क्या सैकड़ों कट्टरपंथियों ने मीडिया हाउस में तांडव मचाया? यूनुस ने एडिटर से की बातचीत

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क्या सैकड़ों कट्टरपंथियों ने मीडिया हाउस में तांडव मचाया? यूनुस ने एडिटर से की बातचीत

सारांश

बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं ने आगामी चुनावों के लिए चिंता बढ़ा दी है। युनूस के नेतृत्व वाली सरकार के वादों पर सवाल उठ रहे हैं। जानिए कैसे कट्टरपंथियों ने मीडिया हाउस पर हमला किया और इससे लोकतंत्र पर क्या असर पड़ रहा है।

मुख्य बातें

कट्टरपंथियों का हमला बांग्लादेशी मीडिया की स्वतंत्रता के लिए खतरा है।
यूनुस का बयान लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
पत्रकारों की सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

ढाका, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जिस आशा के साथ बांग्लादेश की जनता नए साल का सामना कर रही थी, अब उस पर हिंसा का साया मंडरा रहा है। बांग्लादेश में अगले साल चुनाव होने जा रहे हैं और उससे पहले की हिंसक घटनाएं युनूस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के उस वादे को संदेह में डाल रही हैं, जिसमें बांग्लादेश में शांति, समृद्धि और लोकतंत्र की वापसी का दावा किया गया था। निर्दलीय उम्मीदवार और इकबाल मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से देश में आगजनी की घटनाएं बढ़ गई हैं।

बांग्लादेशी मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, उपद्रवियों ने प्रदर्शनकारियों द्वारा ढाका में प्रोथोम एलो और द डेली स्टार के कार्यालयों पर हमला किया। डेली स्टार के अनुसार, कट्टरपंथियों ने कार्यालय में तोड़फोड़ करने के बाद नौ मंजिला इमारत के कुछ हिस्सों में आग लगा दी। स्थिति यह थी कि लगभग दो दर्जन से अधिक पत्रकार और कर्मचारी चार घंटे से अधिक समय तक अंदर फंसे रहे। इस बीच, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने दोनों मीडिया आउटलेट्स के संपादकों से बातचीत की।

बांग्लादेशी मीडिया बीएसएस न्यूज के अनुसार, चीफ एडवाइजर प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने कहा, “देश के दो प्रमुख मीडिया आउटलेट्स पर हमला, मीडिया पर हमला करने के समान है। इस घटना ने देश की लोकतांत्रिक प्रगति और स्वतंत्र पत्रकारिता के मार्ग में एक बड़ी बाधा खड़ी कर दी है।”

चीफ एडवाइजर के प्रेस विंग द्वारा आज दोपहर जारी एक बयान में कहा गया है कि यूनुस ने गुरुवार रात को दोनों मीडिया आउटलेट्स पर हुए हमले के बाद प्रोथोम एलो और द डेली स्टार के संपादकों से फोन पर बात की।

द डेली स्टार ने बताया कि आग पहले और दूसरे मंजिलों पर लगाई गई थी, लेकिन इसका धुआं तेजी से ऊपर की ओर फैलने लगा। आग फैलने के दौरान, कम से कम 28 पत्रकारों और ऑफिस स्टाफ ने अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग की छत पर शरण ली। लगभग चार घंटे बाद सेना और अग्निशामक टीम के सदस्यों ने उन्हें बचाया।

द डेली स्टार ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि जब फायर सर्विस की गाड़ी आग बुझाने के लिए कार्यालय पहुंचने का प्रयास कर रही थी, तो उपद्रवियों ने उसे रोक दिया। इस कारण रेस्क्यू में और समय लगा। प्रदर्शनकारी आधी रात से सुबह करीब 4:30100 से 200 लोगों का एक समूह मेन गेट तोड़कर बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में घुस गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

मेरा मानना है कि इस तरह की हिंसा केवल लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता को कमजोर करती है। हमें इस मुद्दे पर गहराई से सोचना होगा और सभी पक्षों की आवाज़ को सुनना होगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में हाल ही में क्या हुआ?
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने दो प्रमुख मीडिया आउटलेट्स पर हमला किया, जिससे कई पत्रकार फंसे रहे।
इस हमले का क्या असर होगा?
यह हमला लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
मुख्य सलाहकार यूनुस ने क्या कहा?
यूनुस ने कहा कि इस हमले ने मीडिया और लोकतंत्र की प्रगति में एक बड़ी बाधा खड़ी कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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