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एपीईसी सीमा शुल्क बैठक: चीन ने व्यापार बाधाएं हटाने के लिए तीन-सूत्रीय प्रस्ताव रखा

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एपीईसी सीमा शुल्क बैठक: चीन ने व्यापार बाधाएं हटाने के लिए तीन-सूत्रीय प्रस्ताव रखा

सारांश

ताल्येन में एपीईसी सीमा शुल्क उपसमिति की बैठक में चीन ने व्यापार बाधाएं हटाने, डिजिटल नवाचार अपनाने और आपूर्ति श्रृंखला मज़बूत करने के तीन प्रस्ताव रखे। वैश्विक विखंडन के दौर में यह बैठक एशिया-प्रशांत व्यापार सहयोग की नई दिशा तय करने की कोशिश है।

मुख्य बातें

एपीईसी सीमा शुल्क प्रक्रियाओं की उपसमिति का 2026 का दूसरा पूर्णाधिवेशन 22 अगस्त को ताल्येन, ल्याओनिंग में शुरू हुआ।
चीनी कस्टम प्रशासन के उप प्रमुख चांग पाओफेंग ने एपीईसी अर्थव्यवस्थाओं से व्यापार बाधाएं हटाने के प्रयास तेज़ करने का आह्वान किया।
चीन ने तीन-सूत्रीय प्रस्ताव रखे: बहुपक्षवाद, डिजिटल नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला की मज़बूती।
सम्मेलन में स्मार्ट सीमा शुल्क साझेदारी योजना की प्रगति साझा की गई और उपलब्धियों की प्रदर्शनी आयोजित हुई।
चीनी पक्ष के व्यापार सुरक्षा एवं सुविधा से संबंधित सहयोग दस्तावेज़ को सम्मेलन में मंजूरी दी गई।

एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) की सीमा शुल्क प्रक्रियाओं की उपसमिति का 2026 का दूसरा पूर्णाधिवेशन 22 अगस्त को चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में शुरू हुआ। यह बैठक एपीईसी की 'चीन वर्ष' गतिविधियों की एक प्रमुख कड़ी है, जिसमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुरक्षित, स्थिर और कुशल बनाने पर ज़ोर दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

चीनी कस्टम प्रशासन के उप प्रमुख चांग पाओफेंग ने सम्मेलन में कहा कि एपीईसी की अर्थव्यवस्थाओं को व्यापार बाधाओं को दूर करने के प्रयास तेज़ करने चाहिए और सीमा पार व्यापार की अड़चनों को हटाने के लिए अधिक ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के बढ़ते विखंडन के बीच नियमों और मानकों में तालमेल बिठाना पहले से कहीं अधिक ज़रूरी हो गया है।

चांग पाओफेंग के तीन प्रस्ताव

सीमा शुल्क सहयोग को गहरा करने के लिए चांग पाओफेंग ने तीन-सूत्रीय प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

पहला — वास्तविक बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना और खुले तथा समावेशी एशिया-प्रशांत सहयोग के लिए नया ढाँचा तैयार करना। दूसरा — डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करते हुए तकनीकी नवाचार के ज़रिए सीमा शुल्क प्रशासन के नए मॉडल विकसित करना। तीसरा — सुरक्षा और सुविधा के बीच बेहतर संतुलन कायम करना और मज़बूत आपूर्ति श्रृंखला के ज़रिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र की दीर्घकालिक समृद्धि को बढ़ावा देना।

स्मार्ट सीमा शुल्क और सहयोग दस्तावेज़

सम्मेलन में चीनी कस्टम प्रशासन ने स्मार्ट सीमा शुल्क साझेदारी योजना की नवीनतम प्रगति साझा की और स्मार्ट सीमा शुल्क निर्माण से जुड़ी उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी आयोजित की। इसके साथ ही, चीनी पक्ष द्वारा प्रस्तावित सहयोग दस्तावेज़ — 'एपीईसी सीमा शुल्क द्वारा प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देकर व्यापार सुरक्षा और सुविधा को संयुक्त रूप से बढ़ावा देना' — को सम्मेलन में मंजूरी दिए जाने की घोषणा भी की गई।

आम जनता और उद्यमों पर असर

चांग पाओफेंग ने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन के ज़रिए जोखिमों की रोकथाम में सहयोग बढ़ेगा, व्यापार लागत घटेगी और सीमा शुल्क निकासी की दक्षता में सुधार होगा। उनके अनुसार, इससे उद्यमों के लिए अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और अनुमानित कारोबारी माहौल तैयार होगा।

क्या होगा आगे

यह ध्यान देने योग्य है कि एपीईसी की 'चीन वर्ष' गतिविधियों के तहत आने वाले महीनों में और भी बैठकें प्रस्तावित हैं। इस पूर्णाधिवेशन में लिए गए निर्णय और अनुमोदित दस्तावेज़ एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सीमा शुल्क सहयोग की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर कई क्षेत्रों में गैर-टैरिफ बाधाएं बनाए रखता है। स्मार्ट सीमा शुल्क और तकनीकी नवाचार के प्रस्ताव सकारात्मक हैं, लेकिन इनका क्रियान्वयन और पारदर्शिता ही इनकी असली कसौटी होगी। एपीईसी के अन्य सदस्य देश — विशेषकर अमेरिका और जापान — इन प्रस्तावों को किस नज़र से देखते हैं, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एपीईसी सीमा शुल्क प्रक्रियाओं की उपसमिति की 2026 की दूसरी बैठक कहाँ हुई?
यह बैठक 22 अगस्त 2026 को चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में आयोजित हुई। यह एपीईसी की 'चीन वर्ष' गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
चीनी कस्टम प्रशासन ने एपीईसी देशों के सामने क्या प्रस्ताव रखे?
चीनी कस्टम प्रशासन के उप प्रमुख चांग पाओफेंग ने तीन प्रस्ताव रखे: वास्तविक बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना, डिजिटल नवाचार से सीमा शुल्क प्रशासन के नए मॉडल विकसित करना, और सुरक्षा व सुविधा में संतुलन के ज़रिए एशिया-प्रशांत की दीर्घकालिक समृद्धि सुनिश्चित करना।
स्मार्ट सीमा शुल्क साझेदारी योजना क्या है?
यह चीनी कस्टम प्रशासन की एक पहल है जो तकनीकी नवाचार के ज़रिए सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने पर केंद्रित है। ताल्येन सम्मेलन में इसकी नवीनतम प्रगति साझा की गई और उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
इस सम्मेलन में कौन-सा दस्तावेज़ मंजूर किया गया?
सम्मेलन में चीनी पक्ष द्वारा प्रस्तावित 'एपीईसी सीमा शुल्क द्वारा प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देकर व्यापार सुरक्षा और सुविधा को संयुक्त रूप से बढ़ावा देना' शीर्षक सहयोग दस्तावेज़ को मंजूरी दी गई। यह दस्तावेज़ एपीईसी देशों के बीच सीमा शुल्क सहयोग की रूपरेखा तय करेगा।
इस बैठक का व्यापार और उद्यमों पर क्या असर होगा?
चांग पाओफेंग के अनुसार, इन प्रयासों से व्यापार लागत घटेगी, सीमा शुल्क निकासी की दक्षता बढ़ेगी और उद्यमों के लिए अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और अनुमानित कारोबारी माहौल बनेगा। एशिया-प्रशांत आपूर्ति श्रृंखला को अधिक स्थिर बनाना भी इसका उद्देश्य है।
राष्ट्र प्रेस
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