29 जुलाई 2026
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इराक के 20 PMF लड़ाकों की मौत का दावा, अमेरिका-सऊदी हवाई हमलों के बाद PM जैदी ने बुलाई आपात बैठक

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इराक के 20 PMF लड़ाकों की मौत का दावा, अमेरिका-सऊदी हवाई हमलों के बाद PM जैदी ने बुलाई आपात बैठक

सारांश

इराक के सात प्रांतों में रात भर हुए कथित अमेरिकी-सऊदी हवाई हमलों में PMF के 20 लड़ाकों की मौत का दावा — और यह आंकड़ा बढ़ सकता है। PM जैदी की आपात बैठक बताती है कि बगदाद इसे महज सैन्य घटना नहीं, बल्कि संप्रभुता का संकट मान रहा है।

मुख्य बातें

इराक के PMF ने दावा किया कि 29 जुलाई 2026 को हुए कथित अमेरिकी और सऊदी अरब के हवाई हमलों में 20 लड़ाके मारे गए और 32 घायल हुए।
हमले बगदाद, वासित, नीनवेह, बसरा, किरकुक, करबला और दियाला — सात प्रांतों में PMF के ठिकानों पर हुए।
PMF के अनुसार मृतकों और घायलों की संख्या प्रारंभिक है और आकलन जारी है।
प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई; बैठक के बाद विस्तृत बयान जारी होने की उम्मीद।
PMF की स्थापना 2014 में हुई थी; 2017 में ISIS के खिलाफ अभियान के बाद इसे सरकारी अर्धसैनिक बल का दर्जा मिला।

इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने दावा किया है कि 29 जुलाई 2026 को रात भर हुए कथित अमेरिकी और सऊदी अरब के हवाई हमलों में उसके कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और 32 अन्य घायल हुए। PMF के अनुसार यह प्रारंभिक आंकड़ा है और मौके पर चल रहे आकलन के बाद मृतकों व घायलों की संख्या बढ़ सकती है।

हमलों का विस्तार और नुकसान

PMF ने अपने बयान में बताया कि हवाई हमले बगदाद, वासित, नीनवेह, बसरा, किरकुक, करबला और दियाला — यानी सात प्रांतों में स्थित उसके ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए। बल ने कहा कि इन हमलों में इमारतों, वाहनों और सैन्य उपकरणों को भी अलग-अलग स्तर पर नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि हमले एक साथ कई मोर्चों पर हुए, जो इसे सामान्य छिटपुट कार्रवाई से अलग बनाता है।

PM जैदी की आपात बैठक

हमलों की खबर सामने आने के तुरंत बाद इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने बुधवार को मंत्रिपरिषद की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि बैठक के बाद घटनाक्रम और लिए गए फैसलों को लेकर एक विस्तृत बयान जारी किया जाएगा। यह बैठक इराक की संप्रभुता पर उठे सवालों और देश के भीतर राजनीतिक दबाव के बीच हुई।

PMF: पृष्ठभूमि और महत्व

PMF की स्थापना 2014 में हुई थी, जब आतंकवादी संगठन ISIS ने इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। 2017 में ISIS को इराक से खदेड़ने में इस बल ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। बाद में इराकी सरकार ने इसे आधिकारिक अर्धसैनिक बल का दर्जा दिया और इसके लड़ाकों को सरकारी वेतन दिया जाने लगा। यह बल मुख्यतः शिया मिलिशिया समूहों का राज्य-समर्थित गठबंधन है।

आम जनता और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव पहले से ऊंचे स्तर पर है। सात प्रांतों में एक साथ हुए हमलों ने आम नागरिकों में भय का माहौल बनाया है। आलोचकों का कहना है कि यदि हमलों की पुष्टि होती है, तो यह इराक की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन होगा और क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा कर सकता है।

आगे क्या

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद जैदी सरकार के रुख और संभावित राजनयिक कदमों पर सबकी नजर है। PMF ने संकेत दिया है कि मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या मौके पर चल रहे आकलन के बाद सामने आएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह इराक की संप्रभुता पर अब तक का सबसे व्यापक एकल-रात का आघात होगा। असली सवाल यह है कि जैदी सरकार, जो एक तरफ अमेरिका से सुरक्षा साझेदारी और दूसरी तरफ ईरान-समर्थित PMF से राजनीतिक निर्भरता में फंसी है, इस दोहरे दबाव में कौन-सा रास्ता चुनती है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाना संकेत देता है कि बगदाद इसे कूटनीतिक संकट की तरह देख रहा है — लेकिन बिना स्वतंत्र सत्यापन के, PMF के आंकड़े और अमेरिका-सऊदी की संलिप्तता का दावा, दोनों ही अभी तक एकपक्षीय हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इराक में अमेरिका-सऊदी हवाई हमलों में क्या हुआ?
इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने दावा किया है कि 29 जुलाई 2026 की रात अमेरिका और सऊदी अरब के हवाई हमलों में उसके 20 लड़ाके मारे गए और 32 घायल हुए। हमले बगदाद, वासित, नीनवेह, बसरा, किरकुक, करबला और दियाला — सात प्रांतों में PMF के ठिकानों पर हुए बताए जा रहे हैं।
इराक के PM जैदी ने आपात बैठक क्यों बुलाई?
प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने PMF के दावों और देश में रातभर हुए कथित हवाई हमलों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार बैठक के बाद घटनाक्रम और लिए गए फैसलों पर विस्तृत बयान जारी किया जाएगा।
पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) क्या है?
PMF इराक का राज्य-समर्थित अर्धसैनिक गठबंधन है, जो मुख्यतः शिया मिलिशिया समूहों से बना है। इसकी स्थापना 2014 में ISIS के उभार के जवाब में हुई थी और 2017 में ISIS को खदेड़ने के बाद इराकी सरकार ने इसे आधिकारिक सुरक्षा बल का दर्जा दिया।
क्या मृतकों की संख्या बढ़ सकती है?
PMF ने खुद कहा है कि 20 मारे गए और 32 घायल हुए का आंकड़ा प्रारंभिक है। मौके पर आकलन जारी है और बल ने संकेत दिया है कि अंतिम संख्या इससे अधिक हो सकती है।
इन हमलों का इराक की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
आलोचकों का कहना है कि यदि हमलों की पुष्टि होती है, तो यह इराक की संप्रभुता का उल्लंघन होगा और जैदी सरकार पर अमेरिका तथा ईरान-समर्थित PMF के बीच संतुलन बनाने का दबाव और बढ़ेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद सरकार के रुख से आगे की दिशा तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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