29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

चीन में पूर्वोत्तर बाघों की संख्या 27 से बढ़कर 72, तेंदुए 42 से 115 हुए — एक दशक में दोगुनी वृद्धि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चीन में पूर्वोत्तर बाघों की संख्या 27 से बढ़कर 72, तेंदुए 42 से 115 हुए — एक दशक में दोगुनी वृद्धि

सारांश

चीन के पूर्वोत्तर बाघ एवं तेंदुआ राष्ट्रीय उद्यान में 2017 से अब तक बाघों की संख्या 27 से 72 और तेंदुओं की 42 से 115 हो गई है। वैश्विक बाघ दिवस पर जारी ये आंकड़े दर्शाते हैं कि राष्ट्रीय उद्यान-केंद्रित नीति और रूस के साथ सीमा पार सहयोग से लुप्तप्राय प्रजातियों की वापसी संभव है।

मुख्य बातें

वैश्विक बाघ दिवस (29 जुलाई 2025) पर चीन के राष्ट्रीय वानिकी और घासभूमि प्रशासन ने नवीनतम निगरानी आंकड़े जारी किए।
जंगली पूर्वोत्तर बाघों की संख्या 2017 में 27 से बढ़कर 72 हो गई — दोगुने से अधिक वृद्धि।
जंगली पूर्वोत्तर तेंदुओं की संख्या 42 से बढ़कर 115 हुई।
उद्यान में बाघों की गतिविधि के 30,000+ और तेंदुओं की गतिविधि के 40,000+ मामले दर्ज।
चीन ने रूस के लेपर्ड लैंड नेशनल पार्क के साथ सीमा पार संरक्षण सहयोग तंत्र स्थापित किया।

चीन के पूर्वोत्तर बाघ एवं तेंदुआ राष्ट्रीय उद्यान में जंगली बाघों और तेंदुओं की आबादी ने पिछले एक दशक में उल्लेखनीय पुनर्वापसी दर्ज की है। 29 जुलाई 2025 को वैश्विक बाघ दिवस के अवसर पर चीनी राष्ट्रीय वानिकी और घासभूमि प्रशासन द्वारा जारी नवीनतम निगरानी आंकड़ों के अनुसार, 2017 से अब तक जंगली पूर्वोत्तर बाघों की संख्या 27 से बढ़कर 72 और पूर्वोत्तर तेंदुओं की संख्या 42 से बढ़कर 115 हो गई है — दोनों में दोगुने से भी अधिक की वृद्धि। यह उपलब्धि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में चीन की नीतिगत प्रतिबद्धता का परिणाम बताई जा रही है।

मुख्य आंकड़े और उपलब्धियाँ

आंकड़ों के अनुसार, पूर्वोत्तर बाघ एवं तेंदुआ राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना के बाद से अब तक पूर्वोत्तर बाघों की गतिविधि के 30,000 से अधिक मामले और पूर्वोत्तर तेंदुओं की गतिविधि के 40,000 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ये संख्याएँ न केवल जनसंख्या वृद्धि बल्कि प्रजातियों की सक्रियता और आवास-विस्तार का भी संकेत देती हैं।

गौरतलब है कि पूर्वोत्तर बाघ (अमूर टाइगर) और पूर्वोत्तर तेंदुआ (अमूर लेपर्ड) दोनों ही वैश्विक स्तर पर गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों में गिने जाते हैं। इस संदर्भ में यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय संरक्षण समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण है।

संरक्षण नीति और राष्ट्रीय उद्यान की भूमिका

रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में चीन ने राष्ट्रीय उद्यानों को प्रकृति संरक्षण प्रणाली का मुख्य आधार बनाकर लुप्तप्राय प्रजातियों की बचाव परियोजनाएँ लागू की हैं। साथ ही वन्यजीव निगरानी नेटवर्क और बचाव प्रणालियों को सुदृढ़ किया गया है।

पूर्वोत्तर बाघ एवं तेंदुआ राष्ट्रीय उद्यान ने विशेष रूप से पारिस्थितिक संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं निगरानी, कानून प्रवर्तन, स्थानीय जनजीवन संरक्षण और सीमा पार सहयोग को एकीकृत रूप से बढ़ावा दिया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रमुख प्रजातियों के आवासों में प्रभावी सुधार हुआ है।

रूस के साथ सीमा पार सहयोग

चीन ने रूस के लेपर्ड लैंड नेशनल पार्क के साथ एक नियमित सहयोग तंत्र स्थापित किया है, जिसके तहत जनसंख्या सांख्यिकी, सीमा पार गश्त और सूचना साझाकरण जैसे कार्य संयुक्त रूप से किए जा रहे हैं। यह द्विपक्षीय सहयोग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन प्रजातियों का प्राकृतिक आवास दोनों देशों की सीमाओं में फैला हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार संरक्षण तंत्र के बिना किसी एक देश के प्रयास अधूरे रह सकते हैं, क्योंकि बाघ और तेंदुए अपनी विचरण सीमा में राष्ट्रीय सीमाओं का पालन नहीं करते।

वैश्विक संदर्भ में महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर बाघों की आबादी के संरक्षण को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ी हुई है। वैश्विक बाघ दिवस पर जारी ये आंकड़े न केवल चीन की संरक्षण सफलता को रेखांकित करते हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि दीर्घकालिक नीतिगत प्रतिबद्धता और वैज्ञानिक निगरानी से लुप्तप्राय प्रजातियों की आबादी को पुनर्स्थापित किया जा सकता है। आने वाले वर्षों में इस मॉडल की निरंतरता और विस्तार पर विशेषज्ञों की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन्हें उसी सरकारी तंत्र ने जारी किया है जो उद्यान का संचालन भी करता है — स्वतंत्र सत्यापन की अनुपस्थिति एक सवाल खड़ा करती है। फिर भी, 2017 से 2025 के बीच बाघों और तेंदुओं की संख्या में दोगुनी वृद्धि, यदि सत्य है, तो यह वैश्विक संरक्षण इतिहास में एक उल्लेखनीय उदाहरण है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह वृद्धि आवास-विस्तार और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी के साथ टिकाऊ बनी रहती है, या केवल संरक्षित क्षेत्र के भीतर सीमित रहती है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन के पूर्वोत्तर राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की संख्या कितनी बढ़ी है?
आंकड़ों के अनुसार, 2017 में 27 से बढ़कर 2025 तक जंगली पूर्वोत्तर बाघों की संख्या 72 हो गई है। यह दोगुने से अधिक की वृद्धि है और इसे संरक्षण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
चीन में पूर्वोत्तर तेंदुओं की संख्या में कितना बदलाव आया?
2017 में 42 से बढ़कर पूर्वोत्तर तेंदुओं की संख्या 115 हो गई है — लगभग तीन गुना वृद्धि। यह आंकड़े चीनी राष्ट्रीय वानिकी और घासभूमि प्रशासन ने वैश्विक बाघ दिवस पर जारी किए।
चीन ने वन्यजीव संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए हैं?
चीन ने राष्ट्रीय उद्यानों को संरक्षण प्रणाली का केंद्र बनाया है, लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए बचाव परियोजनाएँ चलाई हैं और वन्यजीव निगरानी नेटवर्क को मजबूत किया है। इसके अलावा रूस के लेपर्ड लैंड नेशनल पार्क के साथ सीमा पार संरक्षण सहयोग तंत्र भी स्थापित किया गया है।
पूर्वोत्तर बाघ और तेंदुआ राष्ट्रीय उद्यान कहाँ स्थित है?
यह राष्ट्रीय उद्यान चीन के पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थित है, जो रूस की सीमा से लगा हुआ है। इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण ही चीन और रूस के बीच सीमा पार संरक्षण सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
वैश्विक बाघ दिवस कब मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है?
वैश्विक बाघ दिवस प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिवस बाघों की घटती आबादी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता को रेखांकित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 12 घंटे पहले
  4. कल
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले