इराक के 20 PMF लड़ाकों की मौत का दावा, अमेरिका-सऊदी हवाई हमलों के बाद PM जैदी ने बुलाई आपात बैठक
सारांश
मुख्य बातें
इराक के पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज (PMF) ने दावा किया है कि 29 जुलाई 2026 को रात भर हुए कथित अमेरिकी और सऊदी अरब के हवाई हमलों में उसके कम से कम 20 लड़ाके मारे गए और 32 अन्य घायल हुए। PMF के अनुसार यह प्रारंभिक आंकड़ा है और मौके पर चल रहे आकलन के बाद मृतकों व घायलों की संख्या बढ़ सकती है।
हमलों का विस्तार और नुकसान
PMF ने अपने बयान में बताया कि हवाई हमले बगदाद, वासित, नीनवेह, बसरा, किरकुक, करबला और दियाला — यानी सात प्रांतों में स्थित उसके ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए। बल ने कहा कि इन हमलों में इमारतों, वाहनों और सैन्य उपकरणों को भी अलग-अलग स्तर पर नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि हमले एक साथ कई मोर्चों पर हुए, जो इसे सामान्य छिटपुट कार्रवाई से अलग बनाता है।
PM जैदी की आपात बैठक
हमलों की खबर सामने आने के तुरंत बाद इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने बुधवार को मंत्रिपरिषद की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि बैठक के बाद घटनाक्रम और लिए गए फैसलों को लेकर एक विस्तृत बयान जारी किया जाएगा। यह बैठक इराक की संप्रभुता पर उठे सवालों और देश के भीतर राजनीतिक दबाव के बीच हुई।
PMF: पृष्ठभूमि और महत्व
PMF की स्थापना 2014 में हुई थी, जब आतंकवादी संगठन ISIS ने इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। 2017 में ISIS को इराक से खदेड़ने में इस बल ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। बाद में इराकी सरकार ने इसे आधिकारिक अर्धसैनिक बल का दर्जा दिया और इसके लड़ाकों को सरकारी वेतन दिया जाने लगा। यह बल मुख्यतः शिया मिलिशिया समूहों का राज्य-समर्थित गठबंधन है।
आम जनता और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव पहले से ऊंचे स्तर पर है। सात प्रांतों में एक साथ हुए हमलों ने आम नागरिकों में भय का माहौल बनाया है। आलोचकों का कहना है कि यदि हमलों की पुष्टि होती है, तो यह इराक की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन होगा और क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा कर सकता है।
आगे क्या
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद जैदी सरकार के रुख और संभावित राजनयिक कदमों पर सबकी नजर है। PMF ने संकेत दिया है कि मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या मौके पर चल रहे आकलन के बाद सामने आएगी।