और निरंतर वित्तपोषण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा 24 मई 2026 को जिनेवा में छह दिवसीय कार्यवाही के बाद संपन्न हुई, जिसमें सदस्य देशों ने मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने हेतु 13 प्रस्ताव और 20 से अधिक निर्णय पारित किए। 'वैश्विक स्वास्थ्य को नया स्वरूप देना: एक साझा जिम्मेदारी' विषय के तहत आयोजित इस सभा को वर्तमान भू-राजनीतिक तनावों और बहुपक्षीय व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के बीच एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

सभा में स्ट्रोक, तपेदिक (टीबी), एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR), आपातकालीन चिकित्सा देखभाल, हीमोफीलिया, प्रिसिजन मेडिसिन और रेडिएशन जैसे गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इन विषयों पर पारित प्रस्ताव और निर्णय आने वाले वर्षों में वैश्विक स्वास्थ्य नीति की दिशा तय करेंगे।

गौरतलब है कि यह सभा ऐसे समय में आयोजित हुई जब दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों की पुनरावृत्ति और AMR के बढ़ते खतरे ने वैश्विक स्वास्थ्य तंत्र की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

सभाध्यक्ष का समापन संबोधन

सभा के अध्यक्ष विक्टर लजम ने अपने समापन संबोधन में कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक संघर्षों, बार-बार आने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों और बहुपक्षीय व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौतियों के बावजूद सभा ने अपना एजेंडा सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने इसे बहुपक्षवाद की ताकत का प्रमाण बताया।

डोमिनिकन रिपब्लिक के स्वास्थ्य मंत्री विक्टर ने कहा कि सभा ने मानव स्वास्थ्य की रक्षा के अपने मुख्य मिशन पर ध्यान केंद्रित रखा और ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय अपनाए जिनका सीधा प्रभाव लाखों लोगों के जीवन पर पड़ेगा। उन्होंने आपातकालीन तैयारी, AMR नियंत्रण, आदिवासी समुदायों के स्वास्थ्य में नवाचार, अंग प्रत्यारोपण की नैतिक व्यवस्था और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर विशेष ज़ोर दिया।

डिजिटल स्वास्थ्य और उभरती प्रौद्योगिकियाँ

सभा में डिजिटल स्वास्थ्य, इंटरऑपरेबिलिटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल गवर्नेंस जैसे उभरते मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। प्रिसिजन मेडिसिन और डायग्नोस्टिक इमेजिंग में लोगों-केंद्रित, इंटरऑपरेबल और विविध चिकित्सा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नैतिक और समावेशी ढाँचे की आवश्यकता को भी दोहराया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब AI-आधारित स्वास्थ्य समाधानों को लेकर नियामकीय स्पष्टता की माँग वैश्विक स्तर पर तेज़ हो रही है।

WHO महानिदेशक का आह्वान

अपने समापन संबोधन में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक ने सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे पारित प्रस्तावों को बिना देरी के लागू करें। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 'राजनीतिक प्रतिबद्धता, निरंतर वित्तपोषण और सदस्य देशों, साझेदारों तथा समुदायों के बीच लगातार सहयोग' अनिवार्य होगा।

सभा में वैश्विक स्वास्थ्य ढाँचे में सुधार पर भी सहमति बनी, जिसके तहत WHO की मेजबानी में सदस्य देशों द्वारा संचालित संयुक्त प्रक्रिया के ज़रिए इस दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा। आने वाले महीनों में इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी प्रस्तावों का क्रियान्वयन है — जो ऐतिहासिक रूप से WHO की सबसे बड़ी कमज़ोरी रही है। AMR पर पिछले सम्मेलनों में भी संकल्प पारित हुए, फिर भी वैश्विक स्तर पर एंटीबायोटिक दुरुपयोग बेरोकटोक जारी है। डिजिटल स्वास्थ्य और AI पर 'नैतिक ढाँचे' की माँग तब तक खोखली रहेगी जब तक बाध्यकारी नियामकीय तंत्र नहीं बनता। भू-राजनीतिक दबावों के बीच बहुपक्षवाद की यह 'जीत' तभी सार्थक होगी जब सदस्य देश वित्तपोषण प्रतिबद्धताओं को वास्तव में पूरा करें।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में क्या हुआ?
जिनेवा में आयोजित 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में सदस्य देशों ने टीबी, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, हीमोफीलिया, प्रिसिजन मेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य समेत 13 प्रस्ताव और 20 से अधिक निर्णय पारित किए। यह सभा 24 मई 2026 को छह दिनों की कार्यवाही के बाद संपन्न हुई।
विश्व स्वास्थ्य सभा 2026 का मुख्य विषय क्या था?
इस वर्ष की सभा का विषय 'वैश्विक स्वास्थ्य को नया स्वरूप देना: एक साझा जिम्मेदारी' था। इसके तहत सदस्य देशों ने बहुपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने और वैश्विक स्वास्थ्य ढाँचे में सुधार पर सहमति जताई।
एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस पर सभा में क्या निर्णय हुआ?
सभा में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) पर नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया। डोमिनिकन रिपब्लिक के स्वास्थ्य मंत्री ने AMR नियंत्रण को सभा के प्रमुख एजेंडा बिंदुओं में से एक बताया।
WHO महानिदेशक ने सदस्य देशों से क्या आग्रह किया?
WHO महानिदेशक ने सदस्य देशों से पारित प्रस्तावों को बिना देरी लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य लक्ष्यों के लिए राजनीतिक प्रतिबद्धता, निरंतर वित्तपोषण और सभी साझेदारों के बीच सहयोग अनिवार्य है।
विश्व स्वास्थ्य सभा में डिजिटल स्वास्थ्य पर क्या चर्चा हुई?
सभा में डिजिटल स्वास्थ्य, इंटरऑपरेबिलिटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल गवर्नेंस पर गहन विचार-विमर्श हुआ। प्रिसिजन मेडिसिन और डायग्नोस्टिक इमेजिंग में नैतिक और समावेशी ढाँचे की आवश्यकता पर सहमति बनी।
राष्ट्र प्रेस
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