एडिलेड में लाल लोमड़ी में एच5 बर्ड फ्लू का संदिग्ध मामला, पालतू जानवरों और दुर्लभ प्रजातियों पर खतरा
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के महानगरीय क्षेत्र एडिलेड में एक लाल लोमड़ी (रेड फॉक्स) में एच5 बर्ड फ्लू संक्रमण की आशंका जताई गई है। वन्यजीव कर्मियों ने ओसबोर्न इलाके के रेत के टीलों में इस लोमड़ी को असामान्य न्यूरोलॉजिकल लक्षणों के साथ देखा, जिसके बाद उसे पकड़कर मार दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, संक्रमण की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण के बाद ही होगी।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य सरकार के मुताबिक, इस घटना के अतिरिक्त बर्ड फ्लू के चार अन्य संदिग्ध मामले भी सामने आए हैं। इनमें लाइमस्टोन कोस्ट के साउथेंड में एक लिटिल पेंगुइन का मामला भी शामिल है। पूरे ऑस्ट्रेलिया में संक्रमण के 300 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें सर्वाधिक 195 मामले अकेले दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में पुष्ट हुए हैं।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू का प्रसार तेज़ी से हो रहा है और अब यह कई स्थानीय व प्रवासी पक्षी प्रजातियों को अपनी चपेट में ले रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ पहले से ही देश की दुर्लभ प्रजातियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
डीकिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इवान रिची ने कहा कि लोमड़ियाँ अत्यधिक अवसरवादी शिकारी और मृत जीवों को खाने वाली प्रजाति हैं, इसलिए उनका संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आना अप्रत्याशित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोमड़ियाँ संक्रमित पक्षियों की तुलना में अधिक गतिशील नहीं होतीं, परंतु वे शहरी इलाकों में नियमित रूप से विचरण करती हैं और घरों के पिछवाड़े तथा मकानों के नीचे तक पहुँच जाती हैं।
रिची ने चेताया कि इस कारण लोमड़ियों का संपर्क पालतू कुत्तों, बिल्लियों और मुर्गियों से हो सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा घरेलू स्तर तक पहुँच सकता है। उन्होंने पालतू जानवरों को सुरक्षित तरीके से घर के भीतर या नियंत्रित क्षेत्र में रखने की सलाह दी।
दुर्लभ प्रजातियों पर मंडराता संकट
इनवेसिव स्पीशीज काउंसिल के रॉब ब्रूस्टर ने कहा कि यह संदिग्ध मामला उन ऑस्ट्रेलियाई स्तनधारियों के लिए भी गंभीर खतरे को रेखांकित करता है जो मृत या संक्रमित पक्षियों को खाकर वायरस के संपर्क में आ सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से तस्मानियाई डेविल और क्वॉल जैसी प्रजातियों का उल्लेख किया, जो पहले से ही विलुप्त होने के गंभीर खतरे का सामना कर रही हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और टीकाकरण कार्यक्रम
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया सरकार ने राज्य में एक वैक्सीन कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इसकी शुरुआत एडिलेड से लगभग 18 किलोमीटर पूर्व में स्थित क्लीलैंड वाइल्डलाइफ पार्क से होगी। इस कार्यक्रम के तहत पार्क में मौजूद लगभग 100 स्थानीय पक्षियों को टीका लगाया जाएगा, जिनमें मैगपाई गीज, ऑस्ट्रेलियन पेलिकन और रेड-टेल्ड ब्लैक कॉकाटू शामिल हैं।
आगे क्या होगा
लोमड़ी के नमूनों की प्रयोगशाला जाँच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही एच5 संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्तनधारियों में संक्रमण की पुष्टि होती है, तो दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में निगरानी और रोकथाम के उपाय और कड़े किए जाएँगे। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि बर्ड फ्लू का दायरा अब केवल पक्षियों तक सीमित नहीं रहा।