बलूचिस्तान में मानवाधिकार संगठन की चिंता: किसानों की हत्या के मामले में गंभीर आरोप

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बलूचिस्तान में मानवाधिकार संगठन की चिंता: किसानों की हत्या के मामले में गंभीर आरोप

सारांश

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में मानवाधिकार संगठन ने दो किसानों की **हत्या** की गंभीर घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इन घटनाओं ने क्षेत्र में बढ़ती **हिंसा** के खतरे को उजागर किया है।

Key Takeaways

  • बलूचिस्तान में किसानों की हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं।
  • मानवाधिकार संगठनों ने राज्य संस्थाओं पर आरोप लगाए हैं।
  • बच्चों और युवाओं को **टारगेट** किया जा रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।
  • मीडिया पर पाबंदियों के कारण मामले कम रजिस्टर हो रहे हैं।

क्वेटा, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बढ़ती हिंसा को लेकर एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने खुलासा किया है कि इस महीने के आरंभ में सुराब से दो किसानों को गायब कर दिया गया था और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। बलूचिस्तान प्रांत में आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह जानकारी सोमवार को साझा की गई।

द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने बताया कि 26 वर्षीय किसान तैमूर को 9 फरवरी को गायब किया गया। बीवाईसी का आरोप है कि तैमूर का शव कई दिनों तक हिरासत में रखने के बाद फेंक दिया गया, जिसमें उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे।

समूह ने बताया कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी के शिकार लोगों के परिवार संभावित दुर्व्यवहार और लापता होने के भय में जीते हैं। संगठन के अनुसार, कई मामलों में पीड़ितों को यातना दी गई और बाद में उनके शव दूरदराज के क्षेत्रों में पाए गए।

राइट्स ग्रुप के मुताबिक, तैमूर एक मेहनती किसान था। वह रोज काम करके अपना गुजारा करता था। समूह ने तैमूर की हत्या को इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कानून का उल्लंघन बताया, जिसमें इंटरनेशनल कवनेंट ऑन सिविल एंड पॉलिटिकल राइट्स (आईसीसीपीआर) के तहत जीवन के अधिकार और टॉर्चर पर रोक शामिल हैं।

एक अन्य मामले में, बीवाईसी ने कहा कि 31 वर्षीय किसान मुर्तजा को 9 फरवरी को सुराब के माल एफसी चेकपोस्ट से पाकिस्तान की फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के कर्मियों ने हिरासत में लिया। समूह का आरोप है कि मुर्तजा को बिना किसी अदालत के वारंट और बिना आरोपों की जानकारी दिए गिरफ्तार किया गया। द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार को उनकी स्थिति या ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

बीवाईसी ने कहा कि मुर्तजा के मामले की जानकारी यूनाइटेड नेशंस वर्किंग ग्रुप ऑन एनफोर्स्ड ऑर इनवॉलंटरी डिसअपीयरेंस के साथ साझा की गई थी, ताकि पाकिस्तानी अधिकारियों से उसकी किस्मत के बारे में जानकारी मिल सके। संगठन ने कहा कि मुर्तजा का शव 20 फरवरी को मिला, यानी उसे हिरासत में लेने के 11 दिन बाद। उसके शव पर भी बलूचिस्तान में रिपोर्ट किए गए दूसरे कथित जबरन गायब किए जाने के मामलों की तरह ही गंभीर चोट के निशान पाए गए।

बीवाईसी ने मुर्तजा की कथित न्यायेतर हत्या के लिए पाकिस्तान की राज्य संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया और संयुक्त राष्ट्र तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले का संज्ञान लेने, साथ ही पूर्ण, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की।

पिछले सप्ताह, बीवाईसी ने फरवरी महीने में बलूचिस्तान में न्यायेतर हत्या, जबरन गायब किए जाने और फेक एनकाउंटर में खतरनाक बढ़ोतरी की कड़ी निंदा की।

अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बीवाईसी ने पुष्टि की है कि 19 लोगों की न्यायेतर हत्या की गई है, जबकि कुछ अन्य मामलों की स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक दस्तावेजीकरण अभी बाकी है।

संगठन का कहना है, "बच्चों, युवाओं और बुज़ुर्गों को टारगेट किया जा रहा है। सच जानने की कोशिश करने वाले परिवारों को डराया-धमकाया जाता है, परेशान किया जाता है और धमकियां दी जाती हैं। जिंदगी, आजादी, सुरक्षा और न्याय के अधिकारों का व्यवस्थित तरीके से और जानबूझकर उल्लंघन किया जा रहा है।"

मानवाधिकार संस्था के मुताबिक, मीडिया कवरेज पर कड़ी पाबंदियों, कम सोशल मेलजोल और डर और धमकी के माहौल के कारण, बहुत कम मामले ही फॉर्मली रजिस्टर होते हैं या पब्लिक में डॉक्यूमेंट किए जाते हैं।

बीवाईसी ने घटनाओं की निंदा करते हुए कहा, "ये काम गैरकानूनी और अमानवीय हैं और बुनियादी मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं। ये बलूच लोगों की इज्जत, सुरक्षा और सामूहिक अस्तित्व पर सीधा हमला है। पूरे बलूचिस्तान में परिवार लगातार डर में जी रहे हैं। बच्चों, स्टूडेंट्स, मजदूरों और आम लोगों को बिना किसी वजह, सही प्रोसेस या जवाबदेही के टारगेट किया जा रहा है, किडनैप किया जा रहा है और मारा जा रहा है।"

Point of View

बलूचिस्तान में बढ़ती **हिंसा** और **जबरन गुमशुदगी** की घटनाएं न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि यह क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी खतरा हैं। यह आवश्यक है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले में हस्तक्षेप करे।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

बलूचिस्तान में किसानों की हत्या के पीछे क्या कारण हैं?
किसानों की हत्या के पीछे **हिंसा** और **जबरन गुमशुदगी** के बढ़ते मामलों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
मानवाधिकार संगठन क्या कर रहे हैं?
मानवाधिकार संगठन पाकिस्तान की राज्य संस्थाओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले में हस्तक्षेप करेगा?
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मामले का संज्ञान लेने की अपील की गई है।
क्या बलूचिस्तान में यह पहली बार हुआ है?
नहीं, इससे पहले भी बलूचिस्तान में **जबरन गुमशुदगी** और **हत्या** की घटनाएं हुई हैं।
स्थानीय मीडिया इस पर क्या कहता है?
स्थानीय मीडिया इस मामले को गंभीरता से उठा रहा है और **हिंसा** की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त कर रहा है।
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