इमरान खान की तीन बहनें हिरासत में: उज्मा और नूरीन को 30 दिन की नज़रबंदी, 27 सितंबर मार्च से पहले PTI पर शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की दो और बहनों — डॉ. उज्मा खान और नूरीन नियाजी — को लाहौर पुलिस ने सोमवार, 22 सितंबर 2026 को 30 दिन की निवारक हिरासत में ले लिया। इससे एक दिन पहले उनकी बहन अलीमा खान को भी इसी आदेश के तहत कोट लखपत जेल भेजा जा चुका था। यह कार्रवाई PTI के 27 सितंबर को होने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और इस्लामाबाद मार्च से ठीक पहले की गई है।
हिरासत का कानूनी आधार
दैनिक डॉन में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, 20 सितंबर के एक लिखित आदेश में लाहौर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय ने पंजाब मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस, 1960 (MPO) के तहत उज्मा और नूरीन को हिरासत में रखने का निर्देश दिया। इस आदेश में दोनों को "जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खतरा" बताया गया।
गौरतलब है कि MPO अधिकारियों को बिना न्यायिक समीक्षा की अनिवार्यता के निवारक हिरासत का आदेश देने का अधिकार देता है। आलोचकों का कहना है कि इस कानून का उपयोग अक्सर राजनीतिक विरोधियों को चुनावी या आंदोलन पूर्व गतिविधियों से रोकने के लिए किया जाता है।
आदेश में लगाए गए आरोप
हिरासत आदेश में आरोप लगाया गया कि उज्मा और नूरीन 9 मई के विरोध प्रदर्शन में शामिल थीं और कार्यकर्ताओं को "सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के लिए उकसाया था।" इसके अलावा कहा गया कि वे "सोशल मीडिया और जनसभाओं के माध्यम से कार्यकर्ताओं को एकजुट कर रही हैं और सरकार/संस्थान के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने के लिए लोगों को भड़का रही हैं।"
आदेश में यह भी कहा गया कि "अगर ऐसे कार्यकर्ताओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे ऐसी स्थिति पैदा कर सकते हैं जो जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हानिकारक हो।" यह निर्णय रविवार को लाहौर के डीसी मुहम्मद अली एजाज की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में पुलिस द्वारा प्रस्तुत 'सबूतों' की समीक्षा के बाद लिया गया।
PTI की प्रतिक्रिया
सोमवार तड़के PTI के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पंजाब पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने "इमरान की दोनों बहनों को उनके बच्चों और अलीमा खान के बेटों के साथ गिरफ्तार कर लिया है।" अकरम ने दावा किया कि इन सभी को "एक बख्तरबंद गाड़ी में बिठाया गया है और किसी अज्ञात जगह पर ले जाया जा रहा है।"
PTI ने 27 सितंबर का मार्च इमरान खान की जेल से रिहाई और संविधान की रक्षा की मांग के लिए बुलाया है। पार्टी का कहना है कि इन हिरासतों का उद्देश्य आंदोलन को कुचलना है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में PTI नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर दबाव की खबरें लगातार आ रही हैं। 9 मई 2023 की हिंसा के बाद से इमरान खान जेल में हैं और उन पर कई मुकदमे चल रहे हैं। परिवार के सदस्यों को हिरासत में लेना पाकिस्तान की राजनीतिक कार्रवाइयों में एक नए आयाम के रूप में देखा जा रहा है। अलीमा खान, उज्मा खान और नूरीन नियाजी — तीनों को कोट लखपत जेल के सुपरिटेंडेंट की निगरानी में रखा जाएगा। इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की नज़र टिकी है और आने वाले दिनों में PTI का अगला कदम क्या होगा, यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा।