ढाका वायु प्रदूषण रैंकिंग: 9 अगस्त को AQI 95 के साथ 15वें स्थान पर, कंपाला दुनिया में सबसे ऊपर
सारांश
मुख्य बातें
ढाका में 9 अगस्त 2026 को सुबह 9:18 बजे IST एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) स्कोर 95 दर्ज किया गया, जिससे यह शहर दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की वैश्विक सूची में 15वें स्थान पर रहा। AQI पैमाने के अनुसार यह स्तर 'मध्यम' श्रेणी में आता है, जो सामान्य नागरिकों के लिए तत्काल खतरा नहीं है, लेकिन अस्थमा, हृदय रोग और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील समूहों के लिए मामूली स्वास्थ्य चिंता का कारण बन सकता है।
वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष शहर
उसी दिन की रैंकिंग में युगांडा की राजधानी कंपाला 185 AQI स्कोर के साथ दुनिया में सबसे प्रदूषित शहर रही। इसके बाद मलेशिया का कुचिंग और इंडोनेशिया का जकार्ता दोनों 161 AQI स्कोर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। बहरीन की राजधानी मनामा 156 AQI के साथ तीसरे पायदान पर थी।
एक अन्य आँकड़े के अनुसार, उसी सप्ताह की एक रीडिंग में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो का किंशासा (188 AQI), कंपाला (173 AQI) और जकार्ता (149 AQI) क्रमशः पहले तीन स्थानों पर रहे — जो दर्शाता है कि अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के शहर लगातार इस सूची में बने हुए हैं।
ढाका की वायु गुणवत्ता का संदर्भ
तुलना के लिए, 1 अगस्त 2026 को ढाका का AQI 86 रहा था और वह सुबह 9:35 बजे वैश्विक सूची में 18वें स्थान पर था — यानी एक सप्ताह में स्थिति थोड़ी बिगड़ी है। ढाका दीर्घकाल से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझता रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों के महीनों में यहाँ हवा की गुणवत्ता सबसे खराब होती है, जबकि मानसून के दौरान कुछ राहत मिलती है।
AQI पैमाना और स्वास्थ्य जोखिम
AQI मानकों के अनुसार, 101 से 150 का स्तर 'संवेदनशील समूहों के लिए अस्वास्थ्यकर', 151 से 200 'अस्वास्थ्यकर', 201 से 300 'बहुत अस्वास्थ्यकर' और 301 से ऊपर का स्तर 'खतरनाक' माना जाता है। बांग्लादेश में AQI की गणना पाँच प्रमुख प्रदूषकों — पार्टिकुलेट मैटर (PM10 और PM2.5), नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और ओजोन — के आधार पर की जाती है।
वैश्विक स्वास्थ्य पर असर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुमान के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण दुनिया भर में हर साल लगभग 70 लाख लोगों की मौत होती है। इनमें स्ट्रोक, हृदय रोग, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), फेफड़ों का कैंसर और एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन प्रमुख कारण हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई शहरों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए नीतिगत उपायों की माँग तेज़ हो रही है।
आगे की राह
ढाका के लिए वायु गुणवत्ता की निगरानी जारी है और आने वाले महीनों में — विशेषकर सर्दियों की शुरुआत के साथ — स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। पर्यावरण विशेषज्ञ लंबे समय से औद्योगिक उत्सर्जन, वाहन प्रदूषण और निर्माण धूल को ढाका की खराब हवा के मुख्य कारणों के रूप में चिह्नित करते रहे हैं।