29 जुलाई 2026
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मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या 1000 पार होने का अनुमान, सीएम मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर किया ऐलान

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मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या 1000 पार होने का अनुमान, सीएम मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर किया ऐलान

सारांश

मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या 53 साल पहले दहाई में थी — आज 785 है, और अगली गणना में 1,000 पार होने का अनुमान है। सीएम मोहन यादव का यह ऐलान 'टाइगर स्टेट' की उपाधि को नई मज़बूती देता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 जुलाई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर घोषणा की कि अगली गणना में मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या 1,000 से अधिक होने का अनुमान है।
वर्ष 2022 की राष्ट्रीय बाघ गणना में मध्य प्रदेश में 785 बाघ दर्ज किए गए थे।
लगभग 53 वर्ष पूर्व राज्य में बाघों की संख्या मात्र दहाई के अंक में थी; 2016 में यह 250 तक पहुँची।
सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में बारहसिंघा पुनर्वास और कान्हा टाइगर रिज़र्व में टाइगर रिवाइल्डिंग पर वृत्तचित्रों के टीज़र रिलीज़ किए गए।
पद्मश्री से सम्मानित डॉ.
नारायण व्यास और मोहन नागर समेत उत्कृष्ट वन कर्मियों और समितियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 जुलाई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में घोषणा की कि अगली बाघ गणना में प्रदेश में बाघों की संख्या 1,000 से अधिक होने का अनुमान है। वर्ष 2022 की गणना में मध्य प्रदेश में 785 बाघ दर्ज किए गए थे, और यह छलांग राज्य को देश के वन्यजीव संरक्षण मानचित्र पर एक नई ऊँचाई पर स्थापित करेगी।

बाघ संरक्षण का ऐतिहासिक सफर

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि लगभग 53 वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या मात्र दहाई के अंक में थी। वर्ष 2016 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 250 हो गई, और 2022 की राष्ट्रीय गणना में 785 तक पहुँची। यह प्रगति दशकों के निरंतर संरक्षण प्रयासों और वन विभाग की सक्रिय निगरानी का परिणाम है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश को 'टाइगर स्टेट' का दर्जा प्राप्त है — यह उपाधि देश में सर्वाधिक बाघ आबादी वाले राज्य को दी जाती है।

कार्यक्रम में हुए प्रमुख आयोजन

भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री यादव ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण गतिविधियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और वन्यजीव संरक्षण के लिए नए वाहनों का लोकार्पण किया। विद्यालय और महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बाघ संरक्षण पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की।

वृत्तचित्र और सम्मान समारोह

मुख्यमंत्री ने सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में बारहसिंघा पुनर्वास और कान्हा टाइगर रिज़र्व में टाइगर रिवाइल्डिंग पर केंद्रित वृत्तचित्रों के टीज़र रिलीज़ किए। इस अवसर पर राज्य वन्यप्राणी बोर्ड के पद्मश्री से सम्मानित सदस्यों — डॉ. नारायण व्यास और मोहन नागर — का विशेष अभिनंदन किया गया। वन सुरक्षा समितियों, ईको विकास समिति, ग्राम वन समिति और उत्कृष्ट वन कर्मियों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।

सांस्कृतिक और पारिस्थितिक महत्व

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति उदारता का भाव सदैव से विद्यमान रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि बाघ शक्ति की देवी माँ दुर्गा का वाहन है, और इसका संरक्षण सांस्कृतिक दायित्व भी है। प्रदेश में बाघ के अतिरिक्त चीता, घड़ियाल, हाथी और जंगली भैंसे के संरक्षण में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में वन्यजीव-मानव संघर्ष की घटनाएँ भी चर्चा में हैं, और संतुलित वन प्रबंधन की माँग बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 के पार जाने का अनुमान निस्संदेह संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि बढ़ती बाघ आबादी के साथ वन-सीमा पर रहने वाले समुदायों के साथ संघर्ष की घटनाएँ भी बढ़ेंगी या नहीं। राज्य सरकार का ध्यान गणना के आँकड़ों पर केंद्रित है, जबकि मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की नीति और वन-सीमावर्ती गाँवों के पुनर्वास की प्रगति पर पारदर्शी रिपोर्टिंग अभी भी अपेक्षित है। 'टाइगर स्टेट' की उपाधि गर्व का विषय है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि बाघ और इंसान एक साथ कितने सुरक्षित हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या कितनी है और 1000 का अनुमान कब तक का है?
वर्ष 2022 की राष्ट्रीय बाघ गणना में मध्य प्रदेश में 785 बाघ दर्ज किए गए थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, अगली गणना में यह संख्या 1,000 से अधिक होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश को 'टाइगर स्टेट' क्यों कहा जाता है?
देश में सर्वाधिक बाघ आबादी वाले राज्य को 'टाइगर स्टेट' का दर्जा दिया जाता है, और मध्य प्रदेश यह उपाधि रखता है। 2022 की गणना में राज्य में 785 बाघ थे, जो अन्य राज्यों से अधिक हैं।
मध्य प्रदेश में पिछले 53 वर्षों में बाघों की संख्या कैसे बदली?
लगभग 53 वर्ष पूर्व राज्य में बाघों की संख्या दहाई के अंक में थी। 2016 में यह लगभग 250 हो गई, 2022 में 785 तक पहुँची, और अगली गणना में 1,000 पार होने का अनुमान है।
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 2026 पर मध्य प्रदेश में क्या आयोजन हुए?
भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने वन्यजीव संरक्षण प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, नए वाहनों का लोकार्पण किया, और सतपुड़ा व कान्हा टाइगर रिज़र्व पर वृत्तचित्रों के टीज़र रिलीज़ किए। पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास और मोहन नागर सहित उत्कृष्ट वन कर्मियों को पुरस्कार भी दिए गए।
मध्य प्रदेश में बाघ के अलावा कौन-से वन्यजीवों का संरक्षण हो रहा है?
राज्य में बाघ के साथ-साथ चीता, घड़ियाल, हाथी और जंगली भैंसे के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में बारहसिंघा को पुनः बसाने की विशेष पहल भी चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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