बलूचिस्तान में पाक सुरक्षा बलों पर ड्रोन-मोर्टार हमले, खारान के पटकिन में 5 ड्रोन दागे गए
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में 30 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा बलों के कई ठिकानों पर ड्रोन और मोर्टार से हमलों की एक के बाद एक घटनाएँ सामने आईं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खारान जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के शिविरों को निशाना बनाया गया, जिसमें जानमाल के नुकसान की खबर है। हालाँकि, हताहतों और क्षति के बारे में अधिकारियों ने अब तक कोई आधिकारिक आँकड़ा जारी नहीं किया है।
खारान में ड्रोन और मोर्टार का हमला
'द बलूचिस्तान पोस्ट' ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया कि गुरुवार को खारान के पटकिन इलाके में सुरक्षा बलों के एक मुख्य शिविर पर पाँच ड्रोन हमले किए गए। इसके बाद उसी शिविर पर मोर्टार से भी गोलाबारी की गई। इस हमले में हताहतों की संख्या और संपत्ति के नुकसान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
एक अलग घटना में खारान के अलबत इलाके में सुरक्षा बलों के एक अन्य शिविर को भी ड्रोन से निशाना बनाया गया। रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में ड्रोन में रखे विस्फोटक नहीं फटे, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
सुराब और अन्य जिलों में पूर्व की घटनाएँ
ये हमले तीन दिन पहले सुराब के तरकी बांध स्थित पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के शिविर पर हुए ड्रोन हमले के बाद सामने आए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उस दौरान शिविर के भीतर करीब 10 धमाकों की आवाजें सुनी गई थीं। वहाँ भी हताहतों और नुकसान का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं हुआ।
गौरतलब है कि ताज़ा हमलों की जिम्मेदारी अभी तक किसी भी सशस्त्र संगठन ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है। हालाँकि, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) इससे पहले बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी लेती रही है।
BLA का 'कहर' हवाई अभियान
BLA ने इस वर्ष की शुरुआत में अपने 'ऑपरेशन हेरोफ' के दूसरे चरण के तहत अपने हवाई विंग 'कहर' (काजी एयरो हाइव रेंजर्स — QAHR) के गठन की घोषणा की थी। संगठन ने दावा किया था कि उसने ग्वादर बंदरगाह सहित कई स्थानों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया है। हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो सकी है।
बसिमा, पंजगुर और तुरबत में काफिले पर घात
इसी सप्ताह बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के काफिलों पर भी घात लगाकर हमले किए गए। 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के अनुसार मंगलवार को बसिमा के साजिद इलाके के निकट सशस्त्र हमलावरों ने सुरक्षा बलों के एक काफिले को निशाना बनाया। इस घटना में जवानों के हताहत होने और दो वाहनों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की खबर है। सूत्रों के मुताबिक, दो घंटे से अधिक समय तक मुठभेड़ जारी रही, जिसके बाद सुरक्षा बलों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर भी पहुँचे।
बुधवार को पंजगुर के ग्वारगो इलाके में भी तीन वाहनों के एक पाकिस्तानी काफिले पर हमला किया गया। अधिकारियों ने इन घटनाओं में हताहतों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इसके अतिरिक्त, शुक्रवार सुबह तुरबत के नोडुज इलाके में बंदूकधारियों ने पाकिस्तानी सेना से कथित तौर पर जुड़े 'डेथ स्क्वॉड' के सदस्यों को निशाना बनाया, जिसके बाद काफी देर तक गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में सशस्त्र गुटों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। पाकिस्तान सरकार और सेना ने इन ताज़ा हमलों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। स्वतंत्र सत्यापन के अभाव में हताहतों और नुकसान की वास्तविक स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।