इक्वाडोर में आपातकाल: राष्ट्रपति नोबोआ ने 10 प्रांतों और 3 नगरपालिकाओं में 60 दिनों के लिए लागू किया
सारांश
मुख्य बातें
इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने 17 जून 2026 को देश के 10 प्रांतों और 3 नगरपालिकाओं में 60 दिनों के लिए आपातकाल की घोषणा की है। संगठित आपराधिक गिरोहों की बढ़ती हिंसा, हत्याओं, अपहरण और ड्रग तस्करी के कारण उत्पन्न गंभीर आंतरिक अशांति को इसका आधार बताया गया है। यह नोबोआ सरकार की अपराध-विरोधी मुहिम का ताज़ा और सबसे व्यापक कदम है।
किन क्षेत्रों में लागू हुआ आपातकाल
सरकारी आदेश के तहत तटीय प्रांतों — गुआयास, मनाबी, सांता एलेना, लॉस रियोस, एल ओरो और एस्मेराल्डास — में आपातकाल प्रभावी हो गया है। इसके अलावा राजधानी क्विटो समेत पिचिंचा प्रांत, सैंटो डोमिंगो डे लॉस त्साचिलास, उत्तरी अमेज़न प्रांत सुकुम्बियोस और दक्षिणी प्रांत अज़ुआई भी इस आदेश के दायरे में हैं।
नगरपालिका स्तर पर कोटोपैक्सी प्रांत की ला माना, बोलिवर प्रांत की लास नेव्स और कैनार प्रांत की ला ट्रोनकल को भी इस आदेश में शामिल किया गया है।
सुरक्षा बलों को मिले विशेष अधिकार
आपातकाल के तहत सुरक्षा बलों को घरों की तत्काल तलाशी लेने का अधिकार दिया गया है — विशेष रूप से तब, जब संकेत मिले कि संगठित हथियारबंद समूहों के सदस्य किसी संपत्ति में छिपे हैं या वहाँ हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक अथवा अन्य प्रतिबंधित सामग्री मौजूद है।
आदेश के अनुसार, अधिकारियों को खतरों की पहचान, विश्लेषण और खुफिया जानकारी जुटाने का अधिकार भी दिया गया है। सुरक्षा अभियानों को बनाए रखने के लिए गैर-कानूनी सामान और सेवाओं को अस्थायी रूप से ज़ब्त करने का अधिकार भी इस आदेश में शामिल है। गौरतलब है कि इस आदेश के तहत पत्राचार की गोपनीयता से संबंधित कानूनी सुरक्षा को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।
हिंसा की स्थिति कितनी गंभीर
सरकारी आदेश में स्वीकार किया गया है कि इक्वाडोर में हाल के महीनों में हत्या, जबरन वसूली, अपहरण, लूटपाट और ड्रग तस्करी की घटनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इन घटनाओं से न केवल सामाजिक अशांति फैली है, बल्कि सामान्य आर्थिक गतिविधियाँ भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। आदेश में कहा गया है कि नागरिकों में व्याप्त भय को कम करने के लिए सशस्त्र बलों का हस्तक्षेप अपरिहार्य हो गया है।
आगे क्या होगा
यह आपातकाल 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा। विश्लेषकों का मानना है कि इक्वाडोर में संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान देश की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति की कसौटी बनेगा। नागरिक अधिकार संगठनों ने कथित तौर पर आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के निलंबन पर चिंता व्यक्त की है, हालाँकि सरकार का कहना है कि यह कदम अनिवार्य परिस्थितियों में उठाया गया है।