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चीन ने एक दिन में दो 3.06 लाख DWT क्रूड ऑयल टैंकर डिलीवर कर बनाया वैश्विक रिकॉर्ड

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चीन ने एक दिन में दो 3.06 लाख DWT क्रूड ऑयल टैंकर डिलीवर कर बनाया वैश्विक रिकॉर्ड

सारांश

चीन के ताल्येन में एक ही दिन में दो 3.06 लाख DWT अल्ट्रा-लार्ज क्रूड ऑयल टैंकरों की डिलीवरी ने वैश्विक जहाज निर्माण में नया इतिहास रचा। हंगली हेवी इंडस्ट्री की यह उपलब्धि चीन की स्वदेशी तकनीकी क्षमता और उत्पादन दक्षता का प्रमाण है।

मुख्य बातें

6 जून 2025 को ताल्येन, ल्याओनिंग में एक ही दिन में दो 3 लाख 6 हजार DWT क्रूड ऑयल टैंकर डिलीवर किए गए।
दोनों टैंकरों के नाम 'एवरोस' और 'एकेलोस' हैं; निर्माता हंगली हेवी इंडस्ट्री है।
प्रत्येक जहाज की लंबाई 332.8 मीटर , चौड़ाई 60 मीटर , ऊँचाई 30 मीटर और अधिकतम गति 14.5 नॉट ।
प्रत्येक जहाज निर्धारित समय सीमा से कम से कम तीन महीने पहले तैयार हुआ।
जहाजों में अत्याधुनिक डिसल्फराइजेशन और डिनाइट्रिफिकेशन तकनीक; अंतर्राष्ट्रीय हरित पर्यावरण मानकों के अनुरूप।

चीन के पूर्वोत्तर राज्य ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में 6 जून 2025 को एक ऐतिहासिक क्षण आया, जब स्वदेशी तकनीक से निर्मित 3 लाख 6 हजार डेडवेट टन (DWT) क्षमता के दो अल्ट्रा-लार्ज क्रूड ऑयल टैंकर एक ही दिन में नामकरण और डिलीवरी के बाद आधिकारिक सेवा में उतारे गए। इस उपलब्धि ने वैश्विक जहाज निर्माण उद्योग में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

जहाजों का परिचय और विशेषताएँ

दोनों अल्ट्रा-लार्ज क्रूड ऑयल टैंकरों के नाम 'एवरोस' और 'एकेलोस' रखे गए हैं। दोनों एक ही श्रेणी के हैं और इन्हें ताल्येन स्थित हंगली हेवी इंडस्ट्री ने पूरी तरह स्वतंत्र रूप से डिजाइन और विकसित किया है। प्रत्येक जहाज की लंबाई 332.8 मीटर, चौड़ाई 60 मीटर और ऊँचाई 30 मीटर है, जबकि अधिकतम गति 14.5 नॉट है।

प्रदर्शन और पर्यावरण संरक्षण के मानकों के लिहाज से इन जहाजों को उद्योग में अत्याधुनिक माना जा रहा है। इनमें नवीनतम ऊर्जा-बचत उपकरणों के साथ-साथ अत्याधुनिक डिसल्फराइजेशन और डिनाइट्रिफिकेशन तकनीकें लगाई गई हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय हरित पर्यावरण मानकों को पूरी तरह पूरा करती हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

हंगली शिपबिल्डिंग के उप महाप्रबंधक वांग लेई ने बताया कि इन जहाजों की प्रमुख विशेषताओं में उच्च गति, कम ईंधन खपत, अधिक कार्गो क्षमता और भारी भार वहन क्षमता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के इन जहाजों में लगाई गई तकनीक इन्हें पर्यावरण और परिचालन — दोनों मोर्चों पर बेहतर बनाती है।

मुख्य घटनाक्रम: रिकॉर्ड कैसे बना

जानकारी के अनुसार, निर्माण के दौरान बड़े खंडों, विशाल ब्लॉकों और बड़े पैमाने की असेंबली तकनीकों का कुशल उपयोग किया गया, जिससे एक ही दिन में दोनों जहाजों की डिलीवरी संभव हो सकी। गौरतलब है कि प्रत्येक जहाज निर्धारित समय सीमा से कम से कम तीन महीने पहले तैयार कर लिया गया था — जो औद्योगिक दक्षता का उल्लेखनीय प्रमाण है।

वैश्विक जहाज निर्माण में चीन की बढ़ती ताकत

यह ऐसे समय में आया है जब चीन वैश्विक शिपबिल्डिंग बाजार में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ा रहा है। एक ही दिन में दो विशालकाय टैंकरों की डिलीवरी न केवल तकनीकी क्षमता, बल्कि उत्पादन प्रबंधन में भी चीन की परिपक्वता को दर्शाती है। आने वाले समय में इस तरह की उपलब्धियाँ वैश्विक ऊर्जा परिवहन क्षेत्र में चीनी जहाजों की माँग को और बढ़ा सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी देखने वाली बात होगी कि ये जहाज दीर्घकालिक परिचालन में पर्यावरण मानकों पर कितने खरे उतरते हैं, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय समुद्री नियामक निकाय उत्सर्जन मानकों को और कड़ा करने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन ने किस जहाज निर्माण रिकॉर्ड को तोड़ा?
चीन ने 6 जून 2025 को एक ही दिन में 3 लाख 6 हजार DWT क्षमता के दो अल्ट्रा-लार्ज क्रूड ऑयल टैंकर डिलीवर कर वैश्विक जहाज निर्माण उद्योग में नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इससे पहले एक दिन में इस श्रेणी के दो विशालकाय टैंकरों की एकसाथ डिलीवरी नहीं हुई थी।
'एवरोस' और 'एकेलोस' टैंकर किसने बनाए?
दोनों टैंकर ताल्येन, ल्याओनिंग स्थित हंगली हेवी इंडस्ट्री ने स्वतंत्र रूप से डिजाइन और निर्मित किए हैं। इनमें स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है और ये अंतर्राष्ट्रीय हरित पर्यावरण मानकों के अनुरूप हैं।
इन टैंकरों की प्रमुख तकनीकी विशेषताएँ क्या हैं?
प्रत्येक टैंकर की लंबाई 332.8 मीटर, चौड़ाई 60 मीटर, ऊँचाई 30 मीटर और अधिकतम गति 14.5 नॉट है। इनमें अत्याधुनिक डिसल्फराइजेशन, डिनाइट्रिफिकेशन तकनीक और ऊर्जा-बचत उपकरण लगाए गए हैं।
एक दिन में दोनों टैंकर डिलीवर करना कैसे संभव हुआ?
बड़े खंडों, विशाल ब्लॉकों और बड़े पैमाने की असेंबली तकनीकों के कुशल उपयोग से दोनों जहाजों का निर्माण तेज गति से हुआ। प्रत्येक जहाज निर्धारित समय सीमा से कम से कम तीन महीने पहले तैयार कर लिया गया था।
वैश्विक जहाज निर्माण उद्योग पर इसका क्या असर होगा?
यह उपलब्धि वैश्विक ऊर्जा परिवहन क्षेत्र में चीनी शिपबिल्डिंग की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को रेखांकित करती है। दक्षिण कोरिया और जापान जैसे पारंपरिक नेताओं के लिए यह एक सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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