बराकाह न्यूक्लियर प्लांट ड्रोन हमले पर यूएनएससी की निंदा, यूएई ने किया स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 26 मई 2026 को जारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस बयान का स्वागत किया है, जिसमें 17 मई को बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की गई और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार दिया गया। परिषद ने स्पष्ट किया कि इस हमले से नागरिकों, बुनियादी ढाँचे और पर्यावरण को बड़ा खतरा उत्पन्न हुआ है।
यूएई का आधिकारिक रुख
संयुक्त राष्ट्र में यूएई मिशन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यूएनएससी का बयान साझा करते हुए कहा कि परिषद ने एकजुट होकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि यूएई में नागरिकों और नागरिक ढाँचे पर सभी हमले तुरंत और स्थायी रूप से बंद होने चाहिए। मिशन ने यह भी रेखांकित किया कि शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाना या उन्हें धमकी देना भी इसी श्रेणी में आता है।
यूएई मिशन ने कहा कि इस 'आक्रामकता' के लिए जिम्मेदार पक्षों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए — इसमें वे तत्व भी शामिल हैं जो प्रॉक्सी (छद्म) नेटवर्क के ज़रिए काम कर रहे हैं।
यूएनएससी के बयान के मुख्य बिंदु
परिषद के सदस्यों ने संबंधित प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की महासभा के निर्णयों का हवाला देते हुए शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर किसी भी प्रकार के हमले या धमकी को लेकर गहरी चिंता जताई। परिषद ने आईएईए के महानिदेशक के उस बयान का भी संदर्भ दिया, जिसमें कहा गया था कि परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालने वाली कोई भी सैन्य गतिविधि स्वीकार्य नहीं है।
सदस्यों ने सभी देशों से अपील की कि वे परमाणु सुरक्षा और संरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन करें और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचें जिससे परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को खतरा हो। परिषद ने यह भी दोहराया कि बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार डिज़ाइन, निर्मित और संचालित किया गया है और यह यूएई की संघीय परमाणु नियामक प्राधिकरण तथा आईएईए की सुरक्षा गाइडलाइंस के तहत कार्य करता है।
इराक से यूएई की अपील
यूएनएससी के बयान से पहले, यूएई के विदेश मंत्रालय ने इराक से भी अपील की थी कि वह अपने क्षेत्र से होने वाली किसी भी शत्रुतापूर्ण गतिविधि को रोके, जो इस ड्रोन हमले से जुड़ी हो सकती है। यह कदम इस बात का संकेत है कि यूएई कथित तौर पर इराक स्थित प्रॉक्सी नेटवर्क को इस हमले के पीछे मानता है।
हमले का विवरण
17 मई 2026 को यूएई के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें प्लांट के बाहर मौजूद एक जनरेटर को नुकसान पहुँचा। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में क्षेत्रीय तनाव पहले से ऊँचे हैं और परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि बराकाह संयंत्र अरब दुनिया का पहला वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र है।
आगे की राह
यूएनएससी की एकमत निंदा के बाद अब सवाल यह है कि जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कौन-से ठोस कदम उठाए जाएँगे। आलोचकों का कहना है कि बयान जारी करना पर्याप्त नहीं है — प्रॉक्सी नेटवर्क की पहचान और उन पर कार्रवाई ज़रूरी है। यूएई कूटनीतिक और बहुपक्षीय मंचों के ज़रिए दबाव बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ता दिख रहा है।