एच-1बी वीजा धारकों को ग्रीन कार्ड का रास्ता देने वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पेश, 80 लाख से अधिक को फायदे की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
कैलिफोर्निया के डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पैडिला ने अमेरिकी सीनेट में एक महत्वपूर्ण इमिग्रेशन विधेयक पेश किया है, जो एच-1बी वीजा धारकों सहित 80 लाख से अधिक दीर्घकालिक अप्रवासियों के लिए स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड का रास्ता खोल सकता है। यह विधेयक ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन इमिग्रेशन नीतियों को लगातार सख्त बनाने में जुटा है।
विधेयक में क्या है
यह विधेयक इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 249, जिसे 'रजिस्ट्री' प्रावधान कहा जाता है, में संशोधन का प्रस्ताव करता है। अभी इस प्रावधान के तहत पात्रता की कटऑफ तारीख 1 जनवरी 1972 है, जिसे पैडिला के विधेयक में बदलकर सात साल की रोलिंग (चलती) पात्रता अवधि करने का प्रस्ताव है। यह बदलाव कानून बनने के 60 दिन बाद प्रभावी होगा।
पात्रता के लिए शर्त यह है कि आवेदक ने आवेदन से पहले कम से कम सात वर्ष लगातार अमेरिका में निवास किया हो, उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो, और ग्रीन कार्ड की बाकी सभी मौजूदा पात्रता शर्तें पूरी हों।
किसे होगा फायदा
यह विधेयक कई श्रेणियों के अप्रवासियों को कवर करेगा — जिनमें ड्रीमर्स (बचपन में अमेरिका लाए गए अप्रवासी), अस्थायी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) धारक, आवश्यक सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी और लंबे समय से वीजा पर रह रहे लोगों के बच्चे शामिल हैं।
भारतीय पेशेवरों के लिए इस विधेयक का विशेष महत्व है। एच-1बी वीजा धारकों में भारतीयों की बड़ी हिस्सेदारी है और रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड पर लागू देशवार सीमा (कंट्री कैप) के कारण उन्हें स्थायी निवास के लिए अक्सर कई वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
सीनेटर पैडिला का पक्ष
सीनेटर पैडिला ने कहा, "एक साल पहले मैंने यह विधेयक ट्रंप प्रशासन द्वारा मेहनती अप्रवासियों के साथ किए जा रहे कठोर व्यवहार का विरोध करने के लिए पेश किया था।" उन्होंने जोड़ा, "तब से राष्ट्रपति ट्रंप के डर और दहशत फैलाने वाले अभियान में और तेजी आई है। जिन परिवारों ने इस देश में अपनी जिंदगी बसाई है, वे भी लगातार अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं।"
पैडिला ने आगे कहा, "कांग्रेस अब उन लाखों लंबे समय से रह रहे लोगों की अनदेखी नहीं कर सकती, जो हर दिन हमारी अर्थव्यवस्था और समाज में योगदान दे रहे हैं।"
समर्थन और राजनीतिक चुनौती
सीनेट में डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन इस विधेयक का सह-नेतृत्व कर रहे हैं और 14 अन्य सीनेटरों ने सह-प्रायोजक के रूप में समर्थन दिया है। कैलिफोर्निया की प्रतिनिधि जो लोफग्रेन प्रतिनिधि सभा में इससे संबंधित समान विधेयक का नेतृत्व कर रही हैं।
विधेयक को 30 से अधिक श्रमिक, आव्रजन और नागरिक अधिकार संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें AFL-CIO, सर्विस एम्प्लॉइज इंटरनेशनल यूनियन, यूनाइट हियर, यूनाइटेड फार्म वर्कर्स और नेशनल इमिग्रेशन लॉ सेंटर शामिल हैं।
गौरतलब है कि 'रजिस्ट्री' प्रावधान पहली बार 1929 में लागू हुआ था और अब तक चार बार संशोधित हो चुका है — सबसे हालिया संशोधन 1986 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के कार्यकाल में हुआ था। पैडिला के कार्यालय के अनुसार, 2015 से 2019 के बीच इस प्रावधान के तहत केवल 305 लोगों को ही स्थायी निवास प्राप्त करने की अनुमति मिल सकी।
आगे की राह
इमिग्रेशन पर गहरे पार्टी मतभेदों के बीच इस विधेयक का कांग्रेस में पारित होना अनिश्चित है। रिपब्लिकन बहुमत वाली सीनेट में इसे आगे बढ़ाना डेमोक्रेट्स के लिए बड़ी चुनौती होगी। फिर भी, यह विधेयक उन लाखों अप्रवासियों के लिए एक नई उम्मीद की किरण है जो वर्षों से कानूनी अनिश्चितता में जी रहे हैं।