छिंगताओ शिखर सम्मेलन: 300 से अधिक बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना में 'सह-निर्माण' के लिए एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
चीन के छिंगताओ में 20 जून 2026 को आयोजित 7वें छिंगताओ शिखर सम्मेलन में 300 से अधिक विदेशी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी एकत्रित हुए, जहाँ मुख्य विषय था — '15वीं पंचवर्षीय योजना के लिए हाथ मिलाना: एक नए भविष्य की ओर'। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि वैश्विक बहुराष्ट्रीय निगम (MNCs) अब चीन को केवल एक बाज़ार के रूप में नहीं, बल्कि एक नवाचार-साझेदार के रूप में देख रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
इस शिखर सम्मेलन में सबसे अधिक चर्चित शब्द रहा — 'सह-निर्माण' (Co-creation)। यह शब्द बहुराष्ट्रीय निगमों और चीन के बीच संबंधों में आए गहरे बदलाव को रेखांकित करता है। अब कंपनियाँ केवल चीनी बाज़ार में उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि चीन की तकनीकी और विनिर्माण क्षमताओं के साथ मिलकर वैश्विक स्तर पर नए उत्पाद विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञ और उद्योग जगत की राय
फ्रांस की कंपनी अल्स्टॉम के चीन में अध्यक्ष कांग मिंग ने कहा, 'हम केवल चीन में उपयोग के लिए प्रौद्योगिकी का आयात, आत्मसात और उपयोग नहीं करते। आज के परिवेश में, हमें स्थानीय भागीदारों के साथ अधिक नवाचार करने की आवश्यकता है — नवीन अनुप्रयोगों को चीन में ही रखते हुए, साथ ही विदेशों में विस्तार के तरीके भी तलाशने होंगे।'
अमेरिका की कंपनी बेकर ह्यूजेस के उपाध्यक्ष एवं चीन में अध्यक्ष थ्साओ यांग ने कहा, 'हमने पाया कि हमारे चीनी साझेदारों की विनिर्माण क्षमताएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। चीनी निर्मित उत्पादों और प्रौद्योगिकियों को विदेशी बाज़ार में लाने के लिए दोनों पक्षों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।'
बदलाव की यात्रा: तीन चरण
विश्लेषकों के अनुसार, चीन में बहुराष्ट्रीय निगमों की भूमिका तीन स्पष्ट चरणों में विकसित हुई है — पहले 'चीन में प्रवेश', फिर 'चीन में जड़ें जमाना', और अब 'चीन के साथ सह-निर्माण'। यह प्रत्येक छलांग चीन के आर्थिक विकास के साथ सीधे मेल खाती है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में पुनर्गठन की प्रक्रिया जारी है और कई पश्चिमी देश 'चाइना-प्लस-वन' रणनीति अपना रहे हैं।
15वीं पंचवर्षीय योजना: नया मार्गदर्शक
चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना अब बहुराष्ट्रीय निगमों के लिए चीनी बाज़ार में रणनीति बनाने का एक महत्वपूर्ण संदर्भ-बिंदु बन गई है। इस योजना के तहत चीन उच्च-तकनीक विनिर्माण, हरित ऊर्जा और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश की योजना बना रहा है, जो विदेशी कंपनियों को सहयोग के नए अवसर प्रदान करता है।
आगे की राह
गौरतलब है कि यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और तकनीकी प्रतिबंधों के बावजूद, कई वैश्विक कंपनियाँ चीन के साथ सहयोग जारी रखने में अपना हित देख रही हैं। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 'सह-निर्माण' की यह अवधारणा व्यावहारिक साझेदारियों में किस हद तक परिणत होती है।