ट्रंप के 'पब्लिक चार्ज' नियम पर रोक के लिए डेमोक्रेट्स का नया विधेयक, 18 सितंबर से लागू होना था नियम
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक सांसदों ने 13 अगस्त 2025 को एक नया विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य ट्रंप प्रशासन के उस 'पब्लिक चार्ज' नियम को लागू करने के लिए संघीय धन के इस्तेमाल पर रोक लगाना है, जो सरकारी सहायता लेने वाले प्रवासियों के लिए ग्रीन कार्ड हासिल करना कठिन बना सकता है। यह नियम 18 सितंबर से प्रभावी होने वाला है और इसे अमेरिकी इमिग्रेशन नीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
विधेयक का स्वरूप और प्रायोजक
'प्रोटेक्ट अमेरिकन वैल्यूज एक्ट' नामक यह विधेयक सीनेटर माइकल बेनेट, सीनेटर मैजी हिरोनो और कांग्रेसवुमन जूडी चू ने संयुक्त रूप से पेश किया। इसे 17 अन्य सीनेटरों और प्रतिनिधि सभा के दर्जनों सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल और राजा कृष्णमूर्ति भी इसके सह-प्रायोजकों में शामिल हैं।
यह विधेयक संघीय धन का उपयोग नए 'पब्लिक चार्ज' नियम को लागू करने, संचालित करने या उसके प्रवर्तन के लिए किए जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएगा।
नया नियम क्या बदलता है
ट्रंप प्रशासन के इस अंतिम नियम ने 2022 में बाइडेन प्रशासन द्वारा लागू की गई उस नीति को रद्द कर दिया है, जिसमें SNAP के तहत खाद्य सहायता, मेडिकेड और आवास सहायता जैसी गैर-नकद सरकारी सुविधाओं को 'पब्लिक चार्ज' के आकलन से बाहर रखा गया था।
'पब्लिक चार्ज' परीक्षण के ज़रिए इमिग्रेशन अधिकारी यह तय करते हैं कि कोई आवेदक भविष्य में सरकारी सहायता पर मुख्य रूप से निर्भर हो सकता है या नहीं। यदि अधिकारियों को ऐसा लगे, तो उस व्यक्ति को अमेरिका में प्रवेश या स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) का दर्जा देने से इनकार किया जा सकता है।
सांसदों की आपत्तियाँ
सांसदों का कहना है कि नए नियम में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन सरकारी लाभों को 'पब्लिक चार्ज' परीक्षण में शामिल किया जाएगा। उनके अनुसार इससे इमिग्रेशन अधिकारियों को ग्रीन कार्ड आवेदनों की समीक्षा में असीमित विवेकाधिकार मिल सकता है।
सीनेटर माइकल बेनेट ने कहा, "यह नियम सीमा सुरक्षा या सरकारी खर्च को बेहतर बनाने के बारे में नहीं है। इसका उद्देश्य उन प्रवासियों को सजा देना है जो सिर्फ अपने और अपने परिवार के लिए बेहतर जीवन बनाना चाहते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह विधेयक स्पष्ट संदेश देता है कि हमारा देश अपने समुदायों के साथ खड़ा रहेगा और इस प्रशासन की अमानवीय कोशिशों का विरोध करेगा।"
कांग्रेसवुमन जूडी चू ने कहा कि यह नीति ट्रंप के पहले कार्यकाल के 'पब्लिक चार्ज' नियम से भी अधिक व्यापक है। उन्होंने कहा, "पिछले नियम के विपरीत, इस अंतिम नीति में यह भी नहीं बताया गया कि किन लाभों को परीक्षण में गिना जाएगा — जिससे अधिकारियों को स्पष्ट कानूनी मानकों की बजाय व्यक्तिगत आकलन के आधार पर आवेदन खारिज करने की व्यापक शक्ति मिल जाती है।"
आम जनता और प्रवासियों पर असर
सांसदों ने चेतावनी दी है कि इस अनिश्चितता के कारण कई पात्र प्रवासी सरकारी सहायता लेने से भी कतरा सकते हैं, भले ही वे उसके हकदार हों। यह असर केवल अप्रवासियों तक सीमित नहीं है — उन अमेरिकी नागरिकों और कानूनी स्थायी निवासियों पर भी पड़ सकता है जो ऐसे मिश्रित-दर्जे वाले परिवारों में रहते हैं जहाँ कुछ सदस्य नागरिक हैं और कुछ नहीं।
गौरतलब है कि 'पब्लिक चार्ज' से जुड़े प्रावधान लंबे समय से अमेरिकी इमिग्रेशन कानून का हिस्सा रहे हैं, लेकिन अलग-अलग सरकारों ने इनकी व्याख्या अलग-अलग तरीके से की है। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इस नीति का दायरा बढ़ाया था, बाइडेन ने 2022 में इसे सीमित किया, और अब यह नियम एक बार फिर इस बहस को केंद्र में ले आया है।
आगे क्या होगा
यह विधेयक अभी संसद में विचाराधीन है और इसका भविष्य सीनेट व प्रतिनिधि सभा में बहुमत पर निर्भर करेगा। यदि यह पारित नहीं हुआ, तो नया 'पब्लिक चार्ज' नियम 18 सितंबर से स्वतः लागू हो जाएगा और लाखों प्रवासी आवेदकों की इमिग्रेशन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।