यून सुक-योल पर 180 दिन की जांच पूरी, स्पेशल काउंसल ने 58 लोगों पर तय किए आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल से संबंधित मामलों की 180 दिन चली व्यापक विशेष जांच 23 अगस्त 2025 को समाप्त हो गई। विशेष जांचकर्ता क्वोन चांग-यंग की अगुवाई में गठित दल ने इस अवधि में यून समेत 58 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए — जो दक्षिण कोरिया के राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी एकल विशेष जांचों में से एक मानी जा रही है।
जांच का दायरा और मुख्य आरोप
विशेष जांच दल ने फरवरी 2025 में काम शुरू किया था। जांच के तीन प्रमुख केंद्र-बिंदु थे — दिसंबर 2024 में यून का असफल मार्शल लॉ लागू करने का प्रयास, उनकी पत्नी किम कियोंग-ही पर भ्रष्टाचार के आरोप, और 2023 में एक मरीन सैनिक की संदिग्ध मौत। गौरतलब है कि इन मामलों की पिछली तीन विशेष जांच टीमें पूरी तरह पड़ताल नहीं कर पाई थीं, जिसके बाद यह चौथी और विस्तारित जांच अनिवार्य हो गई।
जांच दल ने यून पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। जांचकर्ताओं के अनुसार, यून ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे अमेरिका और अन्य प्रमुख साझेदार देशों के समक्ष उनके मार्शल लॉ के कदम को उचित ठहराएँ — जिसे आलोचक लोकतांत्रिक संस्थाओं के साथ खुला छल मानते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों पर भी आरोप
पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिन वॉन-सिक और पूर्व प्रधान उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार किम ताए-ह्यो को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। इन वरिष्ठ पदों पर रहे अधिकारियों का आरोपी बनाया जाना यह दर्शाता है कि जांच का दायरा केवल यून तक सीमित नहीं रहा।
किम कियोंग-ही पर भ्रष्टाचार के आरोप
विशेष जांच दल ने यून की पत्नी किम कियोंग-ही के विरुद्ध भी आरोप तय किए। उन पर 2022 में राष्ट्रपति भवन के स्थानांतरण से जुड़ी एक परियोजना में कथित तौर पर अनुचित हस्तक्षेप करने का आरोप है। जांचकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने एक ऐसी कंपनी को निर्माण ठेका दिलाने के लिए दबाव डाला, जिसे अधिकारी अयोग्य मानते थे।
आगे क्या होगा
जांच का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विशेष जांच दल ने 150 लोगों से जुड़े 46 मामले पुलिस को आगे की पड़ताल के लिए सौंप दिए। इसका अर्थ है कि इन मामलों में अंतिम निर्णय अब नियमित पुलिस एजेंसियाँ लेंगी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सभा ने जुलाई में जांच की अवधि 30 दिन बढ़ाने के साथ-साथ टीम में तैनात सरकारी अधिकारियों की अधिकतम संख्या 130 से बढ़ाकर 150 करने को मंजूरी दी थी।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया की राजनीति अभी तक दिसंबर 2024 के संकट के झटकों से उबर रही है। यून के मार्शल लॉ प्रयास की विफलता के बाद देश में व्यापक राजनीतिक उथल-पुथल मची और अंततः उन्हें राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया। यून के खिलाफ कानूनी कार्रवाई दक्षिण कोरिया की राजनीति में अत्यंत संवेदनशील विषय बनी हुई है और आने वाले महीनों में न्यायिक प्रक्रिया की दिशा पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।