8 अगस्त 2026
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कोलंबिया के नए राष्ट्रपति डे ला एस्प्रिएला को अमेरिका का $1 अरब सुरक्षा सहायता का ऐलान

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कोलंबिया के नए राष्ट्रपति डे ला एस्प्रिएला को अमेरिका का $1 अरब सुरक्षा सहायता का ऐलान

सारांश

कोलंबिया में सत्ता बदलते ही अमेरिका ने 1 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता का ऐलान कर दिया। नए राष्ट्रपति डे ला एस्प्रिएला ने शांति वार्ता खारिज की, हवाई छिड़काव की वापसी का वादा किया और 'शील्ड ऑफ द अमेरिकाज' में शामिल होने की घोषणा की — लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी लहर का नया अध्याय।

मुख्य बातें

अबेलार्दो डे ला एस्प्रिएला ने 8 अगस्त 2026 को कैली के पिचिंचा बटालियन सैन्य अड्डे पर कोलंबिया के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
अमेरिकी विदेश विभाग ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद 1 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता देने की घोषणा की।
नई सरकार ने सशस्त्र समूहों के साथ शांति वार्ता समाप्त कर हवाई छिड़काव के ज़रिए कोका खेती नष्ट करने का वादा किया।
कोलंबिया ट्रंप के 'शील्ड ऑफ द अमेरिकाज' सुरक्षा कार्यक्रम में शामिल होगा।
डे ला एस्प्रिएला का लक्ष्य सरकार का आकार 40 प्रतिशत घटाना और तेल-गैस क्षेत्र को पुनर्जीवित करना है।
पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने नई सरकार को मान्यता देने से इनकार किया; विपक्ष ने सविनय अवज्ञा की चेतावनी दी।

दक्षिणपंथी नेता अबेलार्दो डे ला एस्प्रिएला के कोलंबिया का राष्ट्रपति पद संभालते ही अमेरिकी प्रशासन ने 8 अगस्त 2026 को लगभग 1 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता देने की घोषणा की। कैली स्थित पिचिंचा बटालियन सैन्य अड्डे पर शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद यह ऐलान हुआ, जो वाशिंगटन और बोगोटा के बीच एक नए रणनीतिक अध्याय की शुरुआत का संकेत है।

शपथ ग्रहण और पहली प्राथमिकताएँ

48 वर्षीय डे ला एस्प्रिएला ने शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार कैली के पिचिंचा बटालियन सैन्य अड्डे पर राष्ट्रपति पद की शपथ ली। अपने पहले संबोधन में उन्होंने देश में कानून-व्यवस्था बहाल करने, मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ा प्रहार करने और सशस्त्र आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध निर्णायक अभियान चलाने का वादा किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'आज कोलंबिया एक नया अध्याय लिख रहा है। टाइगर आ गया है।'

अमेरिकी सहायता और 'शील्ड ऑफ द अमेरिकाज'

अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया कि यह 1 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता कोलंबिया की नई सरकार के साथ सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने और साझा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, नई सरकार ने घोषणा की कि कोलंबिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किए गए 'शील्ड ऑफ द अमेरिकाज' सुरक्षा कार्यक्रम में शामिल होगा। शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिका की ओर से कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल उपस्थित था, जिसे दोनों देशों के बीच बढ़ते सुरक्षा सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।

नशा-विरोधी नीति और हवाई छिड़काव

नई सरकार का सबसे बड़ा फोकस कोकीन उत्पादन पर लगाम लगाना है। डे ला एस्प्रिएला ने कोका की अवैध खेती नष्ट करने के लिए हवाई छिड़काव फिर से शुरू करने की घोषणा की — यह वही पौधा है जिससे कोकीन बनाई जाती है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे हर्बीसाइड का उपयोग होगा जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक न हो। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आपराधिक गिरोहों और नार्को-टेररिस्ट समूहों के सामने केवल दो विकल्प हैं — कानून के समक्ष आत्मसमर्पण या सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई।

पेट्रो नीति से तीखा विराम

डे ला एस्प्रिएला की नीतियाँ पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की 'टोटल पीस' नीति से सीधे विपरीत हैं, जिसमें सशस्त्र समूहों के साथ शांति वार्ता पर ज़ोर था। नए राष्ट्रपति ने बातचीत के रास्ते को लगभग पूरी तरह खारिज कर दिया है और पेट्रो पर सशस्त्र समूहों को प्रश्रय देने का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि पेट्रो ने नए राष्ट्रपति की जीत को मान्यता नहीं दी है। विपक्षी नेता इवान सेपेडा ने शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान घोषणा की कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण सविनय अवज्ञा का मार्ग अपनाएगा।

आर्थिक एजेंडा और लैटिन अमेरिका का संदर्भ

अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर डे ला एस्प्रिएला ने सरकार का आकार लगभग 40 प्रतिशत तक घटाने और तेल तथा गैस क्षेत्र को पुनः गति देने का वादा किया है। हालाँकि, उनके प्रमुख चुनावी वादों को लागू करने के लिए उन्हें कोलंबियाई कांग्रेस में बहुमत जुटाना होगा, जहाँ राजनीतिक विभाजन गहरा है। गौरतलब है कि यह सत्ता परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब पेरू, अर्जेंटीना, चिली, इक्वाडोर, बोलीविया और पनामा जैसे लैटिन अमेरिकी देशों में भी अपराध, कमज़ोर अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के मुद्दों पर दक्षिणपंथी राजनीति मज़बूत हो रही है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि अमेरिकी सहायता और नई नीतियाँ कोलंबिया की ज़मीनी हकीकत बदल पाती हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि लैटिन अमेरिका में वाशिंगटन की भू-राजनीतिक पुनर्स्थापना है — और इसका समय महत्वपूर्ण है। डे ला एस्प्रिएला की जीत को ट्रंप के समर्थन का प्रत्यक्ष फल माना जा रहा है, जो दर्शाता है कि अमेरिका अब लैटिन अमेरिका में वैचारिक रूप से अनुकूल सरकारों को सक्रिय रूप से आकार दे रहा है। हवाई छिड़काव की वापसी पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी पुराने विवादों को फिर से जीवित कर सकती है, जिन्हें पहले अदालतों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण रोका गया था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना कांग्रेस में बहुमत के डे ला एस्प्रिएला के महत्वाकांक्षी वादे कागज़ से ज़मीन तक कैसे उतरेंगे।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलंबिया के नए राष्ट्रपति अबेलार्दो डे ला एस्प्रिएला कौन हैं?
अबेलार्दो डे ला एस्प्रिएला 48 वर्षीय दक्षिणपंथी नेता हैं, जिन्होंने 8 अगस्त 2026 को कैली के पिचिंचा बटालियन सैन्य अड्डे पर कोलंबिया के राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी माना जाता है और उन्हें चुनाव के दौरान ट्रंप का समर्थन प्राप्त था।
अमेरिका ने कोलंबिया को कितनी सुरक्षा सहायता देने का ऐलान किया?
अमेरिकी विदेश विभाग ने डे ला एस्प्रिएला के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद कोलंबिया को लगभग 1 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता देने की घोषणा की। यह सहायता दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग मज़बूत करने और साझा लक्ष्य हासिल करने के लिए दी जाएगी।
कोलंबिया में हवाई छिड़काव नीति क्या है और इसे क्यों फिर शुरू किया जा रहा है?
हवाई छिड़काव नीति के तहत कोका की अवैध खेती नष्ट करने के लिए हर्बीसाइड का हवाई उपयोग किया जाता है। डे ला एस्प्रिएला ने इसे फिर शुरू करने का वादा किया है और दावा किया है कि मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाने वाले रसायनों का उपयोग होगा।
'शील्ड ऑफ द अमेरिकाज' कार्यक्रम क्या है और कोलंबिया इसमें क्यों शामिल हो रहा है?
'शील्ड ऑफ द अमेरिकाज' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया क्षेत्रीय सुरक्षा कार्यक्रम है। कोलंबिया की नई सरकार ने इसमें शामिल होने की घोषणा की है, जो अमेरिका के साथ बढ़ते सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग का संकेत है।
पूर्व राष्ट्रपति पेट्रो और नई सरकार के बीच मुख्य मतभेद क्या हैं?
पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने 'टोटल पीस' नीति के तहत सशस्त्र समूहों से शांति वार्ता की थी, जबकि डे ला एस्प्रिएला ने इस रास्ते को पूरी तरह खारिज कर सुरक्षा बलों के ज़रिए निर्णायक कार्रवाई का संकेत दिया है। पेट्रो ने नए राष्ट्रपति की जीत को मान्यता देने से भी इनकार किया है।
राष्ट्र प्रेस
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