अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर ऑस्ट्रेलियाई PM अल्बनीज का स्वागत, होर्मुज स्ट्रेट खुलने पर जताई खुशी
सारांश
मुख्य बातें
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने सोमवार, 15 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का खुलकर स्वागत किया और दोनों पक्षों से निरंतर संयम बनाए रखने की अपील की। कैनबरा से जारी इस बयान में उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोले जाने और नेविगेशन की स्वतंत्रता बहाल होने को एक सकारात्मक कदम बताया।
संयुक्त बयान में क्या कहा अल्बनीज और वोंग ने
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ एक संयुक्त बयान में कहा, 'ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से लेबनान समेत सभी जगहों पर तनाव कम करने और लड़ाई खत्म करने की माँग कर रहा है। जैसा कि हमने कहा है, यह लड़ाई जितनी लंबी चलेगी, इसका प्रभाव उतना ही ज़्यादा होगा। लड़ाई को और बढ़ने से रोकने और एक पक्का समझौता करने के लिए लगातार संयम और अच्छे काम करना ज़रूरी होगा।'
अल्बनीज ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रेलिया मध्य पूर्व में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देता रहेगा, और सरकार ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को इस संघर्ष के सबसे बुरे प्रभावों से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
ट्रंप की घोषणा: होर्मुज स्ट्रेट अब टोल-फ्री खुलेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक डील पूरी हो चुकी है, जिसके तहत होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोला जाएगा और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी समाप्त की जाएगी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई!'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं होर्मुज स्ट्रेट को टोल-फ्री खोलने की पूरी मंजूरी देता हूँ। इसके साथ ही, अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड को तुरंत हटाया जा रहा है। दुनिया भर के जहाजों, अपने इंजन चालू करो — तेल का प्रवाह शुरू होने दो।' ट्रंप ने इसे महीनों की तनातनी के बाद एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी करार दिया।
जर्मनी ने भी की तारीफ, वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत की उम्मीद
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा, 'मैं अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करता हूँ। इस कूटनीतिक कामयाबी के लिए मैं राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी पक्ष को बधाई देता हूँ। इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था की रिकवरी और इलाके में स्थिरता का रास्ता बन सकता है। जो बातें तय हुई हैं, उन्हें पक्के इरादे और फोकस के साथ लागू करना ज़रूरी है।'
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है — कई महीनों से वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव का केंद्र बना हुआ था।
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर असर
शिपिंग में रुकावटों के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी ने न केवल तेल आपूर्ति को प्रभावित किया, बल्कि व्यापक क्षेत्र में सैन्य संघर्ष की आशंका भी पैदा कर दी थी। इस समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के फिर से सुचारू होने की उम्मीद जगी है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह समझौता तब आया है जब कई पश्चिमी देश मध्य पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में कूटनीतिक प्रयास तेज़ कर रहे थे। अब सभी की नज़रें इस बात पर होंगी कि समझौते की शर्तें किस हद तक और किस गति से लागू होती हैं — क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार, कार्यान्वयन की प्रक्रिया ही इस कूटनीतिक सफलता की असली कसौटी होगी।