सरदार पटेल की 151वीं जयंती: जयशंकर ने अटलांटा में किया प्रतिमा का अनावरण, भारतीय समुदाय भी रहा मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 1 नवंबर 2026 को अटलांटा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास परिसर में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का औपचारिक अनावरण किया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस समारोह में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा और अटलांटा में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. सुमित सेठ भी उपस्थित रहे। यह अनावरण सरदार पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में किया गया।
समारोह का विवरण
वाणिज्य दूतावास परिसर में फूलों की मालाओं से सजे लॉन में राजनयिकों और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। जयशंकर ने परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की और हाथ जोड़कर नमन किया। सरदार पटेल की प्रतिमा के निकट उन्होंने पीले, नारंगी और लाल रंग की पंखुड़ियाँ अर्पित कीं। इसके बाद उन्होंने वहाँ उपस्थित भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की।
प्रतिमा की विशेषताएँ और निर्माण
'फेडरेशन ऑफ गुजराती एसोसिएशन्स ऑफ यूएसए' के अध्यक्ष डॉ. वासुदेव पटेल ने बताया कि फेडरेशन की राष्ट्रीय टीम ने इस प्रतिमा को प्रायोजित करने का निर्णय लिया था। यह संगठन अमेरिका में 110 से अधिक गुजराती संघों का प्रतिनिधित्व करता है।
प्रतिमा का वजन 780 पाउंड है और इसे पीतल, तांबे तथा अन्य धातुओं से निर्मित किया गया है। इसे भारत में तैयार कर हवाई मार्ग से भेजा गया और यह 24 घंटे के भीतर अटलांटा पहुँच गई। डॉ. पटेल ने बताया, "यह हवाई मार्ग से आया और 24 घंटे के भीतर यहाँ पहुँच गया।"
स्मृति पट्टिका और संदेश
प्रतिमा पर लगी स्मृति पट्टिका में सरदार पटेल को 'भारत का लौह पुरुष' बताया गया है और उनकी 151वीं जयंती के अवसर पर इसे स्थापित किया गया है। पट्टिका पर 'एकता, शक्ति, कर्तव्य' शब्द अंकित हैं। यह आयोजन भारत के स्वतंत्रता संग्राम की दो महान हस्तियों — गांधी और पटेल — को एक साथ सम्मान देने का अवसर बना।
जयशंकर की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इस अवसर को संदर्भित करते हुए लिखा, "पटेल अपनी दूरदृष्टि, नेतृत्व और भारत की एकता व अखंडता में अपने योगदान के जरिए हमेशा प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे।" एक अन्य पोस्ट में उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद को सुखद बताते हुए कहा, "उनकी उपलब्धियों और योगदान पर गर्व है।"
आगे की योजना
डॉ. वासुदेव पटेल के अनुसार, अटलांटा में की गई इस पहल के बाद अमेरिका के अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की प्रतिमाएँ स्थापित करने के प्रयास किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ भी जगह उपलब्ध होगी, फेडरेशन वहाँ और प्रतिमाएँ लगाने में मदद को तैयार है, ताकि भारतीय मूल के लोग और अन्य समुदाय एकजुट भारत के निर्माण में सरदार पटेल के योगदान से परिचित हो सकें। यह आयोजन अमेरिका में भारतीय विरासत को जीवंत रखने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।