चीन और मध्य एशिया के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रकाशन केंद्र की स्थापना
सारांश
Key Takeaways
- चीन-मध्य एशिया प्रकाशन केंद्र का उद्घाटन 16 मार्च को हुआ।
- यह केंद्र शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा।
- फराबी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय और शीआन च्याओथोंग विश्वविद्यालय के बीच सहयोग।
- यह रेशम मार्ग को फिर से जोड़ने का कार्य करेगा।
- संस्कृतिक सहयोग से दोनों देशों के बीच मित्रता में वृद्धि।
बीजिंग, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीन-मध्य एशिया प्रकाशन केंद्र का उद्घाटन 16 मार्च को कजाकिस्तान के फराबी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में किया गया।
सूत्रों के अनुसार, शीआन च्याओथोंग विश्वविद्यालय के प्रकाशन गृह और फराबी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय ने मिलकर इस केंद्र की स्थापना की है। यह केंद्र भविष्य में दोनों पक्षों के बीच शिक्षा प्रकाशन, चीन और मध्य एशिया के शास्त्रीय ग्रंथों के अनुवाद, डिजिटल प्रकाशन प्लेटफार्म की स्थापना, कॉपीराइट सहयोग के साथ-साथ प्रकाशन सेवाओं, शैक्षणिक आदान-प्रदान और प्रतिभा विकास में सक्रिय रहेगा।
अल्माटी स्थित चीनी महावाणिज्यदूत सू फांग छ्यो ने उद्घाटन समारोह में कहा कि संस्कृतिक सहयोग चीन और कजाकिस्तान के बीच आदान-प्रदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास और मित्रता में वृद्धि हुई है। वे आशा करते हैं कि यह प्रकाशन केंद्र चीन और मध्य एशियाई देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा।
फराबी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के संचालक तुइमेबाएव ने कहा कि यह प्रकाशन केंद्र पुस्तकें, ज्ञान और विज्ञान के माध्यम से चीन और मध्य एशियाई देशों के बीच की दूरियों को कम करेगा, और यह रेशम मार्ग को फिर से जोड़ने का एक पुल बनेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)