6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

संयुक्त राष्ट्र में चीन का आह्वान: AI, ड्रोन और इंटरनेट के आतंकी दुरुपयोग पर लगे अंकुश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
संयुक्त राष्ट्र में चीन का आह्वान: AI, ड्रोन और इंटरनेट के आतंकी दुरुपयोग पर लगे अंकुश

सारांश

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में चीन ने साफ संदेश दिया — AI, ड्रोन और इंटरनेट अब आतंकवाद के नए हथियार बन चुके हैं। सुन लेई ने 'तीन ताकतों' के तकनीकी प्रसार पर अंकुश और विकासशील देशों की क्षमता निर्माण में वैश्विक सहयोग की माँग रखी।

मुख्य बातें

सुन लेई ने 5 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी बैठक में उभरती तकनीकों के दुरुपयोग पर चिंता जताई।
आतंकवादी संगठन AI , ड्रोन और इंटरनेट का उपयोग प्रचार, भर्ती, वित्तपोषण और हमलों के लिए कर रहे हैं।
चीन ने हिंसक आतंकवाद, अलगाववाद और धार्मिक अतिवाद — 'तीन ताकतों' के तकनीकी प्रसार को रोकने का आह्वान किया।
विकासशील देशों की आतंकवाद विरोधी क्षमता बढ़ाने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की माँग रखी गई।
चीन SCO , BRICS और संयुक्त राष्ट्र मंचों पर आतंकवाद विरोधी सहयोग में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधिमंडल के अंतरिम चार्ज द'अफेयर सुन लेई ने 5 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी सार्वजनिक बैठक में कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों — जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ड्रोन और इंटरनेट शामिल हैं — के आतंकवादी दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाना अब वैश्विक प्राथमिकता बन चुकी है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि हिंसक आतंकवाद, अलगाववाद और धार्मिक अतिवाद — इन 'तीन ताकतों' को नई तकनीकों के माध्यम से फैलने से रोकने के लिए ठोस और समन्वित कदम उठाए जाएँ।

मुख्य घटनाक्रम

सुन लेई ने बैठक में स्पष्ट किया कि आतंकवादी संगठन अब इंटरनेट, AI, ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग प्रचार-प्रसार, भर्ती, वित्तपोषण और हमलों की योजना बनाने के लिए कर रहे हैं। उनके अनुसार, इससे आतंकवाद विरोधी प्रयासों के सामने नई और जटिल चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं जिनसे पारंपरिक तरीकों से नहीं निपटा जा सकता।

उन्होंने कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के उन प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है जो उभरती प्रौद्योगिकियों के नियमन को सुदृढ़ करने, जोखिमों का बेहतर आकलन करने और प्रभावी नियामक व्यवस्था विकसित करने पर केंद्रित हैं।

चीन की स्थिति और प्रस्ताव

सुन लेई ने रेखांकित किया कि वैश्विक आतंकवाद की स्थिति अब भी जटिल और गंभीर बनी हुई है। उन्होंने सभी देशों से 'साझा, व्यापक, सहयोगात्मक और टिकाऊ सुरक्षा' की अवधारणा अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता बनाए रखने और आतंकवाद विरोधी मुद्दों का राजनीतिकरण या दुरुपयोग करने से बचने का आग्रह किया।

उनका कहना था कि केवल एकजुटता और सहयोग के जरिए ही वैश्विक आतंकवाद विरोधी प्रयासों को वास्तव में प्रभावी बनाया जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब कई देश AI-संचालित निगरानी और ड्रोन तकनीक के दोहरे उपयोग को लेकर नीतिगत बहस में उलझे हुए हैं।

विकासशील देशों की क्षमता पर जोर

सुन लेई ने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विकासशील देशों की आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को मजबूत करने में सक्रिय सहयोग देना चाहिए। गौरतलब है कि साइबर और तकनीकी संसाधनों की असमान उपलब्धता के कारण कम विकसित देश आतंकी नेटवर्क के लिए आसान लक्ष्य बन सकते हैं।

बहुपक्षीय मंचों पर चीन की भूमिका

चीन के प्रतिनिधि ने बताया कि चीन लगातार वैश्विक सुरक्षा पहल को आगे बढ़ा रहा है और संयुक्त राष्ट्र, शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) तथा ब्रिक्स (BRICS) सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों के अंतर्गत आतंकवाद विरोधी सहयोग में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि चीन अपने अनुभव साझा करता रहेगा और सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक सामूहिक कार्रवाई के लिए तैयार है।

आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार, उभरती तकनीकों के आतंकी दुरुपयोग पर वैश्विक सहमति बनाना आसान नहीं होगा, क्योंकि विभिन्न देशों के बीच 'आतंकवाद' की परिभाषा और नियमन के दायरे को लेकर मतभेद हैं। बावजूद इसके, सुरक्षा परिषद में इस विषय पर खुली चर्चा को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में संयुक्त राष्ट्र स्तर पर तकनीक-आतंकवाद नियमन पर नई रूपरेखा तैयार होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए तकनीक-नियमन पर उसकी अपील में अंतर्विरोध है। असली सवाल यह है कि क्या संयुक्त राष्ट्र स्तर पर कोई बाध्यकारी नियामक ढाँचा बन पाएगा, या यह बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा — जैसा पिछले कई वर्षों में होता आया है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संयुक्त राष्ट्र में चीन ने उभरती तकनीकों के बारे में क्या कहा?
चीन के अंतरिम चार्ज द'अफेयर सुन लेई ने 5 अगस्त को सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि AI, ड्रोन और इंटरनेट का आतंकवादी दुरुपयोग बढ़ रहा है और इन पर प्रभावी नियमन ज़रूरी है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से ठोस नियामक व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया।
चीन की 'तीन ताकतें' क्या हैं?
चीन 'तीन ताकतों' से आशय हिंसक आतंकवाद, अलगाववाद और धार्मिक अतिवाद से लेता है। बीजिंग इस शब्दावली का उपयोग विशेष रूप से मध्य एशिया और शिनजियांग संदर्भ में आतंकवाद विरोधी नीतियों को परिभाषित करने के लिए करता है।
इस बैठक में चीन ने विकासशील देशों के बारे में क्या कहा?
सुन लेई ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विकासशील देशों की आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को मजबूत करने में सक्रिय सहयोग देना चाहिए। उनका तर्क था कि तकनीकी और साइबर संसाधनों की असमान उपलब्धता इन देशों को अधिक संवेदनशील बनाती है।
चीन किन बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद विरोधी सहयोग में शामिल है?
चीन संयुक्त राष्ट्र, शांगहाई सहयोग संगठन (SCO) और ब्रिक्स (BRICS) सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद विरोधी सहयोग में सक्रिय भूमिका निभाता है। सुन लेई ने कहा कि चीन अपने अनुभव साझा करता रहेगा और सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार है।
आतंकवाद में AI और ड्रोन का दुरुपयोग कैसे हो रहा है?
सुन लेई के अनुसार, आतंकवादी संगठन इंटरनेट और AI का उपयोग प्रचार-प्रसार व भर्ती के लिए, ड्रोन का उपयोग हमलों की योजना बनाने और क्रियान्वित करने के लिए, तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग वित्तपोषण के लिए कर रहे हैं। इससे पारंपरिक आतंकवाद विरोधी तरीके अपर्याप्त साबित हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले