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नेपाल की 'डिजिटल संसद' पहल: सांसदों की हाजिरी और गतिविधियाँ अब ऑनलाइन, 1 लाख से ज़्यादा विज़िटर

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नेपाल की 'डिजिटल संसद' पहल: सांसदों की हाजिरी और गतिविधियाँ अब ऑनलाइन, 1 लाख से ज़्यादा विज़िटर

सारांश

नेपाल की संघीय संसद अपनी सभी गतिविधियाँ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ला रही है — और पहला झटका आया सबसे कम हाजिरी के आँकड़ों से। पुष्प कमल दहल की 17% उपस्थिति अब सार्वजनिक डेटा है। 1 लाख से ज़्यादा विज़िटर वाली यह वेबसाइट अभी परीक्षण में है, लेकिन जवाबदेही की बहस पहले ही शुरू हो चुकी है।

मुख्य बातें

नेपाल की संघीय संसद की 'डिजिटल पार्लियामेंट' वेबसाइट परीक्षण चरण में है; अब तक 1 लाख से अधिक विज़िटर आ चुके हैं।
आरएसपी सांसद शोभा खनल ने 97% उपस्थिति के साथ अपनी सक्रिय भागीदारी का स्क्रीनशॉट फेसबुक पर साझा किया।
सबसे कम हाजिरी में पुष्प कमल दहल 17% , रबी लामिछाने 50% , और हरका संपंग 55% रहे।
वेबसाइट का ट्रायल स्पीकर डीपी अर्याल , नेशनल असेंबली चेयरमैन नारायण प्रसाद दहल और मंत्री सोबिता गौतम की उपस्थिति में हुआ।
प्लेटफॉर्म पर विधेयक, संसदीय बैठक एजेंडा, सांसद प्रोफाइल और ऐतिहासिक दस्तावेज़ उपलब्ध होंगे।

नेपाल की संघीय संसद अपनी सभी गतिविधियों — सांसदों की प्रोफाइल, उपस्थिति रिकॉर्ड, विधेयक और ऐतिहासिक संसदीय दस्तावेज़ — को एक केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। काठमांडू से मिली रिपोर्टों के अनुसार, इस 'डिजिटल पार्लियामेंट' वेबसाइट के लॉन्च के बाद से अब तक 1 लाख से अधिक लोग इसे देख चुके हैं और हज़ारों सुधार-सुझाव भी प्राप्त हुए हैं। यह पहल नागरिकों को सांसदों की जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक सीधा डिजिटल माध्यम देती है।

आरएसपी सांसद शोभा खनल ने साझा किया भागीदारी का लेखा-जोखा

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की सांसद शोभा खनल ने फेसबुक पर इस नई डिजिटल व्यवस्था का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए अपनी संसदीय भागीदारी का स्क्रीनशॉट साझा किया। इस स्क्रीनशॉट में प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की बैठकों में उनकी 97 प्रतिशत हाजिरी दर्ज दिखाई गई।

खनल ने लिखा, 'अब डिजिटल टेक्नोलॉजी के ज़रिए सांसदों के काम को देखना मुमकिन है। जिन पर आप (जनता) नज़र रखते आए हैं! अब आप बिल और कानूनी दस्तावेज़, संसदीय बैठक की जानकारी, एजेंडा, संसदीय गतिविधियाँ और रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकते हैं।' यह बयान इस बात का संकेत है कि डिजिटल पारदर्शिता को लेकर नेपाल के सांसदों का एक वर्ग स्वयं सकारात्मक रुख अपना रहा है।

सबसे कम हाजिरी वाले सांसदों का रिकॉर्ड भी सार्वजनिक

सोशल मीडिया पर एक अन्य उपयोगकर्ता ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की बैठकों में सबसे कम उपस्थिति दर्ज कराने वाले नौ सांसदों की सूची का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। इस सूची के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की उपस्थिति 17 प्रतिशत, रबी लामिछाने की 50 प्रतिशत, और हरका संपंग की 55 प्रतिशत रही।

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में संसदीय जवाबदेही को लेकर सार्वजनिक बहस गहरी होती जा रही है। गौरतलब है कि वरिष्ठ नेताओं की कम उपस्थिति अब पहली बार सार्वजनिक डेटा के रूप में सामने आई है, जो इस डिजिटल पहल की सबसे महत्त्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा सकती है।

वेबसाइट अभी परीक्षण चरण में, लॉन्च पर गणमान्य उपस्थित रहे

संघीय संसद की यह वेबसाइट फिलहाल टेस्टिंग (परीक्षण) चरण में है। इसका ट्रायल स्पीकर डीपी अर्याल, नेशनल असेंबली के चेयरमैन नारायण प्रसाद दहल, और कानून, न्याय व संसदीय मामलों की मंत्री सोबिता गौतम की उपस्थिति में शुरू किया गया। इसके अलावा संसदीय अधिकारी, सांसद और संसद सचिवालय के कर्मचारी भी इस अवसर पर मौजूद थे।

स्पीकर अर्याल ने लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान कहा, 'इससे सदियों बाद भी नेपाल के संसदीय इतिहास तक आसानी से पहुँचा जा सकेगा और उसका अध्ययन किया जा सकेगा।' यह वक्तव्य इस पहल के दीर्घकालिक महत्त्व को रेखांकित करता है।

आम जनता पर असर

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए अब नेपाल की आम जनता सांसदों की प्रोफाइल, उनका राजनीतिक दलों से जुड़ाव, चुनाव क्षेत्र, संसदीय बैठकों में उपस्थिति, विधेयकों पर स्थिति और अन्य गतिविधियाँ एक ही जगह देख सकती है। निर्माण से जुड़े अधिकारियों के अनुसार वेबसाइट पर अब तक 1,00,000 से अधिक विज़िटर आ चुके हैं और हज़ारों सुझाव प्राप्त हुए हैं।

यह पहल दक्षिण एशिया में संसदीय पारदर्शिता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। भविष्य में इस प्लेटफॉर्म के पूर्ण रूप से लाइव होने के बाद नागरिक-जनप्रतिनिधि संवाद और अधिक सुलभ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब ये आँकड़े केवल सोशल मीडिया पर वायरल न रहकर संस्थागत जवाबदेही में बदलें। पुष्प कमल दहल जैसे वरिष्ठ नेता की 17% उपस्थिति का सार्वजनिक होना महत्त्वपूर्ण है, परंतु यह देखना ज़रूरी है कि क्या इस डेटा के आधार पर कोई ठोस संसदीय या कानूनी परिणाम भी सामने आते हैं। दक्षिण एशिया में जहाँ संसदीय पारदर्शिता अभी भी संघर्षरत है, नेपाल का यह प्रयोग एक नज़ीर बन सकता है — बशर्ते वेबसाइट केवल सूचना-प्रदर्शन तक सीमित न रहे और नागरिक-भागीदारी को वास्तविक नीतिगत प्रभाव दे।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल की 'डिजिटल पार्लियामेंट' वेबसाइट क्या है?
यह नेपाल की संघीय संसद द्वारा तैयार किया जा रहा एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहाँ सांसदों की प्रोफाइल, उपस्थिति रिकॉर्ड, विधेयक, संसदीय एजेंडा और ऐतिहासिक दस्तावेज़ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होंगे। यह वेबसाइट अभी परीक्षण चरण में है और इस पर अब तक 1 लाख से अधिक विज़िटर आ चुके हैं।
सबसे कम हाजिरी वाले सांसदों में कौन-कौन शामिल हैं?
उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की बैठकों में पुष्प कमल दहल की उपस्थिति 17%, रबी लामिछाने की 50%, और हरका संपंग की 55% रही। ये आँकड़े सोशल मीडिया पर साझा किए गए स्क्रीनशॉट के ज़रिए सामने आए हैं।
आरएसपी सांसद शोभा खनल ने डिजिटल संसद को लेकर क्या कहा?
शोभा खनल ने फेसबुक पर अपनी 97% उपस्थिति का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि डिजिटल तकनीक के ज़रिए अब नागरिक सांसदों की गतिविधियाँ, विधेयक, बैठकें और रिकॉर्ड ऑनलाइन देख सकते हैं। उन्होंने इसे जनता की निगरानी का एक नया माध्यम बताया।
इस वेबसाइट का ट्रायल किसकी उपस्थिति में हुआ?
डिजिटल पार्लियामेंट का ट्रायल स्पीकर डीपी अर्याल, नेशनल असेंबली के चेयरमैन नारायण प्रसाद दहल और कानून, न्याय व संसदीय मामलों की मंत्री सोबिता गौतम की उपस्थिति में किया गया। इसके अलावा सांसद, संसदीय अधिकारी और सचिवालय के कर्मचारी भी मौजूद थे।
यह पहल नेपाल की आम जनता के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक पहली बार एक ही जगह सांसदों की उपस्थिति, पार्टी संबद्धता, चुनाव क्षेत्र और संसदीय गतिविधियों की जानकारी ले सकते हैं। स्पीकर अर्याल के अनुसार यह वेबसाइट नेपाल के संसदीय इतिहास को सदियों तक सुरक्षित और सुलभ बनाए रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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