चीन-EU व्यापार परामर्श तंत्र की पहली बैठक ब्रसेल्स में, चार मुख्य मुद्दों पर संवाद
सारांश
मुख्य बातें
चीनी वाणिज्य मंत्री वांग वनथाओ और व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा के लिए यूरोपीय आयुक्त मारोस शेफकोविच ने 29 जून 2026 को ब्रसेल्स में चीन-यूरोपीय संघ (EU) व्यापार एवं निवेश परामर्श तंत्र की ऐतिहासिक पहली बैठक आयोजित की। इस बैठक के बाद दोनों पक्षों ने एक संयुक्त वक्तव्य भी जारी किया, जो द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश का संकेत है।
परामर्श तंत्र का उद्देश्य
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस परामर्श तंत्र का मुख्य लक्ष्य चीन और EU के बीच व्यापार एवं निवेश नीतियों पर मंत्री स्तरीय संवाद को मजबूत करना है। दोनों पक्षों ने माना कि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के रूप में द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और संतुलित बनाए रखना परस्पर हित में है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और संरक्षणवादी नीतियाँ अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों को नया आकार दे रही हैं।
चार कार्य मॉड्यूल
बैठक में तय किया गया कि इस परामर्श तंत्र में प्रारंभिक रूप से चार कार्य मॉड्यूल शामिल होंगे:
पहला — व्यापार एवं निवेश संतुलन; दूसरा — निर्यात नियंत्रण; तीसरा — बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR); और चौथा — विश्व व्यापार संगठन (WTO) सुधार। ये चारों क्षेत्र वे संवेदनशील बिंदु हैं जिन पर चीन और EU के बीच वर्षों से मतभेद रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
दोनों मंत्रियों के अधिकृत अधिकारियों ने इन चारों कार्य मॉड्यूल पर विस्तृत संवाद किया। साथ ही, दोनों पक्षों ने 2026 की शरद ऋतु में एक और मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई। गौरतलब है कि यह पहली बैठक ऐसे समय हुई है जब EU ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने जैसे कदम उठाए हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ा है।
आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार, इस परामर्श तंत्र की स्थापना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब इन कार्य मॉड्यूल के तहत ठोस नीतिगत परिणाम सामने आएंगे। WTO सुधार और निर्यात नियंत्रण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सहमति बनाना आसान नहीं होगा। शरद ऋतु 2026 की अगली बैठक में इन मॉड्यूल की प्रगति की समीक्षा अपेक्षित है।