24 अगस्त 2026
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डीआरसी सरकार और एम23 के बीच शांति वार्ता रोडमैप पर सहमति, 24 अगस्त को पहला संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन

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डीआरसी सरकार और एम23 के बीच शांति वार्ता रोडमैप पर सहमति, 24 अगस्त को पहला संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन

सारांश

डीआरसी सरकार और एम23 ने स्विट्जरलैंड में पाँच दिन की बैठक के बाद शांति वार्ता का रोडमैप तय किया। 24 अगस्त को साउथ किवु के मिनेंब्वे में पहला संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन होगा — जनवरी 2025 से जारी हिंसा के बाद यह कूटनीतिक प्रक्रिया की अहम परीक्षा है।

मुख्य बातें

डीआरसी सरकार और एम23 ने 23 अगस्त 2026 को शांति वार्ता के लिए एक विस्तृत रोडमैप पर सहमति जताई।
17 से 21 अगस्त तक स्विट्जरलैंड में हुई बैठकों में दोहा फ्रेमवर्क समझौते की प्रगति और चुनौतियों की समीक्षा की गई।
पहला संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन 24 अगस्त को साउथ किवु प्रांत के मिनेंब्वे में निर्धारित है।
अप्रैल 2026 में मोंट्रोक्स बैठक में मानवीय सहायता प्रोटोकॉल और 10 दिनों में कैदी रिहाई पर सहमति बनी थी।
जनवरी 2025 से एम23 ने उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु में हमले तेज कर कई प्रमुख शहरों पर कब्जा किया है।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) की सरकार और विद्रोही संगठन 'मार्च 23 मूवमेंट' (एम23) ने 23 अगस्त 2026 को एक संयुक्त बयान में घोषणा की कि दोनों पक्ष शांति वार्ता के लिए एक विस्तृत रोडमैप पर सहमत हो गए हैं, जिसमें आगे की बातचीत का क्रम और समय-सीमा निर्धारित की गई है। यह सहमति स्विट्जरलैंड में 17 से 21 अगस्त के बीच आयोजित बैठकों के बाद सामने आई है।

बैठकों में क्या हुआ

स्विट्जरलैंड में हुई इन बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने दोहा शांति प्रक्रिया में अब तक हुई प्रगति और बची हुई चुनौतियों का आकलन किया। साथ ही, मौजूदा वादों को ज़मीन पर उतारने और दोहा फ्रेमवर्क समझौते के तहत बातचीत को आगे बढ़ाने के व्यावहारिक तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया गया। संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों पक्ष फ्रेमवर्क समझौते के तहत दायित्वों की पूर्ति में हुई प्रगति की समीक्षा करने और लंबित चुनौतियों के समाधान के लिए एक स्थायी तंत्र स्थापित करने पर भी राज़ी हुए।

संघर्ष-विराम सत्यापन की दिशा में कदम

दोनों पक्षों ने संघर्ष-विराम सत्यापन तंत्र को सक्रिय करने में हुई प्रगति का स्वागत किया। बयान के अनुसार, इस तंत्र का पहला सत्यापन मिशन 24 अगस्त को पूर्वी डीआरसी के साउथ किवु प्रांत के मिनेंब्वे में निर्धारित है। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने संघर्ष-विराम के कथित उल्लंघनों की रिपोर्टिंग के लिए एक मानक प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मानवीय सहायता और कैदियों की रिहाई

इससे पहले अप्रैल 2026 में स्विट्जरलैंड के मोंट्रोक्स में 13 से 17 अप्रैल तक हुई बैठकों में दोनों पक्षों ने मानवीय सहायता की पहुँच और न्यायिक सुरक्षा पर एक प्रोटोकॉल को अंतिम रूप देने की दिशा में 'काफी प्रगति' की थी। दोनों पक्षों ने पूर्वी डीआरसी में संघर्ष-प्रभावित आबादी तक त्वरित, सुरक्षित और बिना बाधा के मानवीय सहायता पहुँचाने का वादा किया था। नागरिकों के जीवन-यापन के लिए ज़रूरी संपत्ति को नष्ट करने या उस पर कब्जा करने से परहेज़ करने पर भी सहमति बनी थी। आपसी विश्वास बहाली के उद्देश्य से दोनों पक्ष पूर्व-निर्धारित व्यवस्थाओं के तहत 10 दिनों के भीतर कैदियों की रिहाई पर भी सहमत हुए थे।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि जनवरी 2025 से एम23 ने पूर्वी डीआरसी के उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु प्रांतों में अपने हमले तेज कर दिए हैं और कई प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया है। यह संघर्ष लाखों नागरिकों के विस्थापन और गंभीर मानवीय संकट का कारण बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय पूर्वी अफ्रीका में स्थायी शांति के लिए दबाव बढ़ा रहा है।

आगे की राह

दोनों पक्षों ने व्यापक शांति और संघर्ष-समाधान की दिशा में वार्ता जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रोडमैप में तय समय-सीमाओं का पालन और 24 अगस्त के सत्यापन मिशन की सफलता इस प्रक्रिया की अगली कड़ी तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्वी कांगो में इस तरह की घोषणाओं का इतिहास मिला-जुला रहा है — वादे होते हैं, ज़मीन पर स्थिति बदलती कम है। असली कसौटी 24 अगस्त का सत्यापन मिशन होगा: क्या एम23 उन क्षेत्रों में सत्यापनकर्ताओं को प्रवेश देगा जहाँ उसने जनवरी 2025 से कब्जा जमाया है? मानवीय सहायता प्रोटोकॉल पर 'काफी प्रगति' का दावा तब तक अधूरा है जब तक विस्थापित नागरिकों तक सहायता की वास्तविक पहुँच सत्यापित न हो। अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की साख इसी पर टिकी है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरसी और एम23 के बीच शांति रोडमैप क्या है?
यह एक संयुक्त सहमति-दस्तावेज़ है जिसमें दोनों पक्षों ने आगे की शांति वार्ता का क्रम और समय-सीमा तय की है। यह सहमति 17 से 21 अगस्त 2026 तक स्विट्जरलैंड में हुई बैठकों के बाद सामने आई और दोहा फ्रेमवर्क समझौते को आगे बढ़ाने का आधार बनेगी।
24 अगस्त का संघर्ष-विराम सत्यापन मिशन क्या है?
यह संघर्ष-विराम सत्यापन तंत्र का पहला मिशन है, जो 24 अगस्त 2026 को पूर्वी डीआरसी के साउथ किवु प्रांत के मिनेंब्वे में निर्धारित है। इसका उद्देश्य ज़मीन पर संघर्ष-विराम की स्थिति की जाँच करना और उल्लंघनों की रिपोर्टिंग के लिए मानक प्रक्रिया स्थापित करना है।
दोहा शांति प्रक्रिया क्या है और इसमें अब तक क्या हुआ है?
दोहा शांति प्रक्रिया डीआरसी सरकार और एम23 के बीच मध्यस्थता का एक अंतरराष्ट्रीय ढाँचा है। अप्रैल 2026 में स्विट्जरलैंड के मोंट्रोक्स में हुई बैठकों में मानवीय सहायता पहुँच और न्यायिक सुरक्षा प्रोटोकॉल पर 'काफी प्रगति' दर्ज की गई थी, और 10 दिनों में कैदी रिहाई पर भी सहमति बनी थी।
पूर्वी डीआरसी में एम23 का संघर्ष कब से जारी है?
जनवरी 2025 से एम23 ने पूर्वी डीआरसी के उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु प्रांतों में हमले तेज कर दिए हैं और कई प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया है। इस संघर्ष ने लाखों नागरिकों को विस्थापित किया है और गंभीर मानवीय संकट पैदा किया है।
मानवीय सहायता के संदर्भ में दोनों पक्षों ने क्या वादे किए हैं?
दोनों पक्षों ने संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित, सुरक्षित और बाधारहित मानवीय सहायता पहुँचाने का वादा किया है। इसके अलावा, नागरिकों की जीवन-यापन के लिए ज़रूरी संपत्ति को नष्ट न करने और सहायता कर्मियों व काफिलों की आवाजाही को सुगम बनाने पर भी सहमति जताई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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